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17 पिछड़ी जातियों को एससी में शामिल करने का फैसला संविधान विरोधी: सावित्री बाई फुले

17 पिछड़ी जातियों को एससी में शामिल करने का फैसला संविधान विरोधी: सावित्री बाई फुले


लखनऊ। लोकसभा चुनाव-2019 में बहराइच की कांग्रेस प्रत्याशी रहीं पूर्व सांसद सावित्री बाई फुले ने रविवार को केन्द्र व उत्तर प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए दलित विरोधी बताया। उन्होंने योगी सरकार द्वारा 17 पिछड़ी जातियों को अनुससूचित जाति (एससी) में शामिल करने के फैसले व ईवीएम से चुनाव पर विरोध जताया।

रविवार को प्रेस क्लब में पूर्व सांसद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा पिछड़ी जातियों को एससी में शामिल करने के फैसले की निंदा जाहिर करते हुए कहा कि यह संविधान विरोधी कृत्य है। ऐसे फैसले लेने का अधिकार राज्य सरकार के पास नहीं है। मुख्यमंत्री योगी ने केंद्र सरकार व संविधान को चुनौती दी है। संविधान व लोकतंत्र विरोधी निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार को आरक्षण कोटा बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखना चाहिए। फुले ने कहा कि भाजपा सरकारों में दलित, पिछड़ों, मुस्लिमों पर अत्याचार बढ़ गया है। उन्होंने प्रयागराज में लड़की से बलात्कार, बुलंदशहर में दो युवकों को कुचलने, झारखंड में तबरेज अंसारी हत्याकांड का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति से मोदी व योगी सरकार को बर्खास्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि देश के लोगों में काफी नाराजगी है। ईवीएम से चुनाव देश के साथ साजिश है। जनता बैलेट पेपर से चुनाव की पक्षधर है।

पूर्व सांसद ने बताया कि नमो बुद्धाय जन सेवा समिति के बैनर तले आगामी 06 दिसम्बर से प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों पर दलितों, पिछड़ों के लिए प्रदर्शन करेंगे। यह आंदोलन अप्रैल तक चलेगा।


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