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मेरठ- भूख और प्यास की भरपाई के लिए घरों से निकलने पर मजबूर


मेरठ । मेरठ 19 लोगों में कोरोना की पुष्टि होने के बाद दहशत की स्थिति है। लोग घरों में क़ैद होने को मजबूर हैं। उधर सरकारी तंत्र व्यवस्था क़ायम करने में बेबस नज़र आ रहा है।नतीजन लोगों की बुनियादी ज़रूरत रोटी पानी के भी लाले पड़ गए हैं।इन हालात में लोग भूख और प्यास की भरपाई के लिए घरों से निकलने पर मजबूर हो गए। गली मोहल्लों में राशन की दुकानों पर ज़रूरतमंदों की लम्बी लाइन लाक डाउन की हवा निकाल रही है।

शासन-प्रशासन दावा कर रहे हैं कि लाक डाउन के दौरान हर गरीब को राशन-पानी और रक़म मुहैया कराई जाएगी।हक़ीक़त ये हैं कि इन बेचारों की पेट की आग तो धधक ही रही है साथ ही प्यास बुझाने के लिए पानी के भी लाले पड़ गए हैं।मेरठ में सुपरटेक पामग्रीन के पास झुग्गी-झोपड़ी में ज़िंदगी बसर करने वाली महिलाएँ लाक डाउन की परवाह किए बग़ैर पानी की तलाश में सड़कों पर निकल पड़ीं। ख़ाली बाल्टी ले जाती इन मुफ़लिसों की तस्वीर सब कुछ बया कर रही है। कमोबेश यही हाल सभी ज़िलों का है।

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