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दिल्ली के हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में चारों ओर दिखाई दिया तबाही का मंजर...दिल्ली हिंसा में 24 लोगों की मौत, नरेन्द्र मोदी, अमित शाह और अजीत डोभाल रखे हुए हैं स्थिति पर पैनी नजर

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में पिछले तीन दिनों से जारी हिंसक घटनाओं में 24 लोगों के मारे जाने और दो सौ से अधिक घायल होने की घटना को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्थिति की समीक्षा की है तथा गृहमंत्री अमित शाह एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

इस बीच श्री शाह ने दिल्ली के हालात को देखते हुए विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ बैठक भी की है और शांति बनाने में सहयोग देने की अपील की है। श्री डोभाल ने आज दोपहर बाद उत्तर पूर्वी दिल्ली पुलिस उपायुक्त के कार्यालय पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और मौजपुर समेत कुछ अन्य हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत की और उनका हालचाल जाना। उनके साथ पुलिस के आला अफसर भी मौजूद थे। इस दौरान सड़कें सूनी थी और दुकानें बंद पड़ी थी। इससे पहले उन्होंने कल देर रात भी जिले का दौरा किया था। श्री मोदी ने हिंसक घटनाओं पर चिता व्यक्त करते हुए दिल्ली के लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की है। हालात को नियंत्रित करने के लिए पूरे उत्तर पूर्वी जिले में अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है और उपद्रवियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन से भी निगरानी रखी जा रही है। हिंसा से सबसे अधिक प्रभावित जाफराबाद की कुछ गलियों में पुलिस की ओर से लोगों को घरों में रहने की मुनादी की गई है और कहा गया है कि इस इलाके में कफ्र्यू लगा दिया गया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार दिल्ली की स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं। गृह मंत्री ने विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ बैठक भी की है। इससे पहले श्री मोदी ने हिंसा की घटनाओं पर ट््वीट कर गहरी चिंता व्यक्त की और लोगों से शान्ति बनाये रखने के अपील की। उन्होंने दिल्ली के विभिन्न इलाकों में स्थिति की व्यापक समीक्षा की है। पुलिस एवं अन्य एजेंसियां स्थिति को सामान्य बनाने और शान्ति कायम रखने के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रही हैं। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि शान्ति और सौहार्द हमारा स्वभाव रहा है। मैं दिल्ली के भाइयों और बहनों से अपील करता हूं कि वे शान्ति और भाईचारा हमेशा बनाये रखें। स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य और शांत करना हमारे लिए जरूरी है। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर उत्तर पूर्वी दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में भड़की हिंसा में शामिल लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करने और उन्हें गिरफ्तार करने की मांग करने वाली एक याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय में सुनवाई हुुई। न्यायालय ने हिंसा में घायल लोगों को सुरक्षा और इलाज सुनिश्चित करने का दिल्ली पुलिस को आदेश दिया है और भड़काऊ भाषण देने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। अदालत ने सुनवाई के दौरान पूछा कि पुलिस को आखिर कितनी मौतों और नुकसान का इंतजार है। अदालत में इस मामले पर पांच घंटे के अंदर तीन बार सुनवाई हुई। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने उत्तर पूर्वी दिल्ली के कुछ इलाकों की स्थित को गंभीर बताते हुए लोगों में विश्वास पैदा करने के लिए सेना तैनात करने की मांग की है। श्री केजरीवाल ने बुधवार को ट्वीट कर कहा कि हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत कफ्र्यू लगाया जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिख रहे हैं। श्री केजरीवाल ने कहा कि वह रात भर बड़ी संख्या में लोगों के सम्पर्क में थे। स्थिति बेहद गंभीर है। पुलिस के तमाम प्रयासों के बावजूद स्थिति नियंत्रित नहीं हो रही है। पुलिस और अर्द्धसैनिक बल के जवानों के आज सुबह मौजपुर से गोकुलपुरी के इलाके में फ्लैग मार्च कर लोगों में विश्वास पैदा करने का प्रयास किया। पुलिस ने लोगों को अपने घरों में रहने की सलाह दी। गौरतलब है कि रविवार को भाजपा के नेता कपिल मिश्रा के भड़काऊ भाषण और मामूली पथराव के बाद सोमवार को दिन भर पूरे जिले में हिंसक घटनाएं होती रही। शोरूम से बड़ी छोटी दुकानों में आग लगा दी गई। एक पैट्रोल पंप को भी आग के हवाले कर दिया गया। गोकुलपुरी में टायर मार्केट में आग लगा दी गयी जिसे बुझाने में दमकलकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस मार्किट की करीब सभी दुकानें जलकर खाक हो गई। जिले में कल रात से किसी हिंसक घटना की जानकारी नहीं है, लेकिन हालात तनावपूर्ण बना हुआ है।

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