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सहारनपुर : बसपा अपना जिला पंचायत अध्यक्ष पद बचाने में रही सफल..कई जिला पंचायत सदस्य विपक्षी खेमे में हुए शामिल

सहारनपुर : बसपा अपना जिला पंचायत अध्यक्ष पद बचाने में रही सफल..कई जिला पंचायत सदस्य विपक्षी खेमे में हुए शामिल


-भाजपा ने अविश्वास प्रस्ताव की कवायद से झाड़ा पल्ला

सहारनपुर (गौरव सिंघल)। बहुजन समाज पार्टी की जिला पंचायत अध्यक्ष तस्मीम बानो अविश्वास प्रस्ताव का सामना करते हुए अपना पद बचाने में सफल हो गई। उनके खिलाफ जरूरी 25 में से 22 सदस्य ही खिलाफ वोट डालने आज आए। लेकिन विश्वास मत जीतने के बावजूद बसपा को नुकसान उठाना पड़ा है। उसके कई सदस्य विपक्षी खेमें में शामिल हो गए है। जिसके बाद बसपा जिलाध्यक्ष योगेश कुमार ने जिला पंचायत के चार बसपा सदस्यों महिलर राकेश और उनके पति चरण सिंह, ममता इनके पति राजपाल सिंह को आज बसपा से बाहर निकाल दिया। चारों ने कल जिला पंचायत अध्यक्ष पद के खिलाफ पेश हुए अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया था। जानकारी के अनुसार जिला पंचायत सदस्य मुनेश चौधरी और रामपुर मनिहारान क्षेत्र के पूर्व विधायक रविंद्र मोल्हू की ओर से 32 सदस्यों ने 24 दिसंबर को अविश्वास का नोटिस दिया था जिला पंचायत के खिलाफ। 16 जनवरी को जब अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान करने की नौबत आई तो 32 सदस्यों में से विपक्ष के पास 22 जिला पंचायत सदस्य ही रह गए।

10 सदस्यों को बसपा नेताओं ने अपने पक्ष में मैनेज कर लिया। जिले के सबसे बड़े दलित नेता रविंद्र मोल्लू छह माह पूर्व बसपा को छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने रविंद्र मोल्लू और उनके अनेक प्रमुख साथियों जिनमें घनश्याम चौधरी भी शामिल थे, भाजपा की सदस्यता प्रदान कराई थी और इस तरह से रविंद्र मोल्लू ने भाजपा में आने के बाद बसपा पर तगड़ी चोट की और भाजपा को अपनी ताकत का अहसास कराया। अविश्वास प्रस्ताव बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाध्यक्ष विकास कुमार गोयल ने की और निर्धारित समय तक अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 22 सदस्य ही जुट पाए। जबकि सदन का फोरम पूरा होने के लिए सदस्यों का होना आवश्यक था। बसपा जिला पंचायत अध्यक्ष पद बचाने का श्रेय सहारनपुर के बसपा सांसद फजलुर्रहमान कुरैशी को दिया जा रहा है। जो कुछ दिन पहले 25 सदस्यों को अपने साथ किसी सुरक्षित ठिकाने पर ले गए थे। भाजपा जिलाध्यक्ष डा. महेंद्र सैनी ने इस मामले पर आज कहा कि भाजपा का इस पूरे मामले से कोई लेना-देना नहीं है। जिन सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में मतदान किया है उनमें मुनेश चौधरी, अनिता चौधरी, शेर सिंह, बबीता, सुशील राणा, मुलकीराज सैनी, मुन्नी, कंवरपाल सैनी, बाबूराम, ममता, राजेश, भूषण, राहुल देव, अनुराधा, मेनपाल, अनुराधा बालियान, अनिल कोरी, रामकुमार कश्यप, शशि त्यागी, डा. किरणपाल, राजेश बाल्मिकी है।

इस हार जीत के बाद बसपा नेताओं के भाजपा में शामिल रविंद्र मोल्लू पर तीखे सियासी हमले शुरू हो गए हैं। पूरी जिला भाजपा में रविंद्र मोल्लू के जनाधार वाला कोई भी अन्य नेता नहीं है। जाहिर है आने वाले समय में रविंद्र मोल्लू के कारण भाजपा को दलितों में अपना मजबूत स्थान बनाने में सफलता मिल सकती है।

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