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विदेश में नौकरी के नाम बंधक बनाकर वसूली करने वाला इनामी कोलकाता से गिरफ्तार

विदेश में नौकरी के नाम बंधक बनाकर वसूली करने वाला इनामी कोलकाता से गिरफ्तार

लखनऊ,-उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने सोशल मीडिया के माध्यम से ठगी कर विदेशों में नौकरी दिलाने के नाम पर बन्धक बनाकर हवाला के माध्यम से अवैध वसूली करने वाले गिरोह के एक इनामी सदस्य पवन गांधी को आज कोलकता से गिरफ्तार कर लिया।

एसटीएफ प्रवक्ता ने यहां यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया (फेसबुक, मैसेन्जर, व्हाट्सअप आदि) के माध्यम से ठगी कर अमेरिका,कनाडा आदि देशों में नौकरी दिलाने के नाम पर बन्धक बनाकर हवाला के माध्यम से अवैध वसूली करने वाले गिरोह के सदस्य 50 हजार रुपये के इनामी अपराधी पवन गांधी को चौबीस परगना नार्थ राजरहाट पश्चिमी बंगाल से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से सात मोबाइल फोन ,बैंक चेकबुक,पासपोर्ट , तीन पैनकार्ड आदि बरामद किए।

उन्होंने बताया कि इस गिरोह के सक्रिय होकर सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, फेसबुक मैसेन्जर एवं व्हाट्सएप आदि के माध्यम से विदेशों विशेषकर अमेरिका एवं कनाडा में नौकरी दिलाने के नाम पर वाराणसी बुलाकर बन्धक बना कर मारपीट एवं बन्दूक से डरा धमका कर अवैध धन वसूला जा रहा था। इसी तरह की एक घटना 22-11-2019 को वाराणसी के कैण्ट इलाके में हुई थी, जिसमें इस गिरोह द्वारा नरोडा अहमदाबाद गुजरात के कुछ लोगों को वाराणसी बुलाया और उन्हें बन्धक बनाकर उनसे 20 लाख रूपये अवैध रूप से हवाला के माध्यम से नई दिल्ली में वसूला गया था।

प्रवक्ता ने बताया कि इस संबंध में वाराणसी के कैण्ट थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। उन्होंने बताया कि इस घटना का खुलासा करते हुये सरगना राजवीर यादव, कपिल उर्फ भाष्कर उर्फ भाटिया, पवन गांधी आदि को वांछित किया गया था, जिसमें से राजवीर यादव एवं पवन गांधी पर 20-20 हजार का पुरस्कार घोषित किया गया था। पुरस्कार घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ के पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा आवश्यक निर्देश दिये गये थे, जिसके क्रम में एसटीएफ की फील्ड इकाई वाराणसी के निरीक्षक अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम गठित कर अभिसूचना संकलन प्रारम्भ की गयी थी और एसटीएफ की वाराणसी फील्ड इकाई वाराणसी द्वारा गिरोह के इनमी अपराधी राजवीर सिंह यादव एवं कपिल उर्फ भाष्कर उर्फ भाटिया निवासी नक्साल जिला काठमाण्डू नेपाल हाल पता संगम बिहार काॅलोनी नई दिल्ली को इसी साल एक मार्च को वाराणसी के कैण्ट क्षेत्र से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, तथा फरार अपराधी पवन गांधी की इनामी राशि बढाकर 50 हजार रूपये कर दिया गया था।

प्रवक्ता ने बताया कि सूचना संकलन के क्रम में जानकारी मिली कि इनामी पवन गांधी कोलकता में लुकछिप कर रह रहा है। इस सूचना पर एसटीएफ की वाराणसी फील्ड इकाई वाराणसी के निरीक्षक अनिल कुमार सिंह के नेतृत्च में एक टीम गठित कर विवेचक के साथ कोलकता रवाना किया गया था। एसटीएफ की टीम ने आज पवन गाॅंधी को गिरफ्तार कर सीजेएम (नार्थ) चैबीस परगना बरासत पश्चिमी बंगाल के न्यायालय में कस्टडी रिमाण्ड के लिए प्रस्तुत किया गया। न्यायालय से पवन गाॅंधी की कस्टडी रिमाण्ड प्राप्त कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में अभिसूचना संकलन, विषलेषण एवं गिरफ्तार अभियुक्त से पूछतांछ में पता चला कि इनका एक संगठित गिरोह है, जिसका सरगना राजवीर सिंह यादव है। यह गिरोह दो भाग में अपराध को अन्जाम देता है। पहले भाग को पवन गांधी तथा राहुल मेहरा जो मुम्बई का रहने वाला है, देखते हैं। पवन गांधी एवं राहुल मेहरा द्वारा सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, मैसेन्जर, व्हाट्सएप आदि पर फर्जी आईडी से यूएसए/कनाडा में नौकरी दिलाने का विज्ञापन पोस्ट करते हैं। यह विज्ञापन विषेष कर बंगलादेश, नेपाल एवं गुजरात के लोगों के लिये निकालते हैं और इसी विज्ञापन में सम्पर्क करने के लिये अपना एक मोबाइल नंबर भी दे देते हैं।

