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मेरठ: 'कड़े सुरक्षा घेरे में जमीदोज हुआ 210 बी', विरोध करने वालों को हिरासत में लिया

मेरठ: कड़े सुरक्षा घेरे में जमीदोज हुआ 210 बी, विरोध करने वालों को हिरासत में लिया

मेरठ। बंगला नंबर 210 बी आरआर मॉल की दुकानों को आज प्रशासन ने पूरी तैयारी के साथ जमीदोज कर दिया। आज अलसुबह छह बजे क्षेत्र को पूरी तरह सील कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई। दुकानों पर लगी शटरों को तोड़ा गया और जेसीबी-बुल्डोरों से ध्वस्तीकरण कर दिया गया। ध्वस्तीकरण से पूर्व आसपास मकानों व दुकानों के लोगों को सूचना देते हुए पूरी चौकसी बरती गई। हालांकि कुछ लोगों ने विरोध जताया तो उन्हें सख्त चेतावनी देते हुए पीछे किया गया और जो नहीं मानें उन्हें हिरासत में भी लिया गया। पूरी व्यवस्था को संभालने में दो एएसपी, पांच सीओ, पांच प्रशासनिक मजिस्ट्रेट, 12 थाना प्रभारी, एक कंपनी आरएएफ और पीएसी के साथ सेना की क्यूआरटी तैनात रही। कैंट बोर्ड के अनुसार बंगला नंबर 210 बी में आबूलेन से सटे 10.5 एकड़ में 62 कोठियां, एक मॉल और 22 दुकानें बनी हैं। 10.5 एकड़ जमीन पर 210 बी की बाजार में कीमत 800 करोड़ से भी ज्यादा है। कैंट बोर्ड का दावा है यह निर्माण अवैध हैं। हाईकोर्ट ने इसके ध्वस्तीकरण के आदेश दिए हैं। इसके बाद रक्षा मंत्रालय ने भी ध्वस्तीकरण के निर्देश दिए हैं। कैंट बोर्ड के अनुसार कोर्ट के आदेश के तहत यह कार्रवाई की गई है।
गौरतलब हो कि कैंट बोर्ड ने 9 जुलाई 2016 को बंगला नंबर 210 बी के आरआर मॉल के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की थी। इस दौरान मलबे में दबकर चार लोगों की मौत हो गई थी। इसके चलते अभियान पूरा नहीं चल पाया था। ऐसे में ग्राउंड फ्लोर पर दुकानें रह गईं थीं। जनवरी २०१७ में व्यापारियों ने दुकानों में सामान रख लिया था। तत्कालीन सीईओ ने व्यापारियों के खिलाफ सदर बाजार थाने में मुकदमे दर्ज कराए थे। इस मामले में हाईकोर्ट में अवमानना याचिका पर मुख्य सचिव और डीएम-एसएसपी को तलब किया गया था। इसके बाद कैंट बोर्ड ने पुलिस-प्रशासन के साथ इन दुकानों को ध्वस्त करने की कोशिश की थी। लेकिन व्यापारियों के विरोध के चलते पीछे हटना पड़ा था। हाल ही में इस मामले में हाईकोर्ट ने कार्रवाई के आदेश दिए थे। इसके बाद आज यह कार्रवाई की गई।

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