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ओडीओपी कार्यक्रम के तहत 20 लाख तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है :सहगल

ओडीओपी कार्यक्रम के तहत 20 लाख तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है :सहगल

लखनऊ,-उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के अपर मुख्य सचिव डा0 नवनीत सहगल ने बताया कि एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) कार्यक्रम के तहत मार्जिनमनी स्कीम से कारीगरों/इकाइयों को 20 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।

श्री सहगल ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से लेकर अब तक लगभग 3,000 कारीगरों/इकाइयों को योजना के तहत 15,000 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया, जिससे,15,000 लोगों को रोजगार मिला। उन्होंने बताया कि कौशल विकास और टूलकिट वितरण योजना के तहत ओडीओपी कारीगरों को 10 दिनों तक मुफ्त प्रशिक्षण देने की व्यवस्था है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने वाले कारीगरों को फ्री में आधुनिक टूलकिट भी दिये जा रहे है। उन्होंने बताया कि अब तक 41,000 से अधिक ओडीओपी कारीगरों को प्रशिक्षित कराते हुए लगभग 40,000 कारीगरों को टूलकिट उपलब्ध कराया गया है।

उन्होंने बताया कि ओडीओपी कार्यक्रम के तहत संचालित सामान्य सुविधा केंद्र (सीएफसी) योजना के तहत प्रत्येक जिले में सीएफसी की स्थापना कराई जा रही है। सीएफसी के माध्यम से ओडीओपी कारीगरों/इकाइयों को डिजाइन, कच्चे माल, पैकेजिंगं, सहित व्यापार से जुड़ी तमाम प्रकार की सुविधाएं दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत परियोजना लागत का 90 प्रतिशत (अधिकतम 13.5 करोड़ रुपये) की वित्तीय सहायता अनुदान देने का प्राविधान हैं। अब तक 13 जिलो में सीएफसी के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हा गई। इनके अलावा 34 जिलो में सीएफसी को इन-प्रिंसिपल अप्रूवल प्रदान किया गया है। साथ ही 48 अन्य सीएफसी की स्थापना के लिए सैद्धांतिक सहमति प्रदान की जा चुकी है।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि बाजार विकास सहायता योजना स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मेलों एवं प्रदर्शनियों में ओडीओपी कारीगरों/इकाइयों की भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आवास, यात्रा और स्टाल शुल्क प्रतिपूर्ति भी की जा रही है। इसके अतिरिक्त ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर आने के लिए ओडीओपी कारीगरों/इकाइयों को वित्तीय सहायता भी प्रदान की जा रही है। विभाग ने 450 से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनियों को चिहिन्त किया गया है। जिसमें ओ0डी0ओ0पी0 कारीगर/इकाइयां हिस्सा ले सकती हैं। उन्होंने बताया कि 20,000 से अधिक ओडीओपी उत्पाद विभिन्न ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों पर बेंचे भी जा रहे हैं।

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