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दलितों की आबरू, सुरक्षा के विरोध में आगज़नी हिंसा करा रही है कांग्रेस:नड्डा

दलितों की आबरू, सुरक्षा के विरोध में आगज़नी हिंसा करा रही है कांग्रेस:नड्डा



नयी दिल्ली- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने शुक्रवार को कहा कि धार्मिक प्रताड़ना के कारण अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बंगलादेश छोड़ कर आने वाले अल्पसंख्यक हिन्दुओं में दो तिहाई से अधिक दलित हैं लेकिन दलितों के मसीहा बनने वाले ही उन दलितों की इज्ज़त आबरू एवं सुरक्षित भविष्य के विरोध में देश में हिंसा एवं आगज़नी करने पर आमादा हैं।

श्री नड्डा ने यहां भारतीय बौद्ध संघ के तत्वावधान में नागरिकता (संशोधन) कानून 2019 के समर्थन में आयोजित जन-जागरण कार्यक्रम को संबोधित किया और इस कानून पर विपक्ष के झूठ का पर्दाफाश करते हुए देश के अल्पसंख्यकों को आश्वस्त किया कि यह नागरिकता देने वाला कानून है, लेने वाला नहीं। जो भी आज नागरिकता (संशोधन) कानून का विरोध कर रहे हैं, वे मूलतः देश को कमजोर करने में लगे हैं।

कांग्रेस पर हमला करते हुए श्री नड्डा ने कहा कि जब हम पाकिस्तान, बंगलादेश और अफगानिस्तान से आये धार्मिक रूप से प्रताड़ित हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई और पारसी शरणार्थियों को भारत की नागरिकता दे रहे हैं तो कांग्रेस एवं उसकी सहयोगी पार्टियां अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए एक समाज विशेष को उकसा कर देश में हिंसा और नफरत का माहौल बनाने की साजिश रच रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए आज भी देश सर्वोपरि नहीं है, उसे अपना वोट बैंक प्यारा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए पहले वोट आता है, फिर राजनीति और बाद में देश आता है जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा के लिए देश सबसे पहले आता है।

कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि 1950 में नेहरू-लियाकत समझौता हुआ था जिसके तहत दोनों देशों के अल्पसंख्यकों के अधिकारों को सुनिश्चित करना था लेकिन 1951 में पाकिस्तान में हिंदुओं की जनसंख्या 23 फीसदी से घट कर लगभग चार प्रतिशत के नीचे आ गयी जबकि इसी तरह बंगलादेश में भी हिंदुओं की जनसंख्या 23 प्रतिशत से घट कर लगभग सात प्रतिशत तक रह गई। इसके ठीक उलट भारत में अल्पसंख्यकों की संख्या बढ़ी है। पाकिस्तान और बंगलादेश में धार्मिक रूप से प्रताड़ित होकर काफी संख्या में हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई और पारसी अपनी इज्जत-आबरू बचाने शरणार्थी के रूप में भारत आये। ये वर्षों से भारत को अपनी धरती मान कर रहते आये हैं लेकिन कांग्रेसी सरकारों ने शरणार्थियों के अधिकार की रक्षा के लिए कुछ भी नहीं किया। यह आज हमारे लिए ख़ुशी की बात है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री एवं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने 'नागरिकता (संशोधन) क़ानून' को लागू कर इन तीन पड़ोसी देशों से आये हिंदू, बौद्ध, सिख, जैन, ईसाई और पारसी शरणार्थियों को सम्मान से जिंदगी जीने का अधिकार दिया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसकी जैसी पार्टियों द्वारा देश भर में भ्रम फैलाया जा रहा है कि नागरिकता (संशोधन) कानून से बड़ी संख्या में पाकिस्तान, बंगलादेश और अफगानिस्तान से शरणार्थी भारत आ जायेंगे। विपक्ष यह जानबूझ कर छिपा रहा है कि नागरिकता (संशोधन) कानून के तहत इन तीन देशों से आये केवल उन शरणार्थियों को ही नागरिकता देने का प्रावधान है जो 31 दिसंबर 2014 तक भारत आ चुके हैं।

उन्होंने कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए कहा कि कांग्रेस ने भाषण दिए राजनीतिक रोटियाँ सेंकी, राजनीति की लेकिन शरणार्थियों का भला नहीं किया। कांग्रेस के नेता दलित हितैषी होने का ढोंग करते हैं लेकिन दलितों की चिंता नहीं करते। इन शरणार्थियों में लगभग 70 प्रतिशत से अधिक दलित हैं लेकिन इनका दर्द कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियों को दिखाई नहीं देता। उन्होंने कहा,"वास्तव में कांग्रेस पार्टी में ऐसा कोई नेता रह नहीं गया है जो कुछ समझ सके। श्री राहुल गाँधी का तो कहना ही क्या जो नागरिकता (संशोधन) कानून पर 10 लाइनें बोल नहीं सकते। वह कुछ बिना जाने ही बुद्धिमत्ता का ढोंग रचते हैं। मैं एक बार फिर राहुल गाँधी को चुनौती देता हूँ कि वह नागरिकता कानून पर 10 पंक्तियां और इसके विरोध में दो लाइन बोल कर दिखाएँ। ऐसा नहीं है कि हमने मुस्लिमों को नागरिकता नहीं दी है, जिन्होंने भी क़ानून के हिसाब से भारत की नागरिकता माँगी है, उन्हें दी गई है। पिछले पांच वर्षों में 500 से अधिक मुस्लिमों को भारत की नागरिकता दी गई है।

श्री नड्डा ने कहा कि महात्मा गाँधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, डॉ राजेन्द्र प्रसाद से लेकर डॉ मनमोहन सिंह तक कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने पाकिस्तान-बंगलादेश से धार्मिक रूप से प्रताड़ना के शिकार अल्पसंख्यक शरणार्थियों को भारत की नागरिकता देने की वकालत की थी लेकिन कांग्रेस आज वोट बैंक के लालच में नागरिकता (संशोधन) कानून का विरोध कर शरणार्थियों के साथ अन्याय कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने पाकिस्तान से आये शरणार्थी हिंदुओं को गुजरात और राजस्थान में बसाने की पहल भी की थी लेकिन आज जब हम पाकिस्तान, बंगलादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक रूप से प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को अधिकार देने का कानून लेकर आये हैं तो कांग्रेस पार्टी ही इस पर भ्रम और झूठ की राजनीति कर रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अनुच्छेद 370 को भी अस्थायी बना कर देश को समस्याओं में उलझाए रखा था जिसके चलते जम्मू-कश्मीर में भ्रष्टाचार, आतंकवाद और अलगाववाद फला-फूला लेकिन अब धारा 370 के हटने से अब वहां विकास का नया सूरज निकला है। श्री मोदी ने देश की 70 सालों से अटकी समस्याओं का समाधान किया है और इसके सूत्रधार केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह बने। बंगलादेश से जुड़ा सीमा विवाद भी मोदी सरकार ने ही हल किया।

कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि वास्तव में विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। उन्हें हालांकि यह तय करना है कि उन्हें क्या करना चाहिए लेकिन देश को गुमराह करने का अधिकार किसी को भी नहीं है। देश ऐसे लोगों को माकूल जवाब देगा।


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