Top

बदायूं में घायल महिला की जान बचाने के लिये उप निरीक्षक भिड़ा डॉक्टर से, करता रहा देखने की खुशामद, नहीं पसीजा डॉक्टर !

बदायूं - ज़िले में एक पुलिस उप निरीक्षक ने दुर्घटना में घायल एक महिला की जान बचाने का भरसक प्रयत्न किया लेकिन बिल्सी सीएचसी के कर्मचारियों की लापरवाही से महिला की मौत हो गयी। इस मामले का वीडियों वायरल होने के बाद मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।

पुलिस सूत्रों ने बुधवार को यहां बताया कि उघैती थाना क्षेत्र के बदायूं इस्लामनगर हाईवे पर नरैनी चौराहे के नजदीक का है। गत 14 सितम्बर को एक कैंटर ने बाइक सवार माँ बेटा को टक्कर मार दी। सूचना मिलते ही थाना उघैती से एसआई सुशील पवार अपने हम राह पुलिस बल महिला कॉस्टेवल के साथ मौके पर पहुँचे। तब तक महिला जिंदा थी।

महिला की हालत गम्भीर देख एसआई सरकारी जीप से आनन-फानन में महिला व उसके पुत्र को लेकर सीएचसी बिल्सी अस्पताल लेकर पहुँचे। एसआई सुशील पवार लगभग 30 मिनट तक स्टाफ से महिला को देखने का अनुरोध करते रहे।। महिला को देखने जीप तक कोई स्वास्थ्य कर्मी नहीं आया। एसआई ने महिला सिपाहियों की मदद से महिला व उसके पुत्र को स्टेचर द्वारा अस्पताल तक पहुचाया। पुलिस ने डॉक्टर से तुरन्त उपचार की गुहार लगाई। डॉक्टर महिला को देखने की बजाय एसआई पर रौब दिखाते हुए नोंक-झोंक करने लगा। समय पर इलाज न मिलने से महिला ने दम तोड दिया।

पुलिस सूत्रों ने यहां बताया कि सूचना मिलते ही परिजन भी सीएचसी पहुंच गए। मायूस एसआई चिकित्सकों तथा वहां तैनात स्टाफ की गैर जिम्मेदारना हरकत से परेशान रहे। वहाँ पर मौजूदगी में भीड़ व मरीज एसआई तथा उनके स्टाफ की भूरि-भूरि प्रसंशा करने लगे तथा स्वास्थ्य कर्मी स्टाफ को कोसने लगे।

महिला को लाने वाले एसआई सुशील पवार का कहना है भले ही उसकी मौत हो जाती, पर एक बार डॉक्टर देख तो लेता । वीडियो वायरल होने पर एसआई की प्रशंसा हो रही है वही स्वास्थ्य विभाग की जमकर फजीयत हो रही है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा ने बुधवार को यहां बताया कि थाना क्षेत्र में एक बाइक व कैंटर के बीच भिड़ंत हो गयी। इस हादसे में बाइक सवार मां और उसका बेटा घायल हो गए थे। थाने में तैनात दरोगा सुशील पवार दोनों घायलों को सरकारी जीप से बिल्सी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे लेकिन वहां स्टाफ द्वारा देरी करने के चलते महिला की मौत हो गई।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में थाना उघैती में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा एसआई से अभद्रता एवं इलाज में देरी लापरवाही करने की सूचना जिलाधिकारी को दे दी गई है। शीघ्र ही इस मामले पर कार्रवाई की जाएगी।

Share it