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देवबंद: पीपीई नहीं होने से कोरोना संक्रमित को वेंटीलेटर की सुविधा नहीं मिल पाएगीः प्रसिद्ध चिकित्सक डा. डीके जैन

देवबंद: पीपीई नहीं होने से कोरोना संक्रमित को वेंटीलेटर की सुविधा नहीं मिल पाएगीः प्रसिद्ध चिकित्सक डा. डीके जैन


देवबंद/सहारनपुर (गौरव सिंघल)। सहारनपुर जनपद के जाने-माने देवबंद निवासी फिजीशियन गोल्ड मैडेलिस्ट डाक्टर डीके जैन ने रविवार को बताया कि सहारनपुर जनपद में उन समेत कई प्राइवेट नर्सिग होम में वेंटीलेटर की सुविधा जरूर उपलब्ध है। लेकिन कोरोना वायरस के गंभीर स्थिति वाले संक्रमित रोगी को हम लोग वेंटीलेटर की सुविधा इसलिए प्रदान करने की स्थिति में नहीं है क्योंकि हम लोगों के पास तकनीशियन को पहनाने के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पर्सनल प्रोटेक्टिव इकिव्पमेंट) नहीं है। बिना इस सुरक्षा कवच के जिला भर में जितने भी वेंटिलेटर उपलब्ध है उनका बिना पीपीई की सहायता के कोरोना पीडित समुचित उपचार से वंचित रहेगा। कोरोना वायरस पर विशेषज्ञता रखने वाले और देवबंद के रेलवे रोड स्थित कैलाश चंद जैन मैमोरियल नर्सिंग होम के संचालक डा. डीके जैन ने कहा कि भारत में अभी भले ही कोरोना संक्रमित की संख्या एक हजार के पार पहुंच गई है लेकिन इक्का-दुक्का मामलों को छोडकर अभी तक ऐसे गंभीर रोगी सामने नहीं आए जिन्हें वेंटीलेटर की सहायता देनी पडी। उन्होंने खास बात यह कही कि कुल संक्रमित रोगियों में मात्र दो फीसद को ही वेंटीलेटर की मदद लेने की स्थिति पैदा होती है। भारत अभी इस स्थिति से बचा हुआ है। डा. जैन ने बताया कि संक्रमित 85 फीसद लोगों में संक्रमण नाक तक सीमित रहता है और 13 फीसद में संक्रमण गले तक पहुंचता है। मात्र दो फीसद में संक्रमण फेफडो तक पहुंचता है। डा.जैन ने कहा कि एक माह के भीतर कोरोना संक्रमण की तीव्रता कम हो जाएगी। उन्होंने इस संक्रमण से बचाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोशल डिस्टेंस के कदम को सबसे उपयुक्त बताते हुए कहा कि उन्हांेंने आशंका है कि यदि लोगों ने एक-दूसरे से अलहैदगी रखने के निर्देशों का गंभीरता से पालन नहीं किया तो स्थिति गंभीर और काबू से बाहर भी हो सकती है।

ध्यान रहे सहारनपुर जिला अस्पाल और मेडिकल कालेज में आठ वेंटीलेटर उपलब्ध है लेकिन न टेक्नीशियन है और न ही पीपीई की सुविधा। इसके लिए सहारनपुर नगर के विधायक संजय गर्ग ने जिला प्रशासन को विधायक निधि से 25 लाख रूपए प्रदान किए है।

जिले मे अभी तक करीब एक दर्जन संदिग्धों की जांच की गई है। लेकिन सभी सैंपल नेगेटिव पाए गए है।

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