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बेटे की अनूठी पहल: पिता की सड़क हादसे में मौत पर बारहवीं में बांटे हेलमेट

बेटे की अनूठी पहल: पिता की सड़क हादसे में मौत पर बारहवीं में बांटे हेलमेट


भीलवाड़ा। भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर क्षेत्र में अपने पिता की दुर्घटना में हुई मौत से आहत एक बेटे ने उनकी बारहवीं के आयोजन में पंडितों को दक्षिणा में हेलमेट देकर अनोखी पहल की है।

टांक समाज में शुरू हुई यह परंपरा सबके लिए मिसाल और कस्बे में चर्चा का विषय बन गई है। जिले के जहाजपुर निवासी प्रेम राज टांक के सिर में चोट लगने की वजह से उनकी मौत हो गई थी। बारहवीं के कार्यक्रम में उनके पुत्र ने सुख सेज की रस्म के तहत पंडितों को दक्षिणा के तौर पर हेलमेट देकर समाज को एक नया संदेश दिया है, ताकि हमेशा हेलमेट पहन के चलें और सुरक्षित रहें।

शकरगढ़ थाना क्षेत्र में 18 जुलाई को बांकरा रोड पर मोटर साइकिल के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण हुई दुर्घटना में प्रेम राज टांक के सिर में चोट लगी थी। पेसिफिक हॉस्पिटल उदयपुर में उनका उपचार चल रहा था, जहां 14 सितम्‍बर को उन्होंने दम तोड़ दिया। पुत्र पप्पू टांक ने बताया कि अगर उनके पिता ने उस दिन हेलमेट पहना होता तो शायद उस एक्सीडेंट में सिर में चोट लगने की वजह से उनकी जान नहीं जाती।

हेमराज टाक ने बताया कि काश मेरे पिता ने इस हेलमेट का उपयोग किया होता तो आज वह हमारे परिवार के साथ होते। जो हमारे परिवार के साथ हुआ आज हमारे सिर्फ हमारे पिता की छत्रछाया नहीं है। इसलिए हम यह नहीं चाहते कि जो घटना हमारे परिवार के साथ घटित हुई वह किसी और के परिवार के साथ घटित हो। दुर्घटना में और कोई काल का शिकार नहीं बने। इसलिए पिता की बारहवीं के आयोजन में आए समस्त पंडितों को हेलमेट दक्षिणा स्वरूप उपहार में दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि टाक समाज में मृत्यु भोज बंद है। आयोजन पर केवल सब्जी पूरी बनती है। साथ ही मेहमानों को भी हेलमेट देने की उनकी इच्छा थी परन्तु सामाजिक परंपरा में बंद है। इसलिए उन्होंने केवल पंडितों को ही दक्षिणा स्वरूप हेलमेट दिए। टांक परिवार के इस अनुकरणीय मिसाल की पंडितों सहित पूरे कस्बे में अच्छी खासी चर्चा रही।


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