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कोरोना आपदा: मेरठ का खेल उद्योग हुआ धड़ाम..सरकार से कर रहा मदद की उम्मीद

कोरोना आपदा: मेरठ का खेल उद्योग हुआ धड़ाम..सरकार से कर रहा मदद की उम्मीद

मेरठ, 08 मई । कोरोना आपदा ने उद्योग-धंधों को तबाह कर दिया है। इसमें मेरठ के खेल उद्योग पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। ओलंपिक जैसी खेल प्रतियोगिताओं में खेल उपकरण सप्लाई करने वाले मेरठ के खेल उद्यमियों को इससे बड़ा झटका लगा है। खेल उद्यमियों ने सरकार से सहायता की गुहार लगाई है।

मेरठ में क्रिकेट, एथलेटिक्स, फुटबाॅल, बाॅडी-बिल्डिंग, बैंडमिंटन, टेनिस आदि खेलों में प्रयोग होने वाले उपकरण बनाए जाते हैं। मेरठ के खेल उत्पाद पूरी दुनिया में मशहूर है। मेरठ में बने बैट और गेंद का दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज व गेंदबाज उपयोग करते हैं। विश्व स्तर पर होने वाली खेल प्रतियोगिताओं में मेरठ में बने खेल उपकरण प्रयोग किए जाते हैं। ओलंपिक आयोजन में भी मेरठ से खेल उपकरण भेजे जाते हैं, लेकिन कोरोना आपदा के कारण मेरठ का खेल उद्योग धड़ाम हो गया है। उद्योग बंद होने से कर्मचारियों के सामने वेतन देने का संकट गहरा गया है। इस सेक्टर में बेरोजगार भी बढ़ने की आशंका बनी हुई है। लाॅकडाउन लंबा खींचने से खेल उद्योग पटरी से उतर जाएगा।

ओलंपिक टलने से लगा बड़ा झटका

विश्व स्तर पर खेल उपकरण निर्यात करने वाली नेल्को इंटरनेशनल के निदेशक अंबर आनंद का कहना है कि जापान में 2020 में होने वाले ओलंपिक खेलों को 2021 के लिए टाले जाने से खेल उद्योग प्रभावित हुआ है। इससे खेल उपकरणों का बाजार पूरी तरह से थम गिया है। अमेरिका और यूरोप में लगने वाले प्रशिक्षण शिविर बंद होने से खेल उद्योग को नुकसान पहुंचा है। कोरोना के कारण 80 प्रतिशत खेल उद्योग बंद हो गया है। इटली में कोरोना के कहर से मेरठ का खेल उद्योग प्रभावित हुआ है।

सरकारी सहयोग से ही बचेगा उद्योग

कनाडा, पाकिस्तान, बांग्लादेश आदि देशों में खेल उपकरण निर्यात करने वाली काॅक्सटाॅन स्पोट्र्स एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधक निदेशक विनित डावर का कहना है कि अब सरकारी सहयोग से ही खेल उद्योगों को बचाया जा सकता है। सरकार को खेल उद्योग को बड़ा राहत पैकेज देना होगा। उद्यमियों को जीएसटी वापस मिलें। कर्मचारियों के वेतन में सरकार मदद करें। बैंकों से आसान ऋण दिलवाया जाए।

लद्यु व मध्यम उद्योगों को पैकेज दें सरकार

संयुक्त व्यापार संघ के सह मीडिया प्रभारी रजनीश कौशल का कहना है कि सरकार को सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योगों के लिए विशेष पैकेज का ऐलान किया जाना चाहिए। कोरोना से अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा है। कोरोना के कारण यहां पर बड़ी संख्या में नौकरियां खत्म होगी। कंपनियों के पास वेतन देने के लिए पैसा नहीं है। सरकार को ईएसआई के मद से वेतन दिलाने के पैसा दिलाने का प्रयास करना चाहिए। बिना सरकारी प्रयासों के खेल उद्योग प्रतिस्पद्र्धा में वापस नहीं लौट पाएंगे।

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