प्रवक्ता ने बताया कि गिरोह के सदस्य इस नंबर पर जाल में फंसाये गये लोगों से बातचीत एवं व्हाट्सएप चैट करते हैं। इस सिलसिला एक से दो माह तक चलता है। जब यह बात तय हो जाती है कि कोई व्यक्ति विदेश जाने के लिये तैयार हो गया है तो उसी समय इच्छुक व्यक्ति को बताया जाता है कि नौकरी मिलने के तुरन्त बाद हवाला के माध्यम से एक व्यक्ति को 15 से 20 लाख रूपये तक देना पडेगा। एडवान्स के रूप कुछ नही लगेगा। इसपर संबंधित व्यक्ति तुरन्त विश्वास कर लेता है और इनके परिवारीजन भी तैयार हो जाते हैं, तब पवन और राहुल मेहरा संबंधित व्यक्ति को वाराणसी बुलाते हैं और जब संबंधित व्यक्ति यहाॅं पहुॅच जाता है तो इन्हें एक होटल में ठहराया जाता है और यहां से गैंग के दूसरे भाग का काम शुरू हो जाता है। इसका नेतृत्व राजवीर सिंह यादव करता है।

प्रवक्ता ने बताया कि राजवीर सिंह यादव अपने गिरोह के सदस्यों के माध्यम से उक्त होटल और व्यक्ति की निगरानी कराता है कि कहीं पुलिस पीछे तो नहीं लगी है, जब बेफिकर हो जाते हैं तब संबंधित व्यक्ति को यह कहते हुये कि आपको हमलोग विदेश भेजने के लिये एयरपोर्ट ले चल रहे हैं और एयरपोर्ट न/न ले जाकर वाराणसी के सारनाथ व सिगरा स्थित अपने ठिकाने पर ले जाकर बन्धक बना लेते हैं। इसके बाद मारपीट एवं बन्दूक सटाकर धमकाते हुये परिजनों से बात करवाते हैं कि यह बता दो कि हमलोग एयरपोर्ट पहुॅंच गये हैं हमारी बोर्डिंग तैयार हो गयी है और मैं अपना मोबाइल स्विचऑफ कर रहा हॅूं। विदेश पहुचने के बाद बात होगी और मोबाइल बंद कर लेते हैं।

उन्होंने बताया कि विदेश में फ्लाईट के पहुंचने की अवधि के हिसाब से गिरोह सदस्य नेपाल निवासी लवली व मध्य प्रदेश निवासी संतोष दूबे संबंधित देश का वर्चुवल नम्बर इण्टरनेट से तैयार कर पुनः मारपीट कर बन्दूक सटाकर परिवार के लोगों से यह बात कराते हैं कि मैं विदेश पहुंच गया हॅूं और मुझे जाॅब मिल गयी है और यहाॅं का मौसम खराब है, इसलिये विडियो काॅलिंग नहीं कर पा रहा हॅूं। जो पैसा तय हुआ था वह हवाला के माध्यम से दे दें। इसपर परिवार वाले भरोसा कर हवाला के माध्यम से पैसा गिरोह के लोगों को भेजवा देते हैं, जिसे पवन गांधी दिल्ली में उक्त पैसा हवाला के माध्यम से प्राप्त कर लेता है।

प्रवक्ता ने बताया कि पैसा प्राप्त हो जाने के बाद गिरोह द्वारा बन्धक बनाये गये व्यक्ति को आंख पर पट्टी बांधकर रेलवे स्टेशन के पास रेलवे टिकट देकर छोड़ देते हैं और पैसा आपस में बराबर-बराबर बाट लेते है। इस गैंग द्वारा अबतक लगभग 35 से 40 लोगों के साथ इसी तरह की अवैध वसूली की जा चुकी है। गिरफ्तार द्वारा पूछताछ में यह भी बताया गया कि वर्ष 2017 में नरेश चुन्नी लाल मोदी निवासी सी-12 लक्ष्मी अपार्टमेण्ट संतकबीर स्कूल के पीछे थाना नौरंगपुरा अहमदाबाद गुजरात से 14 लाख रूपये लिये थे। इस संबंध में वाराणसी के थाना फूलपुर पर मुकदमा पंजीकृत हुआ था।

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