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राज काज - Page 1

  • मध्य प्रदेश: बकरे की माँ कब तक खैर मनाएगी ………..?

    मध्य प्रदेश में आए सियासी तूफान को मुख्यमंत्री कमलनाथ किसी न किसी बहाने टालते आ रहे है | पहले कहा गया कि जो विधायक बाहर उन्हें पहले लौट कर आना चाहिए | जब वे लौट कर आए मुख्यमंत्री कमलनाथ उनका कोरोना टेस्ट कराने की बात करते रहे | ये भी बागी विधायकों के खिलाफ एक नया दांव ही समझा जाता रहा |मध्य प्रदेश ...

  • (विचार-मंथन) होली के पर्व का संदेश

    लेखक- सिध्दार्थ शंकरसमाज में हर त्योहार का अपना महत्व होता है। इनमें होली सबसे खास है क्योंकि इस में समाज का हर वर्ग रंग में सराबोर होकर उत्साह से भरा दिखता है। रंगों के इस त्योहार में किसी का भेदभाव नहीं होना चाहिए, तभी होली के रंग का उत्साह समाज को खुशहाल बना सकता है। होली में रंग खेलने के अलावा...

  • जीत किसकी केजरीवाल या शातिराना राजनैतिक चालों की

    - राज सक्सेनाविधान सभा के ताजा चुनावों में दिल्ली की जनता ने सिद्ध कर दिया कि दिल्ली की राजधानी में प्रजातंत्र नहीं भीड़ तन्त्र है। दिल्ली की जनसंख्या में अधिकतर बाहर से आये हुए लोग हैं और उन्हें दिल्ली से दिली लगाव नहीं है। उन्हें मुफ्त की बिजली और मुफ्त के पानी की धार में बहना ही था वे बह गये ...

  • ब्रिटेन और फ्रांस को पीछे छोड़कर भारत बना विश्व की 5वीं अर्थव्यवस्था वाला देश ?

    -सनत जैन शोध रिपोर्ट पर विश्वसनीयता का संकट अमेरिका के एक शोध संस्थान वर्ल्ड पापुलेशन रिव्यू ने एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें दावा किया गया है, कि भारत की इकोनामी 2.94 ट्रिलियन डॉलर की हो गई है। भारत ने ब्रिटेन और फ्रांस को अर्थव्यवस्था के मामले में पीछे छोड़ दिया है यह रिपोर्ट ऐसे समय पर आई है।...

  • (विचार मंथन) काम की जीत

    -सिद्वार्थ शंकरदिल्ली में अरविंद केजरीवाल ने भाजपा और कांग्रेस पर झाड़ू लगा दिया है। कुल पड़े मतों का 50 फीसदी से ज्यादा हिस्सा हासिल कर केजरीवाल तीसरी बार दिल्ली का ताज पहनेंगे। पंजाब राजस्थान और मध्य प्रदेश के बाद दिल्ली ने साबित किया है कि विधानसभा चुनाव में जनता सिर्फ स्थानीय मुद्दों को तरजीह...

  • आत्महत्या दे रही चिंता

    -सिद्धार्थ शंकर नेशनल क्राइम ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार 2018 में किसानों से ज्यादा बेरोजगारों ने आत्महत्या की। 2018 में 12 हजार 936 लोगों ने बेरोजगारी के कारण आत्महत्या की। इसी अवधि में कुल 10 हजार 349 किसानों ने आत्महत्या की। केरल में 1585, तमिलनाडु में 1579, महाराष्ट्र में 1260, कर्नाटक में 1094 ...

  • सुरक्षा में सेंध

    -सिद्धार्थ शंकर किसी भी देश की सरहद की सुरक्षा की कमान या सेना के हवाले होती है या फिर पुलिस के। इन दोनों में से किसी एक ने भी जब ड्यूटी में ढील की तो देश को उसका अंजाम भुगतना पड़ा। हिजबुल कमांडर आतंकवादी नवीद बाबू के साथ पकड़े गए डीएसपी देविंदर सिंह को इसी श्रेणी में रखा जा सकता हैै। देविंदर...

  • दिल्ली की गलियों में नताओं का हुजूम

    दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 की घोषणा के साथ ही भाजपा में प्रत्याशी तय करने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। सभी विधानसभा क्षेत्रों के संभावित प्रत्याशियों के नाम पर रायशुमारी होगी, जिसमें विस्तारक, प्रभारी, संयोजक के साथ ही विधायक व पार्षद भी शामिल होंगे। जोकि सभी उम्मीदवारों को लेकर लिखित...

  • भारत की 46 नर्सों की जान बचाने वाले जाँबाज़ जनरल सुलेमानी की मौत

    जाँबाज़ संकटमोचक जनरल की मौत। इतिहास के पन्नों में काला अध्याय के रूप में अंकित एक ऐसी खौफनाक घटना के बारे बात करते हैं जिससे पूरा देश काँप उठा था। ऐसी दर्दनाक घटना 2014 में कारित हुई थी जिसने समूचे भारत को हिलाकर रख दिया था। एक ऐसी सूचना भारत के विदेश मंत्रालय को मिली जिससे पूरे देश की...

  • दिल्ली विधानसभा चुनाव २०२०- केजरीवाल को मिलेंगी कितनी सीटें

    दिल्ली में विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा होते ही, दिल्ली में चुनावी हलचल, राजनैतिक सरगर्मियाँ तेज हो गयी है। राजनैतिक सभा और नेताओं को पांच साल बाद आमजन की सुध लेने की याद आ गयी है। दिल्ली में 8 फरवरी को चुनाव होना तय हुआ है और चुनाव के परिणाम 11 फरवरी को आएंगे। यदि पिछले चुनाव परिणामों ...

  • (विचार-मंथन) दिल्ली में घमासान

    दिल्ली में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। आम आदमी पार्टी को जहां 2015 की प्रचंड जीत को दोहराने की उम्मीद है, वहीं भाजपा 2019 लोकसभा चुनाव में अपने प्रदर्शन से आशावादी है। कांग्रेस भी लोकसभा चुनाव में अपने प्रदर्शन के आधार पर अपनी खोई जमीन वापस पाने की उम्मीद कर रही है। इस बीच एबीपी न्यूज-सी...

  • देश के 'आखिरी रियासती राजा' और 'प्रथम सांसद' कमल सिंह युग का अंत

    - मुरली मनोहर श्रीवास्तव राजशाही में पले बढ़े महाराजा हमेशा लोकसेवक के भाव में रहे जन सरोकार से जुड़े उनके कई कामों को याद किया जाएगा आखिरी सांस तक कमल सिंह और कमल निशान साथ रहे डुमरांव रियासत की परंपरा का निर्वहन अपने जीवनकाल तक करते रहे राजनीति में ह्रास और सामाजिक...

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