Top

सहारनपुर में माफियाओं की 47 लाख की संपत्ति होगी जब्त, तालाबों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई

सहारनपुर में माफियाओं की 47 लाख की संपत्ति होगी जब्त, तालाबों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई

सहारनपुर 21 नवंबर - उत्तर प्रदेश में सहारनपुर के जिलाधिकारी अखिलेश सिंह की अदालत ने जिले के तीन माफियाओं की 47 लाख से ज्यादा की संपत्ति को जब्त किए जाने के आदेश जारी किए हैं।

जिलाधिकारी ने बताया कि बिहारीगढ़ के थाना कोठारी बहलोलपुर निवासी आरिफ के खिलाफ गैंगस्टर आदि की धाराओं में कई मुकदमें दर्ज हैं। आरिफ के गांव में 144.56 वर्ग मीटर के मकान जिसकी कीमत 19 लाख 36 हजार कीमत हैं की कुर्की के आदेश दिए गए हैं।

दूसरा मामला जिले के थाना मिर्जापुर के गांव का है जहां जावेद के खिलाफ गैंगस्टर मामलों की सुनवाई में जिलाधिकारी ने तहसीलदार बेहट को उसकी मोटर साइकिल को कुर्क का आदेश दिया है। जिलाधिकारी ने चिलकाना थाने के दुमझेड़ा निवासी रिजवान के खिलाफ 20 आपराधिक मामलों जिनमें गैंगस्टर एक्ट भी शामिल हैं। उस पर गौवध हत्या मामले भी दर्ज हैं। रिजवान की गांव स्थित 250 वर्ग मीटर में बने मकान और उसकी संपत्ति को कुर्क करने के आदेश दिए गए हैं।

जिला प्रशासन ने अभियान चलाकार तालाबों से अतिक्रमण हटाने और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के भी निर्देश दिये हैं।

जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को शनिवार को निर्देश जारी किए कि वे अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करें। उन्होंने तालाबों के सौंदर्यीकरण किए जाने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन की मंशा है कि सभी तालाबों में पानी की गुणवत्ता अच्छी हो और सभी तालाब अतिक्रमणमुक्त हों एवं उन स्थलों का ठीक से सौंदर्यीकरण किया जाए।

इसी के साथ जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि 15वें वित्त आयोग में जिले को मिलने वाली धनराशि का आधा हिस्सा पेयजल और जल संरक्षण पर खर्च किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नगर निगम सहारनपुर को 15वें वित्त आयोग के तहत 16 करोड़ 85 लाख और 17 करोड़ 85 लाख की दो ग्रांट मिली हैं। शासन ने इस बारे में जो दिशा-निर्देश जारी किए हैं उसके मुताबिक नगर निगम इस धनराशि का आधा हिस्सा विकास कार्यों पर व्यय करेगी और आधा हिस्सा जल संरक्षण, ठोक अवशेष निस्तारण पर खर्च किया जाएगा।

नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि 17 करोड़ रूपए पेयजल पाइपलाइनों की मरम्मत और पानी की उपलब्धता पर खर्च किए जाएंगे। नगरायुक्त ने बताया कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग और तालाबों की साफ सफाई एवं संरक्षण पर आधी धनराशि खर्च की जाएगी।

Share it