Top

जिस सरकार में जेल में बंद शराब तस्कर को उपाध्यक्ष बनाया जा रहा हो,उसमे कानून व्यवस्था की हालत कैसी होगी-संजय गर्ग

जिस सरकार में जेल में बंद शराब तस्कर को उपाध्यक्ष बनाया जा रहा हो,उसमे कानून व्यवस्था की हालत कैसी होगी-संजय गर्ग

अलीगढ-। उत्तर प्रदेश समाजवादी व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष संजय गर्ग ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यकाल व्यापारियों के लिए कतई शुभ नहीं रहा। पिछले लगभग 3.5 वर्ष से उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था के नाम पर जंगल राज कायम हो गया है। श्री गर्ग आज अलीगढ में लूट के शिकार हुए सर्राफ के यहाँ पहुंचे थे।

उन्होंने कहा कि 11 सितंबर 2020 को अलीगढ़ के बन्ना देवी थाना क्षेत्र में सुदेश वर्मा के व्यापारिक प्रतिष्ठान पर दिनदहाड़े हुई 40 लाख के जेवरात 50 हजार की नकदी की लूट ,अलीगढ़ की कानून व्यवस्था के नाम पर एक बड़ा प्रश्न चिन्ह है। दिन के लगभग 1.00 बजे तीन बदमाश बिना मुंह ढके, एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर सुदेश वर्मा के प्रतिष्ठान को लूटकर चले जाते हैं, व्यापारी द्वारा शोर मचाए जाने के उपरांत भी जनपद की पुलिस उन्हें पकड़ नहीं पाती है। इससे पहले लॉकडाउन में ही अलीगढ़ में 22 लाख की एक बड़ी लूट, गांधी पार्क में 6.50 लाख की लूट, धनीपुर में फाइनेंस कर्मियों से 11.50 लाख की लूट, व्यापारी को अगवा कर छह लाख की फिरौती वसूल ली जाती है तथा धनीपुर मंडी के सामने 35 लाख की लूट हो जाती है और इस पर भी गुडवर्क के नाम पर अलीगढ़ जनपद में पुलिस कानून व्यवस्था को संभालने के स्थान पर ,घर के बाहर खड़े वाहनों का चालान करने में व्यस्त रहती है

उन्होंने कहा कि जिस जनपद में जेल में बंद शराब तस्कर को सत्तारूढ़ भाजपा में मंडल उपाध्यक्ष का पद दे दिया जाता हो उस जनपद में कानून व्यवस्था किस स्तर तक गिर गई होगी, यह अपने आप में एक सोचनीय प्रश्न है। वर्तमान शासन में जिस तंत्र के ऊपर कानून व्यवस्था का जिम्मा है। वहीं व्यापारियों से वैध और अवैध तरीकों से धन उगाही में लगा हुआ है। कानपुर का संजीत यादव कांड, महोबा में व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी से पुलिस कप्तान द्वारा मांगी गई फिरौती की रकम हो और ना देने पर व्यापारी की हत्या कर दी जाती है। मेरठ में व्यापारी अमन जैन की लूट के बाद हत्या हो जाती है। मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर के पिपराइच में पान व्यापारी के बेटे बलराम गुप्ता की अपहरण के बाद हत्या, लखनऊ में प्रॉपर्टी डीलर दुर्गेश यादव की दिनदहाड़े हत्या, कानपुर में फाइनेंस कंपनी के मालिक जयगोपालपुरी की हत्या, रामपुर में पेट्रोल पंप मालिक की हत्या और बरेली के में था, व्यापारी रूपेश अग्रवाल की हत्या कुछ उदाहरण मात्र है। इसके अतिरिक्त सैकडों ऐसी घटनाएं हैं। जिनमें पीड़ित पक्ष पुलिस के पास पहुंचता ही नहीं है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में व्यापारी इस समय नोटबंदी और ग़लत जीएसटी से हताशा की स्थिति में है, और कोरोना की मार से आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो रहा है तथा इस तरह की बिगड़ी क़ानून व्यवस्था में लूट, डकैती, अपहरण और हत्या से पूरी तरह असुरक्षित है। समाजवादी पार्टी कानून व्यवस्था के सबसे बुरे दौर में, पीड़ित व्यापारियों के साथ है और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर वह जनपद के व्यापारियों को यह विश्वास दिलाने आए कि हम आपके साथ हैं और इसके लिये हम हर सम्भव तरीक़े से आपकी सुरक्षा के लिये प्रतिबद्ध हैं, मौक़ा मिलने पर व्यापारियों की सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करेंगे।

Share it