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एसडीएम-सीओ के सामने सरेआम हत्या करने वाले के पक्ष में आये खुलकर भाजपा विधायक, रोकर बोले- पुलिस कर रही है एकपक्षीय कार्यवाही, ईनाम हुआ घोषित

एसडीएम-सीओ के सामने सरेआम हत्या करने वाले के पक्ष में आये खुलकर भाजपा विधायक, रोकर बोले- पुलिस कर रही है एकपक्षीय कार्यवाही, ईनाम हुआ घोषित

बलिया- उत्तर प्रदेश में राजनीति किस बेशर्मी के साथ सामने आ रही है इसका एक उदाहरण आज बलिया में देखने को मिला।

आपको बता दें कि 2 दिन पहले बलिया में राशन की दुकान के आबंटन को लेकर एक पंचायत का आयोजन किया गया था जिसमें इलाके के एसडीएम और सीओ समेत भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद था उस पंचायत में दुकान के आबंटन को लेकर हुए विवाद में भाजपा के नेता धीरेन्द्र सिंह ने सबके सामने अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी, जिसमें जय प्रकाश पाल नामक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई थी। जय प्रकाश पाल की हत्या के बाद पुलिसकर्मियों ने धीरेंद्र सिंह को पकड़ भी लिया था लेकिन बाद में छोड़ दिया था। बताया यह जाता है कि धीरेंद्र सिंह इलाके के भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह का दाहिना हाथ है और सेवानिवृत्त फौजी और दबंग व्यक्ति है, उसकी पहले भी कई ऑडियो जारी हो चुकी है जिसमें वह पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ गाली गलौज करता हुआ नजर आ रहा है।

इस मामले में पुलिस ने अभी तक धीरेंद्र सिंह के भाइयों समेत 7 लोगों को हिरासत में लिया है लेकिन मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह फरार है। भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने कल ही धीरेंद्र सिंह के पक्ष में बयान दिया था कि धीरेन्द्र ने आत्मरक्षा में गोलियां चलाई है। आज भाजपा विधायक ने राजनीति और अपराधियों के गठजोड़ का खुला सबूत पेश करते हुए जिला अस्पताल में पूरा ड्रामा किया। भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह जिला अस्पताल में आज मीडिया से बात करते समय रोने लगे और धीरेंद्र सिंह को बेकसूर बताने लगे। उनका कहना है कि जिसे गोली मारते देखा गया वह धीरेन्द्र सिंह बेकसूर है, उसने तो अपने और अपने परिवार की रक्षा के लिए गोली चलाई थी और पुलिस प्रशासन भी अब एक पक्षीय ही कार्यवाही कर रहा है जिसमें धीरेंद्र सिंह का अनावश्यक उत्पीड़न किया जा रहा है। विधायक ने घटना की सीबीसीआईडी कराये जाने की भी मांग की।

आज मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह के पक्ष से घायलों का मेडिकल व एफआईआर के लिए भाजपा विधायक शनिवार सुबह रेवती थाने पहुंचे गए। वहां उन्होंने पुलिस अधीक्षक से कहा कि जो भी लोग इधर से घायल हुए हैं, उनका भी मेडिकल कराया जाय। इसके बाद सुरेंद्र सिंह, धीरेंद्र सिंह के परिवार के घायलों को लेकर जिला अस्पताल रवाना हो गए। रेवती थाना के दुर्जनपुर में कोटे की दुकान को लेकर भरी पंचायत में 15 अक्टूबर को हुई फायरिंग में जयप्रकाश पाल नाम के शख्स की मौत हो गई थी। जिसमे रिटायर फौजी धीरेंद्र सिंह की गोली से जयप्रकाश पाल की मौत हुई थी। वहीं इस दौरान हुई मारपीट में कई घायल भी हुए थे। धीरेंद्र सिंह के परिवार व रिश्तेदार भी घायल हुए हैं। जिनका उपचार विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।

भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस ने गोली से मृत पक्ष की तहरीर पर तो मुकदमा दर्ज कर लिया, लेकिन धीरेंद्र सिंह के पक्ष से भी कई लोग घायल हैं। जबकि उनका मेडिकल तक नहीं कराया जा रहा और न एफआईआर दर्ज की जा रही। न्याय दोनों तरफ मिलना चाहिए। एकतरफा कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। विधायक ने कहा कि महिलाएं भी घायल हुई हैं। उनकी भी पीड़ा का ध्यान रखा जाना चाहिए। चेतावनी दिया कि यदि मेडिकल नहीं कराया गया तो अनशन भी कर सकता हूं। थाने का भी घेराव करूँगा। विधायक ने कहा कि क्षत्रिय ऐसी स्थिति में भला क्या करेगा ?, क्या डर कर भाग जाएगा या लड़कर मरेगा। विधायक ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि 1 सप्ताह में धीरेन्द्र सिंह के पक्ष की तरफ से मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो वह अपने हजारों समर्थकों के साथ रेवती थाने का घेराव करेंगे। विधायक ने यह भी कहा कि वह क्षत्रिय कुल में पैदा हुए हैं और किसी दबाव में नहीं आएंगे। उन्होंने कहा कि यदि इसके लिए उन्हें राजनीति भी छोड़नी पड़े तो राजनीति भी छोड़ देंगे।

इसी बीच पुलिस ने मुख्य आरोपी सेवानिवृत्त फौजी धीरेंद्र सिंह समेत फरार सभी आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित कर दिया है। मुख्य आरोपी धीरेंद्र अभी भी पुलिस पकड़ से दूर है। जबकि दर्जनों टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं। पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र नाथ ने शनिवार तड़के जारी बयान में कहा कि 15 अक्टूबर को थाना रेवती अंतर्गत दुर्जनपुर ग्राम में हुई घटना के संबंध में वांछित मुख्य अभियुक्त धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ डब्लू सहित शेष वांछित अभियुक्तों पर 25-25 हज़ार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।

उल्लेखनीय है कि कोटे की दुकान के आबंटन को लेकर गुरूवार को एसडीएम, सीओ व पुलिसकर्मियों की भारी मौजूदगी में जमकर फायरिंग हो गई थी जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। घटना का वीडियो वायरल होने और इसमें अधिकारियों की लापरवाही दिखने पर योगी सरकार ने एसडीएम और सीओ को सस्पेंड करने व सभी अधिकारियों की भूमिका की जांच के आदेश दिए थे। घटना के बाद से ही मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह फरार चल रहा है। जबकि उसके बड़े भाई देवेन्द्र प्रताप सिंह समेत पांच की गिरफ्तारी हो चुकी है। फरार धीरेंद्र सिंह का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें वह खुद को बेकसूर बता रहा है।

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