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मेरठ में कंटेनमेंट जोन में नहीं मिलेगी उद्योग संचालन की अनुमति: अनिल ढींगरा

मेरठ में कंटेनमेंट जोन में नहीं मिलेगी उद्योग संचालन की अनुमति: अनिल ढींगरा

मेरठ, 20 मई । जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने बुधवार को उद्यमियों के साथ बैठक में स्पष्ट कर दिया कि कंटेनमेंट जोन में उद्योग संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। नाॅन कंटेनमेंट जोन में ऐसे उद्योग संचालित किए जा सकेंगे जिनके श्रमिक फैक्टरी के अंदर रहें या फैक्टरी के आसपास नाॅन कंटेनमेंट जोन में रहते हों।

लाॅकडाउन लगातार लागू रहने के बाद भी मेरठ में कोरोना संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है। इसी कारण पूरा मेरठ जनपद रेड जोन में शामिल है।

मेरठ में कंटेनमेंट जोन के बाहर ही उद्योग संचालित करने की अनुमति दी जा रही है। इसी मुद्दे पर कई दिन से शासन से आए प्रमुख सचिव सिंचाई टी वेंकटेश और पीटीएस की आईजी लक्ष्मी सिंह ने जिला प्रशासन के साथ बैठक की। इसके बाद बुधवार को जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने मेरठ के उद्यमियों के साथ बचत भवन में बैठक की। डीएम ने कहा कि कंटेनमेट जोन को पुनः परिभाषित किया जा रहा है। कंटेनमेट जोन में औद्योगिक गतिविधियां प्रारम्भ करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। नाॅन कंटेनमेट जोन में ऐसे उद्योगों को ही संचालित करने की अनुमति मिलेगी जिनके श्रमिक या तो फैक्ट्री के अंदर रहे या फैक्ट्री के आसपास नाॅन कंटेनमेंट जोन में रहते हो। कंटेनमेट जोन में किसी भी श्रमिक को पास नहीं दिया जायेगा। डीएम ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रोटोकाॅल के अनुसार ही औद्योगिक गतिविधियों को संचालित करने का है। जिलाधिकारी ने उद्यमियों से कहा कि वह वैश्विक महामारी कोरोना के कारण उत्पन्न वर्तमान माहौल मे सहयोग करें। शारीरिक दूरी और लाॅकडाउन का पालन कराया जाए।

उपायुक्त उद्योग वीके कौशल ने बताया कि वर्तमान में करीब 400 उद्योगों को संचालित करने की अनुमति दी गयी है। कंटेनमेंट जोन के पुनः परिभाषित होने के बाद अगर परतापुर, मोहकमपुर व बागपत रोड पर औद्योगिक क्षेत्र संचालित किए जाते है तो करीब 2000 और उद्योगों को संचालित करने की अनुमति प्रदान की जाने की संभावना है।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ईशा दुहन, पुलिस अधीक्षक नगर अखिलेश नारायण सिंह, आईआईए के अध्यक्ष अनुराग अग्रवाल, रामकुमार गुप्ता, अश्विनी गैरा, राकेश रस्तोगी, डीके शर्मा आदि मौजूद थे।

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