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बजट में गांव, गरीब व किसानों के लिए कुछ नहीं : गहलोत

बजट में गांव, गरीब व किसानों के लिए कुछ नहीं : गहलोत

महंगाई बढ़ाने वाला बजट : पायलट

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शुक्रवार को पेश किए गए आम बजट 2019 को निराशाजनक बताया है।

सीएम गहलोत ने बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ट्वीट कर लिखा कि एनडीए सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट निराशाजनक है। बजट में अर्थव्यवस्था के विकास, रोजगार सृजित करने या निवेश को बढ़ाने के लिए कोई ठोस योजना या समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि बजट में अर्थव्यवस्था के विकास में तेजी लाने, रोजगार सृजित करने या निवेश के प्रवाह को बढ़ाने के लिए कोई ठोस योजना या समाधान नहीं है। सीएम गहलोत ने कहा कि गांव, गरीब और किसान सिर्फ नारे-दावे बनकर रह गए हैं। बजट में उनकी समस्याओं के लिए समाधान का कोई जिक्र नहीं है। मध्यम वर्ग व नौकरीपेशा वर्ग को भी दरकिनार किया गया है। इससे भी ऊपर ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी भी आमजन पर दबाव बनाएगी।

महंगाई बढ़ाने वाला बजट : पायलट

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने आम बजट 2019-20 पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे महंगाई बढ़ाने वाला और आमजनता के हितों पर कुठाराघात करने वाला बजट बताया है। उन्होंने कहा कि बजट में रोजगार सृजन के बारे में कोई रोडमेप नहीं है और सरकारी निवेश के बिना विकास का वादा किया गया है जो एनडीए सरकार की अदूरदर्शिता का परिचायक है। गत एनडीए सरकार के दौरान 5 वर्षों में विदेशी निवेश घटा है। बजट में मध्यम वर्ग को कोई राहत नहीं दी गई और महिला सुरक्षा को लेकर बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया है। पेट्रो उत्पादों पर 1 रुपया सेस लगने से महंगाई बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए कोई प्रावधान नहीं है। सरकारी कम्पनियों के विनिवेश पर सरकार जोर दे रही है जबकि ऐसा करने से बेरोजगारी बढ़ेगी।

केन्द्रीय बजट निराशाजनक और दिशाहीन : शर्मा

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा सूचना एवं जनसम्पर्क मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने केन्द्रीय बजट को आम लोगों के लिए निराशाजनक और दिशाहीन बताया है। लोकसभा चुनाव में मिले भारी जनमत के बावजूद इस बजट में आम आदमी विशेष रूप से युवाओं को निराश किया है। इस बजट में कोर सेक्टर होते हुए भी हेल्थ सेक्टर के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया है। केन्द्रीय बजट में राज्य की पूरी तरह उपेक्षा की गई है। बजट में आम आदमी विशेष रूप से किसानों, गरीबों तथा वंचित वर्ग के हितों पर विशेष ध्यान नहीं दिया गया है, बल्कि बढ़ते करारोपण से गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवारों पर और अधिक भार बढ़ेगा।


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