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गैंगरेप के बाद आत्महत्या के मामले में पीड़ित के घर पहुंचे एडीजी, दरोगा, सिपाही निलंबित


कानपुर देहात। रुरा थानाक्षेत्र में बीते माह हुए सामुहिक दुष्कर्म से आहत छात्रा ने दो दिन पूर्व आत्महत्या कर ली थीं। परिजनों का आरोप था कि पुलिस ने सही समय पर कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते छात्रा ने ऐसा कदम उठाया। इस प्रकरण में रविवार देर रात अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) प्रेम प्रकाश और पुलिस अधीक्षक अनुराग वत्स पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। एसपी ने दारोगा और सिपाही को निलंबित करते हुए पीड़ित परिवार को पूरा न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है।

11 नवम्बर को रूरा थाना के तिगाई सरवा टप्पा में रहने वाले सन्तोष की 16 वर्षीय बेटी पूजा ( दोनों परिवर्तित नाम) शाम शौच के लिए खेत गई थी। इसी बीच गांव के तीन लड़कों ने उसे दबोचा। मुंह बन्द करके एक घर में कैद कर सभी ने उसके साथ सामुहिक दुष्कर्म किया। पीड़ित छात्रा न्याय के लिए अपने परिवार के साथ दो दिन तक थाना के चक्कर लगाती रही। 13 नवम्बर को पुलिस ने अपहरण का मुकदमा तो लिख लिया, मगर रेप की धाराएं नहीं लिखी और ना ही कोई गिरफ्तारी की। वहीं, आरोपितगण पीड़ित को बराबर धमका रहे थे। पीड़ित परिवार ने दो दिन पूर्व एसपी को प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाई थी। पिता का आरोप था कि लगातार मिल रही धमकी के चलते उन्होंने चौबेपुर निवासी चचेरी बहन शिखा के ससुराल भेज दिया था। जहां सात दिसम्बर की देर शाम छात्रा ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी।

सामुहिक दुष्कर्म से आहत पीड़ित छात्रा द्वारा आत्महत्या करने के मामले में रविवार देररात एडीजी प्रेमप्रकाश और एसपी अनुराग वत्स पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। पीड़ित ने पूरे घटनाक्रम से एडीजी को अवगत कराया। वहीं, एसपी ने लापरवाही बरतने वाले दारोगा व सिपाही को निलंबित कर दिया। एसपी ने परिवार को बताया कि आरोपितों को पकड़ लिया गया और मामले को लेकर पूछताछ की जा रही है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जायेगा।


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