Top

मेरठ में भाजपाइयों और सपाइयों में संघर्ष, हंगामा, दिखाए काले झंडे, शराब काण्ड के विरोध में जा रहे थे पंचायत में

मेरठ। जानी के धीरखेड़ा गांव में बीते बुधवार को जहरीली शराब से हुई तीन ग्रामीणों की मौत पर प्रशासन के विरोध में सपा नेताओं द्वारा गांव में बुलाई गई महापंचायत के दौरान जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान रास्ते में भाजपाइयों ने काले झंडे दिखाकर नारेबाजी करते हुए सपाइयों का विरोध शुरू कर दिया। जिसे लेकर दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की नौबत आ गई। पुलिस ने जैसे-तैसे स्थिति को संभालते हुए सपा नेताओं को आगे रवाना किया। गांव में हुई महापंचायत के दौरान सपा नेताओं ने पुलिस से लेकर भाजपा नेताओं तक पर जमकर निशाना साधा।

बताते चलें कि क्षेत्र के धीरखेड़ा गांव में जहरीली शराब से हुई पवन, जगपाल और अमित की मौत के बाद सपा नेता पीड़ित परिवारों को 10-10 लाख का मुआवजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं। इसी के चलते सपा नेताओं ने बुधवार को गांव में महापंचायत का ऐलान किया था। जिसके चलते पुलिस ने देर रात ही आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग लगाते हुए क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया था। मगर, इसके बावजूद सपा नेता अतुल प्रधान और जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह एडवोकेट सहित आसपास के जिलों के दर्जनों सपाई महापंचायत में शामिल होने के लिए गांव में पहुंचे। रास्ते में डालूहेड़ा गांव में भाजपा नेता संचित गर्ग सहित कई भाजपाइयों ने सपा नेताओं को काले झंडे दिखाते हुए जमकर नारेबाजी की। इसी के साथ सपा नेताओं पर इस मामले में ओछी राजनीति का आरोप लगाया। मौके पर मौजूद पुलिस ने किसी तरह स्थिति संभालते हुए सपा नेताओं को आगे रवाना किया। गांव में हुई पंचायत के दौरान सपा नेता आबकारी अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और भाजपा नेताओं तक पर जमकर बरसे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में संबंधित आबकारी अधिकारी और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं की गई तो सपा बड़ा आंदोलन चलाएगी। इसी के साथ समाजवादी पार्टी के नेताओं ने इस संबंध में बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट और जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय के घेराव का ऐलान किया है।

Share it