Top

लहसुन खरीद में 295 करोड़ रुपये का घोटाला-पायलट

लहसुन खरीद में 295 करोड़ रुपये का घोटाला-पायलट



जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने प्रदेश की मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे की गौरव यात्रा पर सवाल उठाते हुये कहा कि कोटा संभाग के किसानों की लहसुन की फसल की खरीद मात्र दो रूपये प्रति किलो की वहीं दूसरे जिले की मंडियों में 32.75 रूपये किलो खरीद कर 295 करोड़ के घोटाले को अंजाम दिया इसमे क्या आप इस पर गौरव महसूस करती हैं।

पायलट ने मुख्यमंत्री की गौरव यात्रा के औचित्य के लेकर पूछे जा रहे सवालों की श्रृंखला मेें 23वां प्रश्न पूछते हुये कहा कि कहा कि राज्य के किसानों ने अथक परिश्रम कर आठ लाख टन लहसुन का उत्पादन किया जो पूरे देश के लहसुन उत्पादन लगभग आधा है, परन्तु सरकार के स्तर पर लहसुन की उचित दरों पर खरीद नहीं होने से भाव गिरकर दो रूपये किलो तक पहुंच गये जिससे निराश धरती पुत्रों ने आत्मघाती कदम उठाना शुरू कर दिया और एक पखवाड़े में हाड़ौती सम्भाग में 7 किसानों ने आत्महत्या कर ली। इतने बड़े नुकसान के बाद सरकार ने 32.75 रूपये किलो की दर से खरीद तो शुरू की परन्तु 8 लाख टन में से केवल 90 हजार टन की ही खरीद की और इस सम्पूर्ण प्रक्रिया में भ्रष्टाचार को जिस स्तर पर अंजाम दिया गया वह भाजपा सरकार की भ्रष्टाचार को बढ़ाने की प्रवृत्ति का जीता-जागता उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि जिसके माध्यम से बिचौलियों एवं मुनाफाखोरों ने षडयंत्र करके अरबों रूपये बना लिये। उन्होंने कहा कि बिचौलियों ने एक तरफ तो भोले-भाले किसानों के खेतों में लहसुन की बुवाई दिखाकर जमाबंदी के आधार पर सरकारी खरीद के लिए जोधपुर और अन्य मंडियों में रजिस्ट्रेशन करा लिया और दूसरी तरफ मुख्यमंत्री के प्रतिनिधित्व वाले कोटा सम्भाग के किसानों से मंडी में कार्टेल बनाकर मात्र दो रुपये प्रति किलो के भाव से लहसुन खरीदकर अन्य जिलों मेंं रजिस्टर्ड किसानों के नाम से सरकार को 32.75 रूपये किलो पर बेच दिया।

पायलट ने कहा कि पिछले दो महीनों में वही लहसुन नैफेड ने 13 से 15 रूपये किलो के भाव बेचा है और उसी लहसुन को खरीदकर बिचौलिये फिर पैसा कमा रहे हैं, जो इसी से प्रमाणित होता है कि आज मंडियों में लहसुन 30 रूपये किलो तक थोक में और 40 रूपये किलो तक खुदरा में बिक रहा है। उन्होंने कहा कि इस सम्पूर्ण खुलासे से स्पष्ट हो गया है कि भाजपा सरकार किसानों के हितों के साथ समझौता कर बिचौलियों, मुनाफाखोरों एवं भ्रष्ट प्रशासनिक प्रक्रिया की समर्थक है।


Share it