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कोरोना आपदा: 'तन समर्पित, मन समर्पित और यह जीवन समर्पित' भाव से जुटे स्वयंसेवक,कर रहे है जरूरतमंदों की मदद

मेरठ, 04 जून। कोरोना आपदा के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता जरूरतमंदों की मदद में जुटे हैं। इसके लिए वह भीषण गर्मी की परवाह ना करते हुए 'तन समर्पित मन समर्पित और यह जीवन समर्पित' भाव से नि:स्वार्थ सेवा में लगे हैं। इस महामारी में अपना सारा समय समाज में चल रहे सेवा कार्यों में लगा रहे हैं।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विश्व के सबसे बड़े सेवा संगठन के रूप में जाना जाता है। जब भी समाज पर कोई संकट के बादल आते हैं, समाज की रक्षा के लिये एवं संकट का सामना करने के लिये स्वयंसेवक सबसे आगे रहते हैं। कोरोना आपदा की घड़ी में सभी प्रकार के नियमों का पालन करते हुए अपना पूरा समय समाज को देकर संघ के स्वयंसेवक विभिन्न प्रकार के सेवा कार्य कर रहे हैं और आवश्यकता पड़ने पर शासन प्रशासन का भी सहयोग कर रहे हैं। स्वयंसेवक प्रातःकाल ही अपने घर पर संघ की प्रार्थना करके अपने अपने निर्धारित कार्यों में लग जाते हैं। मेरठ महानगर में लगभग 700 स्वयंसेवक इन सेवा कार्यों में लग रहे हैं।

कोई भी परिवार भूखा नहीं सोयेगा

मेरठ महानगर के प्रचार प्रमुख संजीव गर्ग ने बताया कि शहर में लगभग 450 दैनिक मजदूरी करने वाले परिवारों को स्वयंसेवकों द्वारा नित्य प्रति भोजन सामग्री उपलब्ध करवाई जा रही है। महानगर में अभी तक 900 कुन्तल राशन सामग्री का वितरण हो चुका है। स्वयंसेवकों द्वारा महानगर के विभिन्न स्थानों पर सामग्री का वितरण किया जा रहा है। 5400 परिवारों तक सामग्री पहुंच चुकी है।

निराश्रित गरीबों को भोजन कराना

स्वयंसेवकों द्वारा विभिन्न स्थानों पर रोज लगभग 5500 निराश्रित गरीब को भोजन वितरित किया जा रहा है। 24 स्थानों पर बनने वाला यह भोजन महानगर के विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले गरीब लोगों में बांटा जा रहा है। स्वयंसेवक सुबह-शाम इस भोजन को बनाने एवं बंटवाने की व्यवस्था करवाते हैं। महानगर में शंकर आश्रम, भारत माता मंदिर हनुमानपुरी, राजवंश भवन शास्त्रीनगर, धर्मशाला डालमपाड़ा, लक्ष्मीनारायण मंदिर बैंक कालोनी गढ़ रोड, मेडिकल काॅलेज, सरस्वती लोक कालोनी दिल्ली रोड, दशमेश नगर बागपत रोड, कैलाशी नर्सिंग होम कंकरखेड़ा के पास, ईशापुरम गंगानगर, श्रीहरि देव मंदिर देव नगर आदि स्थानों पर भोजन बनाने की व्यवस्था है।

कोई भी जानवर भूखा नहीं रहेगा

भूखे जानवरों को खिलाने के निश्चय के साथ ही स्वयंसेवकों द्वारा महानगर में विभिन्न स्थानों पर बेसहारा गोवंशों को रोज तीन कुंटल हरा चारा दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त कई स्थानों पर परिवारों से रोटी व दूध एकत्रित करके बेसहारा कुत्तों को भोजन करवाया जा रहा है।

स्वयंसेवकों ने ठाना कोरोना को हराना है

कोरोना के प्रति स्वयंसेवकों द्वारा परिवारों को जागरूक करने का कार्य चल रहा है। अभावग्रस्त परिवारों को मास्क, सेनेटाइजर देना। बीमार व्यक्तियों को दवाई की व्यवस्था करने का कार्य स्वयंसेवकों द्वारा किया जा रहा है। अभी तक महानगर में 10 हजार से अधिक मास्क, 500 सेनेटाइजर बांटे जा चुके हैं। कार्यकर्ता आग्रह करके अधिक से अधिक 'आरोग्य सेतु ऐप' को डाउनलोड करवा रहे हैं।

प्रशासन का सहयोग हो रहा

संजीव गर्ग ने बताया कि प्रशासन के सहयोग के लिये महानगर में 130 स्वयंसेवकों को सहायक मित्र बनाया गया है। जो राशन की दुकान, मेडिकल स्टोर, दूध डेयरी, किराना स्टोर पर सोशल डिस्टेंग के निशान बना रहे हैं। निज खर्च से सेनेटाइजर मशीनों द्वारा विभिन्न बस्तियों में टोलियां बनाकर घर-घर जाकर घरों, वाहनों को सेनेटाइज किया जा रहा है। सरकारी राशन की दुकानों पर होने वाले भीड़ को नियंत्रित करके स्वयंसेवक व्यवस्था करने के लिये लगे हैं। महानगर में विभिन्न स्थानों पर पुलिस प्रशासन एवं सफाई कर्मचारियों के अभिनन्दन के कार्यक्रम किये जा रहे हैं। उनके लिये चाय-नाश्ते की व्यवस्था भी करवाई जाती है।

अन्य आनुसांगिक संगठन भी जुटे

संघ की प्रेरणा से चलने वाले संगठन जैसे सेवा भारती, अधिवक्ता परिषद, राष्ट्र सेविका समिति, राष्ट्रीय सिख संगत, विश्व हिन्दू परिषद, विद्यार्थी परिषद, हिन्दू जागरण मंच, भारतीय किसान संघ, भारतीय मजदूर संघ आदि के कार्यकर्ता भी इस कार्य में सहयोग कर रहे हैं। गांव-गांव और शहर-शहर यह मुहिम चल रही है।

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