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अयोध्या प्रकरण: रैली और नारों पर रहेगा प्रतिबंध, भड़काऊ भाषणों पर रोक

अयोध्या प्रकरण: रैली और नारों पर रहेगा प्रतिबंध, भड़काऊ भाषणों पर रोक


मेरठ। जैसे-जैसे अयोध्या विवादित ढांचे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का वक्त नजदीक आता जा रहा है वैसे-वैसे पुलिस-प्रशासन जिले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से ज्यादा सजग व सक्रिय हो गया है। शहर में सरगर्मियां बढ़ गई है। जगह-जगह, गली-गली, नुक्कड़ नुक्कड़ लोगों की दबी आवाज में उनकी जुबान पर बस रह-रहकर एक ही बात सवाल कर रही है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आखिर किसके पक्ष में होगा? प्रशासन की निगाहें शहर में बढ़ रही हलचल पर लगी हुई है।

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पूर्व व बाद में भी शहर की फिजा को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में है। यही वजह है कि सभी धर्मों के लोगों को एक साथ बैठाकर उनसे अपील की जा रही है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला चाहे जो भी हो उसका असर शहर की अमन शांति पर नहीं पड़ना चाहिए। शहर में एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह व सिटी मजिस्ट्रेट संजय पांडे सहित पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी लगातार पुलिस बल के साथ पैदल मार्च निकाल रहे हैं।

इधर डीएम अनिल ढींगरा व एसएसपी अजय साहनी भी लोगों को उनकी सुरक्षा का भरोसा दे रहे हैं। अयोध्या का निर्णय आने के बाद लोगों में आपसी भाईचारा व सांप्रदायिक सद्भाव बना रहे इसके लिए पुलिस प्रशासन द्वारा कड़े बंदोबस्त कर लिए गए हैं। प्रशासन सभी बिंदुओं पर कार्य कर रहा है। जुलूस और आतिशबाजी पर पूर्णत रोक लगा दी गई है। सोशल साइट्स पर कड़ी नजर रखी जा रही है क्योंकि पुलिस को अंदेशा है कि असामाजिक तत्व शहर की फिजा बिगाड़ने के लिए सोशल साइट्स का सहारा ले सकते हैं। शहर में किसी भी तरह के भड़काऊ भाषणों पर रोक लगा दी गई है। अफवाहों पर पुलिस की नजर है। कुछ धार्मिक स्थल चिन्हित किए गए हैं जहां से लाउडस्पीकर द्वारा धर्मगुरु शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए लोगो को ऐलान करेंगे। वहीं एसएसपी अजय साहनी का कहना है कि अयोध्या निर्णय आने के बाद रैली, नारों, जुलूस और आतिशबाजी पर प्रतिबंध रहेगा। पुलिस के साथ-साथ प्रशासन ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था और आम आदमी की रक्षा का भार सिविल डिफेंस को भी सौंप दिया है। सिविल डिफेंस के लोगों को यह ड्यूटी दी गई है कि वह अपने अपने क्षेत्र में शांति बरतने के लिए काम करें। यदि बाहरी व्यक्ति क्षेत्र में आकर माहौल खराब करने की कोशिश करता है तो उसके बारे में जिला प्रशासन को बताया जाए।

इधर, जमीअत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने भी लोगों से अपील करते हुए कहा है कि अयोध्या मसले पर सुप्रीम कोर्ट जो भी फैसला दे उसका मुल्क में रहने वाले सभी लोगों को सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान हमेशा से खूबसूरत चमन रहा है जिसमें तरह-तरह की फूल खिलते हैं। यही वजह है कि पूरे विश्व में हिंदुस्तान की गंगा जमुनी तहजीब को सिर माथे पर रखा जाता है।


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