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Read latest updates about "राज काज" - Page 1

  • आत्महत्या दे रही चिंता

    -सिद्धार्थ शंकर नेशनल क्राइम ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार 2018 में किसानों से ज्यादा बेरोजगारों ने आत्महत्या की। 2018 में 12 हजार 936 लोगों ने बेरोजगारी के कारण आत्महत्या की। इसी अवधि में कुल 10 हजार 349 किसानों ने आत्महत्या की। केरल में 1585, तमिलनाडु में 1579, महाराष्ट्र में 1260, कर्नाटक में 1094...

  • सुरक्षा में सेंध

    -सिद्धार्थ शंकर किसी भी देश की सरहद की सुरक्षा की कमान या सेना के हवाले होती है या फिर पुलिस के। इन दोनों में से किसी एक ने भी जब ड्यूटी में ढील की तो देश को उसका अंजाम भुगतना पड़ा। हिजबुल कमांडर आतंकवादी नवीद बाबू के साथ पकड़े गए डीएसपी देविंदर सिंह को इसी श्रेणी में रखा जा सकता हैै। देविंदर...

  • दिल्ली की गलियों में नताओं का हुजूम

    दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 की घोषणा के साथ ही भाजपा में प्रत्याशी तय करने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। सभी विधानसभा क्षेत्रों के संभावित प्रत्याशियों के नाम पर रायशुमारी होगी, जिसमें विस्तारक, प्रभारी, संयोजक के साथ ही विधायक व पार्षद भी शामिल होंगे। जोकि सभी उम्मीदवारों को लेकर लिखित...

  • भारत की 46 नर्सों की जान बचाने वाले जाँबाज़ जनरल सुलेमानी की मौत

    जाँबाज़ संकटमोचक जनरल की मौत। इतिहास के पन्नों में काला अध्याय के रूप में अंकित एक ऐसी खौफनाक घटना के बारे बात करते हैं जिससे पूरा देश काँप उठा था। ऐसी दर्दनाक घटना 2014 में कारित हुई थी जिसने समूचे भारत को हिलाकर रख दिया था। एक ऐसी सूचना भारत के विदेश मंत्रालय को मिली जिससे पूरे देश की...

  • दिल्ली विधानसभा चुनाव २०२०- केजरीवाल को मिलेंगी कितनी सीटें

    दिल्ली में विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा होते ही, दिल्ली में चुनावी हलचल, राजनैतिक सरगर्मियाँ तेज हो गयी है। राजनैतिक सभा और नेताओं को पांच साल बाद आमजन की सुध लेने की याद आ गयी है। दिल्ली में 8 फरवरी को चुनाव होना तय हुआ है और चुनाव के परिणाम 11 फरवरी को आएंगे। यदि पिछले चुनाव परिणामों...

  • (विचार-मंथन) दिल्ली में घमासान

    दिल्ली में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। आम आदमी पार्टी को जहां 2015 की प्रचंड जीत को दोहराने की उम्मीद है, वहीं भाजपा 2019 लोकसभा चुनाव में अपने प्रदर्शन से आशावादी है। कांग्रेस भी लोकसभा चुनाव में अपने प्रदर्शन के आधार पर अपनी खोई जमीन वापस पाने की उम्मीद कर रही है। इस बीच एबीपी न्यूज-सी...

  • देश के 'आखिरी रियासती राजा' और 'प्रथम सांसद' कमल सिंह युग का अंत

    - मुरली मनोहर श्रीवास्तव राजशाही में पले बढ़े महाराजा हमेशा लोकसेवक के भाव में रहे जन सरोकार से जुड़े उनके कई कामों को याद किया जाएगा आखिरी सांस तक कमल सिंह और कमल निशान साथ रहे डुमरांव रियासत की परंपरा का निर्वहन अपने जीवनकाल तक करते रहे राजनीति में ह्रास और सामाजिक...

  • नागरिकता संशोधन कानून पर उपद्रव..कुछ उलझे-उलझे प्रश्न , विपक्ष और औवेसी के संग

    भारत में जगह-जगह मुसलमान नारे लगा रहे है कि हमें चाहिए आजादी, लेकर रहेंगे आजादी, वो उपद्रव कर रहे है और हिंसा फैला रहे है। इसमें तालिबानीकरण की बू आती है। तालिबानियों को लठतंत्र में विश्वास है। जबकि जनतंत्र एक सभ्य व्यवस्था है। आखिर उनकी आजादी से मतलब क्या है। कहीं उनका तात्पर्य सम्पूर्ण भारत का...

  • सोशल मीडिया - पर उपदेश कुशल बहुतेरे

    आज के समय में सोशल मीडिया हम सभी के जीवन का एक अहम हिस्सा बन चुका है। आज के समय में इसे अभिव्यक्ति का एक नया और कारगर माध्यम कहा जा सकता है। आज हर व्यक्ति किसी न किसी प्रकार से सोशल मीडिया का प्रयोग अपने दैनिक, सामाजिक, परिवारिक या व्यवसायिक जीवन में कर रहा है। सोशल मीडिया को प्रयोग करने वाला...

  • भगवा पर प्रियंका के अनुचित बोल

    डॉ. दिलीप अग्निहोत्री नागरिकता संशोधन अधिनियम की सियासत में भगवा रंग का उल्लेख अनुचित ही नहीं अटपटा भी है। वैसे भी धर्म-संस्कृति पर सतही तौर पर बोलने से बचना चाहिए। योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री हैं। उनका विरोध सहज है। लेकिन सियासी मंसूबे के लिए भगवा पर बोलना उतना ही अनुचित है। कांग्रेस ने कुछ वर्ष...

  • सैन्य प्रमुख की प्राथमिकताएं और चुनौतियां

    -योगेश कुमार गोयल नये साल के ठीक एक दिन पहले 31 दिसम्बर को देश के 28वें थलसेना अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने वाले 59 वर्षीय वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मुकुंद नरवणे के सामने गंभीर सामरिक चुनौतियां हैं। उन्होंने ऐसे विकट समय में यह दायित्व संभाला है, जब भारत हर पल सीमा पर चीन और सीमापार पाकिस्तान से...

  • उन्नीस को छोड़ , बनिए आप भी बीस..आ गया ट्वेंटी - ट्वेंटी !

    डॉ० घनश्याम बादल लीजिए 2019 को 'उन्नीसं सिद्ध करता हुआ साल 'ट्वेंटी ट्वेंटी' यानी 2020 द्वार पर खड़ा है एक नए साल के रूप में । 31 दिसंबर को 'आउट' कर एक जनवरी एक नया साल लेकर हाजिर हो गया है। यूं तो जीवन पल-पल क्षण क्षण चलता और बदलता ही रहता है उस पर भी समय तो सदैव ही गतिमान रहने वाला तत्व है...

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