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उप्र. में स्वीकृत हुए 13 मेडिकल कॉलेज: डॉ. हर्षवर्धन- पांच वर्षों में 26 मेडिकल कॉलेज बनाये जाने का लक्ष्य

उप्र. में स्वीकृत हुए 13 मेडिकल कॉलेज: डॉ. हर्षवर्धन- पांच वर्षों में 26 मेडिकल कॉलेज बनाये जाने का लक्ष्य


झांसी। देश भर में 5 वर्षों में 26 मेडिकल कॉलेज बनाये जाने का लक्ष्य है जो प्रदेश सबसे पहले डीपीआर बना लेगा उसे पहले स्वीकृति मिल जायेगी। उप्र. के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 14 मेडिकल कॉलेज की डीपीआर भेजी जिसमें 13 स्वीकृत हो गये, एक जल्द स्वीकृत हो जायेगा।

यह बात स्वास्थ्य मंत्री एवं परिवार कल्याण भारत सरकार डॉ. हर्षवर्धन ने रविवार को मेडिकल काॅलेज में सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के उद्घाटन के दौरान कही। स्वास्थ्य मंत्री एवं परिवार कल्याण भारत सरकार डा. हर्षवर्धन ने कहा कि उत्तर प्रदेश की धरती का मैं ऋणी हूं। आज से 45 वर्ष पूर्व कानपुर मेडिकल कॉलेज से डाक्टरी की शिक्षा प्राप्त की। आज यहां आकर प्रसन्न हूं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का सपना था कि नये डॉक्टर की कमी को दूर किया जाये, जो आज साकार हो रहा है। वर्ष 2016 में तत्कालिक केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने शिलान्यास किया और सुपर स्पेशिलिटी ब्लाक का 2019 में उद्घाटन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 6 एम्स बनाये जाने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही एमबीबीएस में 29 हजार सीट बढ़ाई गयी तथा पोस्ट ग्रेजुएशन में 17 हजार सीटों की वृद्वि की है।

मेडिकल कॉलेज की प्रधानाचार्य प्रो. साधना कौशिक ने बताया कि सुपर स्पेशिलिटी ब्लाक प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना फेस 3 के तहत 150 करोड़ की लागत से निर्मित हुआ है। इसमें प्लास्टिक सर्जरी के 36 जनरल बेड, यूरोलाजी के 20 जनरल बेड, न्यूरो सर्जरी के 36 जनरल बेड, कार्डियोलाजी के 36 जनरल बेड, फ्रोलाजी के 22 जनरल बेड तथा न्यूरोलाजी के 36 जनरल बेड की व्यवस्था है। 6 विभिन्न सुपर स्पेशिलिटी विभागों में 13 नवीन चिकित्सा शिक्षकों के पदो का सृजन किया गया। इसके साथ 54 सीनियर रेजीडेण्ट के पदो का सृजन हुआ। नर्सिंग संवर्ग में कुल 84 नर्सिंग पदो का सृजन हुआ तथा गैर शैक्षिणक संवर्ग के 18 पदो का सृजन किया गया व चतुर्थ श्रेणी के 144 पदो का सृजन किया गया है। मंत्री वित संसदीय कार्य एवं चिकित्सा शिक्षा सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि डॉक्टरों की कमी किसी भी दशा में लोगों को प्रभावित नहीं करेगी, चिकित्सा एक शिक्षा के क्षेत्र में जो प्रयास चल रहे है, वह अभूतपूर्व है।


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