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एक ही विद्यालय में दो प्रिसिंपल अलग अलग करेंगी झंडारोहण

एक ही विद्यालय में दो प्रिसिंपल अलग अलग करेंगी झंडारोहण



कानपुर । सुनने में अजीब लग सकता है लेकिन सच है कि गणतंत्र दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश में कानपुर के एक परिषदीय विद्यालय में काबिज दो प्रधानाचार्य अलग अलग झंडारोहण करेंगी।

किदवईनगर खंड के उस्मानपुर प्राथमिक विद्यालय में झंडारोहण का यह कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति की अभिव्यक्ति से ज्यादा शिक्षा विभाग मेें व्याप्त भ्रष्टाचार की हकीकत बयां करेगा। दरअसल, सरकार के आदेशानुसार एक ही इमारत में चल रहे उस्मानपुर कन्या और उस्मानपुर बालक प्राथमिक विद्यालय का संविलयन पिछले साल जुलाई में कर दिया गया था लेकिन सरकारी आदेश को ढेंगा दिखाते हुये इमारत के रखरखाव के लिये मिलने वाली सरकारी सहायता आज भी दोनो विद्यालयों के लिये 50-50 हजार रूपये अलग अलग जारी की जा रही है।

शिक्षा विभाग के सूत्रों ने बताया कि पैसे की बंदरबांट में एनजीओ भी शामिल है जो मध्यान्ह भोजन और यूनीफार्म के मद में मिलने वाली राशि प्रिसिपलों की मिलीभगत से ले रहा है। उपस्थित रजिस्टर में उस्मानपुर कन्या प्राथमिक विद्यालय में छात्राओं की संख्या 150 से अधिक और बालक विद्यालय में 140 से अधिक दर्शायी गयी है जबकि दोनो विद्यालयों में आम दिनो में उपस्थित 20 से 30 बच्चों की रहती है।

गौरतलब है कि सरकारी स्कूलों की माली हालत सुधारने की मंशा के तहत राज्य सरकार ने एक ही परिसर में चल रहे प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों का संविलयन करने के आदेश किये थे जिससे शिक्षकों की कमी से निपटने के साथ साथ शिक्षा की गुणवत्ता में भी इजाफा किया जा सके और सरकारी धन के दुरूपयोग पर रोक लगायी जा सके।

शासनादेश के तहत संविलयन के बाद वरिष्ठता सूची के आधार पर दो स्कूलों के प्रधानाचार्य में से एक की नियुक्ति इस पद पर होनी तय थी और विद्यालय का वित्तीय एवं प्रशासनिक नियंत्रण भी इसी प्रधानाध्यापक के नियंत्रण में होना था।

कानपुर नगर के बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय ने पिछले साल जुलाई से स्कूलो के संविलयन की प्रक्रिया शुरू की लेकिन रखरखाव और मध्यान्ह भोजन के मद में मिलने वाली धनराशि पर बंदरबांट करने के चलते अब भी कई परिसरों में दो स्कूलों का संचालन निर्बाध रूप से जारी है जिसमें अलग अलग प्रधानाचार्य काबिज हैं।

उस्मानपुर प्राथमिक विद्यालय में वरिष्ठता सूची के अनुसार क्षमा शुक्ला को प्रधानाचार्य का दायित्व दिया गया था लेकिन इसी परिसर में चल रहे एक अन्य विद्यालय की प्रधानाचार्य सीमा शुक्ला शासनादेश का अवहेलना करते हुये जबरन अपने पद पर काबिज है। इस बारे में बीएसए कई बार उन्हे नोटिस देकर अपना कार्यभार क्षमा शुक्ला के हवाले करने का आदेश कर चुके हैं लेकिन विभाग के कुछ अधिकारियों की मिली भगत के चलते उनके आदेश की प्रतिलिपि को कचरे के ढेर में कर दिया गया।

इस बारे में बीएसए प्रवीण मणि त्रिपाठी ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है। खंड शिक्षा अधिकारी के जरिये श्रीमती सीमा शुक्ला को नोटिस दी जा चुकी है। उन्होने स्वीकार किया कि कार्यालय ने कई बार प्रिसिंपल को नोटिस देकर विभागीय कार्यवाही करने की चेतावनी दी है लेकिन अभी स्थिति जस की तस है। हाल ही में प्रोन्नत हुये श्री त्रिपाठी फिलहाल बीएसए का कामकाज देख रहे है लेकिन उस्मानपुर जैसे कई और विद्यालय शासनादेश की अवहेलना कर रहे है।


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