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मेरठ: हत्या में नामजद आरोपी प्रधान को भेजा जेल...खौफजदा बबलू के परिजनों की हिफाजत के लिए सुरक्षा कर्मी किए तैनात

मेरठ: हत्या में नामजद आरोपी प्रधान को भेजा जेल...खौफजदा बबलू के परिजनों की हिफाजत के लिए सुरक्षा कर्मी किए तैनात

मेरठ। सरधना के झिटकरी गांव में सोमवार की सुबह घर के बाहर नहाते समय बबलू को बाइक सवार बदमाशों ने गोलियां बरसाकर मौत के घाट उतार दिया था। इस मामले में बबलू के भाई ने ग्राम प्रधान सहित चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमे पुलिस ने आरोपी प्रधान को गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद जेल भेज दिया है। वहीं सहमे हुए बबलू के परिजनों की हिफाजत के लिए उसके घर पर सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए है। पुलिस बबलू के हत्यारों की खोज में जुटी रही और संभावित स्थानों पर दबिश देती नजर आई। गौरतलब है की गत सोमवार सुबह लगभग 7 बजे गांव झिटकरी निवासी बबलू जाटव (42) पुत्र ब्रजपाल घर के दरवाजे के बाहर लगे हैण्डपम्प पर नहा रहा था उसी समय बाइक पर सवार होकर आए बदमाशों ने उसपर ताबड़तोड़ गोलियां बरसादी थी और मौत के घाट उतार दिया था। संबंध में मृतक बबलू के भाई महेन्द्र ने थाने में तहरीर देते ग्राम प्रधान संतसिंह व उसके तीन साथियों पर बबलू की हत्या का आरोप लगाया था। महेन्द्र की तहरीर पर पुलिस ने प्रधान संत सिंह व तीन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा कायम करते हुए प्रधान संत सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ के बाद संत सिंह को जेल भेज दिया गया है। बताया गया की मृतक बबलू जाटव का विवाह थाना सरूरपुर के रजापुर में बेदी जाटव की पुत्री सुमन से विवाह हुआ था। 13 जुलाई 2016 को मृतक के साले चेतन जाटव उफर भूरा की गांव के ही कुछ लोगों ने गोलियां मारकर हत्या करदी थी। इस मामले में गवाह रही चेतन की माँ सावित्री पर भी गत तीन फऱवरी को गोलियां बरसाकर मौत के घाट उतार ने का प्रयास किया गया था। सवित्री को भी कई गोलियां लगी थी उपचार के दौरान 7 फऱवरी को सवित्री की भी मौत हो गई थी। उक्त दोनों हत्याओं में रजापुर के 14 लोगों को नामजद करते हुए सावित्री के पुत्र मितन जाटव ने मुकदमा दर्ज कराया था। उक्त दोनों हत्याओं में फैसला कराने का दबाद मृतक बबलू पर बनाया जा रहा था। फैसले को लेकर रजापुर गांव के कुछ लोग झिटकारी के प्रधान संत सिंह के पास आए थे। बताया गया की चेतन व सवित्री की हत्या में जाट बिरादरी के लोग नामजद है। रजापुर में संत सिंह की रिश्तेदारी है जिसके चलते संत सिंह के यहाँ से फैसले का दबाव बनाया जा रहा था। साले व सास की हत्या में फैसला न करना बबलू को भारी पड़ा और उसे अपनी भी जान से हाथ धोना पड़ा। तीन हत्याओं के बाद अब बबलू का परिवार दहशत के साए में है जिसकी सुरक्षा के लिए उसके घर पर सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए है। पुलिस अन्य हत्यारो की तलाश में जुटी है और जल्द ही कामयाब होने की उम्मीद जताई है।

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