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उप्र: मेरठ कागज फैक्टरी में लगी आग, लाखों का माल जलकर राख

उप्र: मेरठ कागज फैक्टरी में लगी आग, लाखों का माल जलकर राख


मेरठ । आज तड़के सुबह ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत खुशहाल नगर स्थित कागज फैक्टरी में अचानक भीषण आग लग गई। धमाकों की आवाज सुनकर आसपास क्षेत्र में दहशत फैल गई। क्षेत्रवासियों ने इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी। गोदाम में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया।

मुजफ्फरनगर निवासी मेहरबान की लिसाड़ी रोड, अंजुम पैलेस के निकट खुशहाल नगर क्षेत्र में एसएच पेपर नाम से कागज फैक्टरी है। जहां कागज के रोल बनाने का काम किया जाता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आज सुबह करीब 5:00 बजे अचानक फैक्टरी में तेज धमाकों के साथ आग लग गई। एक के बाद एक कई धमाके होने से क्षेत्रवासियों ने इसकी सूचना फैक्टरी के मालिक व फायर ब्रिगेड को दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 3 गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और बड़ी मुश्किल आग पर काबू पाया गया।

फायर विभाग के सीईओ अजय शर्मा ने बताया कि अभी नुकसान का आकलन नहीं किया गया है। हालांकि आग से लाखों रुपये का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। उन्होंने गोदाम में लगी आग की वजह के बारे में कुछ भी कहने से इनकार किया और कहा कि पूरी जांच के बाद ही इस बारे में पता चल पाएगा।

इधर, क्षेत्रवासियों कहना है कि गोदाम फैक्टरी में धुआं उठने के बाद सिलेंडरों के धमाकों की आवाज सुनी गई थी। फैक्टरी में खड़ी कार व बाइक को भी आग ने अपनी चपेट में ले लिया। इसी फैक्टरी की दीवार से सटे दो गोदाम और हैं, जिनमें टाइल्स व जिम का सामान था। टाइल्स गोदाम में कार्यरत कर्मचारी नंदराम ने बताया कि कागज फैक्टरी में लगी आग ने उनके गोदाम को भी अपनी चपेट में ले लिया। उन्होंने बताया कि चार लाख के आसपास नुकसान होने की आशंका है।

उल्लेखनीय है कि फैक्टरी के मालिक मेहरबान मुजफ्फरनगर में अंबा बिहार (रामपुरम) में रहते हैं और मेरठ के खुशहाल नगर इलाके में एक किराये की बिल्डिंग में अपनी फैक्टरी व गोदाम चला रहे थे। उनके भाई शाहिद ने बताया कि वह अक्सर रात को गोदाम ही सो जाया करते थे लेकिन जिस वक्त हादसा हुआ वह उस शाम मुजफ्फरनगर चले गए थे। हादसे के वक्त गोदाम में कोई नहीं था। उन्होंने बताया कि जब वह मंगलवार की शाम 7:00 बजे के करीब फैक्टरी से निकले थे तो उस वक्त दोपहर से लाइट नहीं थी जिसके चलते सुरक्षा की दृष्टि से उन्होंने गोदाम की लाइट को काट दिया था। इसके बावजूद आग कैसी लगी, इस बारे में वह कुछ कहने से कतराते रहे।


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