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आपकी बात

  • मानव जीवन का प्रकल्प बने अयोध्या

    - अरविन्द मिश्रा अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों भूमि पूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रधानमंत्री के उद्बोधन ने अयोध्या को लेकर एक ऐसा आख्यान प्रस्तुत किया है, जिसे देश के हर नागरिक को आत्मसात करना चाहिए। उन्होंने जिस प्रकार अपने भाषण में भगवान...

  • मानवता को शर्मसार करती मानव तस्करी

    - योगेश कुमार गोयल मावनता को शर्मसार कर देने वाली मानव तस्करी सभ्य समाज के माथे पर बदनुमा दाग है। भारत में मानव तस्करी को लेकर पिछले दिनों अमेरिकी विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट 'ट्रैफिकिंग इन पर्संस रिपोर्ट-2020' में भारत को गत वर्ष की भांति टियर-2 श्रेणी में रखा गया। रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने...

  • अयोध्या में राम: लोक संग्रह का आह्वान !

    - गिरीश्वर मिश्र सरयू नदी के पावन तट पर स्थित अवधपुरी, कोसलपुर या अयोध्या नाम से प्रसिद्ध नगरी का नाम भारत की मोक्षदायिनी सात नगरियों में सबसे पहले आता है-अयोध्या मथुरा माया काशी कांची अवंतिका, पुरी द्वारावती चैव सप्तैते मोक्षदायिका। मोक्ष का अर्थ है मोह का क्षय और क्लेशों का निवारण। तभी जीवन...

  • अयोध्याः नये अध्याय की आधारशिला

    - ऋतुपर्ण दवे जिस शुभ घड़ी का इंतजार था, आखिर वह आ ही गई। राममंदिर के लिए देश ने जो सपना देखा था, वह पूरा हो रहा है। देखने वाले राममंदिर को भले ही धार्मिक नजरिए से देखें लेकिन वह इससे कहीं अलग भारत की सद्भावना और शान का मुद्दा बनता गया और अंततः एक पहचान भी। राम अपने जन्मस्थान में रहेंगे,...

  • कोरोना और डॉ. टेड्रोस का बयान

    - डॉ. प्रभात ओझा देश में कोरोना की वैक्सीन का परीक्षण अंतिम चरण में है। सम्भव है कि अगले वर्ष के प्रारम्भ में ही इसे आम लोगों के लिए सुलभ कराया जा सके। रूस ने तो इसी साल अक्टूबर से ही कोरोना के टीकाकरण का अभियान शुरू करने की योजना बनाई है। यह अलग बात है कि दुनिया भर में रूस की वैक्सीन को लेकर...

  • अयोध्याः सांस्कृतिक वैभव का प्रतीक

    - डॉ. रामकिशोर उपाध्याय अयोध्या में राममंदिर का शिलान्यास होने जा रहा है। पांच अगस्त का दिन भारत के लिए सांस्कृतिक महत्व का दिन है। यह शिलान्यास केवल राममंदिर का ही नहीं अपितु उस प्राचीन संस्कृति के पुनर्निर्माण का भी है जिसने प्राणियों में सद्भावना-हो और विश्व का कल्याण-हो कहकर लोकमंगल की कामना ...

  • नया भारत और नेहरुयुगीन वैचारिकी का पिंडदान

    - डॉ. अजय खेमरिया अयोध्या में राममंदिर भूमिपूजन को लेकर जो रुदन बुद्धिजीवियों, रामद्रोही सियासी चेहरों द्वारा किया जा रहा है उसके निहितार्थ बहुत ही गहरे हैं। यह भूमिपूजन भारत के लिए केवल एक मंदिर भर का महत्व नहीं रखता है बल्कि 100 साल के आत्मगौरव से अलगाव और वाम आवरण से मुक्ति का महापर्व भी है।...

  • क्या देश लोकमान्य तिलक को भूल रहा है?

    - आर.के. सिन्हा स्वराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा' जैसा प्रेरक उद्बोधन देने वाले लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक को क्या देश भूल रहा है? अगर भूला नहीं भी है तो कम से कम देश ने उनकी 100 वीं पुण्यतिथि पर उन्हें सही ढंग से स्मरण भी तो नहीं किया। तिलक का निधन 1 अगस्त, 1920 को बंबई...

  • गहलोत और सचिन के बदलते सुर

    - डॉ. वेदप्रताप वैदिक राजस्थान में कांग्रेस पार्टी की राजनीति शायद फिर पटरी पर लौट सकती है। खासतौर से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ताज़ा बयान से ऐसी संभावना बन रही है। गहलोत का कहना है कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व यदि सचिन पायलट-गुट को क्षमा कर दे तो वे उसे फिर स्वीकार कर लेंगे। ऐसा कहकर गहलोत ने ...

  • सांस्कृतिक पुनर्जागरण में संस्कृत की भूमिका

    - गिरीश्वर मिश्र भारतीय प्रायद्वीप में संस्कृति के विकास की कथा की व्यापकता और गहनता का विश्व में कोई और उदाहरण नहीं मिलता न ही वैसी जिजीविषा का ही कोई प्रमाण मिलता है। नाना प्रकार के झंझावातों को सहते हुए भी यदि हजारों वर्ष बाद भी वह आज जीवित है तो यह उसकी आन्तरिक प्राणवत्ता के कारण ही सम्भव है। ...

  • राष्ट्रीय शिक्षा नीतिः छात्र केंद्रित शिक्षा का संकल्प पत्र

    - डा. राजशरण शाही शिक्षा किसी की राष्ट्र के विकास का सबसे सबल साधन है। शिक्षा की इस परिवर्तनकारी भूमिका को पहचानते हुये कोठारी आयोग (1964-66) ने लिखा है कि भारत के भाग्य का निर्माण उसकी कक्षाओं में हो रहा है। आजादी के पूर्व भी हमारे स्वतंत्रता संग्राम के नायकों ने शिक्षा की इस भूमिका को ठीक...

  • ऋग्वेदः विज्ञान और अनुभूति का महामिलन

    - हृदय नारायण दीक्षित ऋग्वेद के प्रति पूरे एशिया महाद्वीप में विशेष प्रकार का आदरभाव है। अमेरिकी विद्वान भी वेदों के प्रति उत्सुक हैं। ब्लूमफील्ड ने अथर्ववेद का अनुवाद किया है। जर्मन विद्वान मैक्समुलर ने ऋग्वेद का भाष्य किया है। भारत के लिए वेद वचन ईश्वर की वाणी हैं। ज्ञान के प्रति आदर प्रकट...

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