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लखनऊ एसएसपी के आदेश के बाद भी इंस्पेक्टर ने नहीं की कार्यवाही तो शिकायत लेकर पीड़ित पहुँचा आईजी के पास


लखनऊ (सत्य प्रकाश भारती)| राजधानी लखनऊ की पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल उठे है,इंस्पेक्टर का ऑडियो वायरल पर मामला इतना तूल पकड़ा कि पूर्व में पीड़ित व्यक्ति के खिलाफ दी गई फर्जी एनसीआर की आड़ लेते हुए ,राजधानी गाजीपुर थाने के थानाध्यक्ष बृजेश सिंह अपना बचाव करते नजर आ रहे है | वही कार्यवाही न होने के चलते पीड़ित शिकायती पत्र लेकर शनिवार सुबह आईजी रेंज लखनऊ पहुँच गया,आईजी ने पूर्ण कार्यवाही का अस्वासन दिया है | गौरतलब हो ,राजधानी के गाजीपुर थाना क्षेत्र के पटेल नगर के रहने वाले शशि श्रीवास्तव ने ,अपनी पत्नी के किसी अन्य व्यक्ति ले साथ चल रहे अवैध सम्बन्ध को लेकर और पत्नी के प्रेमी द्वारा भेजे गए अज्ञात गुंडों से हमले के साथ ही दी गई जान से मारने की धमकी को लेकर 7 नवंबर को गाजीपुर थाने में तहरीर दी थी और पूरे एक महीने से थाने का चक्कर काट रहे है ,कार्यवाही न होने के चलते पीड़ित न्याय की गुहार लगाने एसएसपी लखनऊ कलानिधि नैथानी के पास भी पहुँचा था ,जहाँ आदेश होने के बाद भी इंस्पेक्टर ने कार्यवाही नही की थी,जिसके चलते वह आईजी लख़नऊ के समक्ष पेश हो गया |

गुरुवार,प्रकरण को लेकर इंस्पेक्टर का ऑडियो वायरल हुआ जिसमें इंस्पेक्टर बृजेश सिंह ने ,फरियादी को डपट लगाते हुए कहा था कि "तुम्हारी बीवी रजामंदी के साथ दूसरे के साथ है,कार्यवाही चाहिए तो कोर्ट जाओ" | सांठगांठ होने के चलते राजधानी के गाजीपुर थानाध्यक्ष शुरुआत से ही आरोपी अभिषेक के बचाव करने में लगे हुए थे ,वह अभिषेक को फोन कर सचेत कर रहे थे ,वही शशि की पत्नी को भी फोन कर सचेत किया कि आपके विरुद्ध मुकदमा लिखवाया जा रहा है ,यह बात सुनकर देहरादून में रह रही पत्नी ने पूर्व में की गई फ़र्जी एनसीआर की कॉपी भेज दी ,यह वह एनसीआर है जब लड़की के पिता ने आक्रोश में आकर पूर्व में एसएसपी देहरादून को एक फर्जी एनसीआर की कॉपी भेज दी जिसकी आंड लेते हुए इंस्पेक्टर अपना बचाव करने की कोशिश में जुटे है | आपको बता दे ,लखनऊ के गाजीपुर थानाक्षेत्र के रहने वाले शशि श्रीवास्तव ने देहरादून के पण्डितवारी में रहने वाले अरुण श्रीवास्तव की बेटी रितिका श्रीवास्तव से 8 साल पहले शादी की थी,शादी के कुछ समय बाद ही अपनी पत्नी के गलत आचरण के चलते ,उससे तलाक देने की बात कही थी ,तो लड़की के पिता ने शशि को दहेज और झूठे मुकदमे में फँसाने की धमकी देकर पीड़ित का मुँह बन्द कर दिया था ,आज आठ साल बाद जब एक बार फिर पत्नी के गलत आचरण को लेकर उसके मोबाईल से चैट और अन्य व्यक्ति के साथ आलिंगन और मौज मस्ती की तस्वीरें देखी तो शशि के दिल को ठेस पहुँची तो उसने उसके पिता से शिकायत करते हुए लड़की को छोड़ने की बात कही तो लडक़ी के पिता ने आक्रोश में आकर 23 मार्च 2019 में एसएसपी देहरादून को एक एनसीआर भेजी थी जिसमे यह बताया कि शशि ने उनकी बेटी के साथ मारपीट की है,वही रितिका और शशि के बीच एक ऑडियो वायरल हुआ है जिसमे रितिका के पिता अरुण श्रीवास्तव के द्वारा की गई एनसीआर की रितिका को कोई जानकारी ही नही है,और रितिका ने उसमे यह भी बोला कि -"पापा ने तुम्हे डराने के लिए किया होगा और बाद में वरिष्ठ अधिकारियों से माफी भी माँगी है " |

यह भी बता दे जिस फर्जी एनसीआर की आड़ लेकर इंस्पेक्टर बृजेश सिंह अपना और आरोपी बचाव करने में जुटे है, जबकि उसी एनसीआर में लिखी गई मारपीट की घटना के समय शशि की पत्नी इसी अनबन को लेकर काफी समय से अपने मायके में ही थी ,और शशि अपने घर ,चूँकि घटना पूरी तरह फर्जी थी अतः बाद में पिता ने माफीनामा भी लिखा | वही इस प्रकरण में एक ऑडियो भी वायरल हुआ है जिसमे रितिका के पिता द्वारा उसके पति के खिलाफ की गई विधिक कार्यवाही की कोई जानकारी ही नही है | इसी फर्जी एनसीआर को लेकर गाजीपुर इंस्पेक्टर बृजेश सिंह अब अपना और आरोपी अभिषेक का बचाव करने में जुटे हुए है ,और यह भी कह रहे है कि शशि अपने घरेलू विवाद को लेकर बचाव एवं पेशबंदी में झूठा मुकदमा लिखवाने की कोशिश में है जबकि शशि ने इंस्पेक्टर गाजीपुर बृजेश सिंह और एसएसपी लखनऊ को अपनी पत्नी के अभिषेक वर्मा के साथ हुई अश्लील चैट और तस्वीरे भी उपलब्ध कराई वही बृजेश सिंह आरोपी अभिषेक का बचाव कर इसे घरेलू विवाद का रुप देकर पीड़ित को ही उल्टा फँसा देने की बात कर रहे है शशि को डर है कि इसके चलते बृजेश सिंह उल्टा कार्यवाही उन पर ही न कर दे |







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