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आप का मोदी सरकार पर चीन से करोड़ों का कर्ज लेने का आरोप, 15 जून को हमारे जवान शहीद हुए, 19 जून को कर्ज लिया !

आप का मोदी सरकार पर चीन से करोड़ों का कर्ज लेने का आरोप, 15 जून को हमारे जवान शहीद हुए, 19 जून को कर्ज लिया !

नयी दिल्ली- आम आदमी पार्टी (आप) ने मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव के बीच वह अपनी योजनाओं के नाम पर चीन से करोड़ों रुपए कर्ज लेकर देश को बेच रही है।

आप के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने बुधवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन से करोड़ों रुपए कर्ज लेकर देश को बेच रहे हैं। चीन ने 15 जून को हमारे जवानों को शहीद किया और 19 जून को मोदी सरकार ने चीन से पहले 5521 करोड़ रुपए का कर्ज लिया तथा इसके कुछ दिनों बाद 3681 करोड़ रुपए का दूसरा कर्ज लिया। इस तरह अब तक कुल 9202 करोड रुपए कर्ज ले चुके हैं।

आप प्रवक्ता ने कहा कि चीन पहले छोटे-छोटे देशों को बुनियादी सुविधाओं के नाम पर कर्ज देकर अपना कर्जदार बनाता है और फिर उनकी संपत्ति पर कब्जा कर लेता है। उसने दुनिया भर की जीडीपी का करीब छह प्रतिशत के बराबर कर्ज दूसरे देशों को दे रखा है । वह भारत में इस साल तीन खरब डाॅलर का निवेश करना चाहता है। वह हमारे यहां रेल व सड़क परियोजनाओं , चेन्नई में पेरिफेरल रोड प्रोजेक्ट, दिल्ली रैपिड रेल प्रोजेक्ट, मुम्बई मेट्रो रेल प्रोजेक्ट और हरियाणा में बाईपास प्रोजेक्ट में निवेश कर रहा है। आज देश के सामने ऐसा वक्त आ गया है, जब हम अपनी पार्टियों और अपने नेताओं के बारे में न सोच कर सिर्फ देश के बारे में सोचें।

श्री भारद्वाज ने कहा कि पिछले दो सालों से चीन धीरे-धीरे करके हमारी जमीन को पर कब्जा करता जा रहा है। पहले डोकलाम के भीतर चीन ने कब्जा किया और इस साल आठ मई से लगातार खबरें आ रही हैं कि चीन गलवान घाटी के भीतर भारतीय जमीन पर कब्जा करता जा रहा है। ऐसी खबरें सुनने में आ रही है लगभग 1000 वर्ग किलोमीटर भारतीय जमीन पर चीन ने कब्जा कर रखा है।

आप प्रवक्ता ने लोगों से सोशल मीडिया पर जाकर चीन की डेब्ट ट्रैप डिप्लोमेसी पॉलिसी के बारे में जानकारी हासिल करने की अपील की। इसी नीति के तहत वह पहले छोटे-छोटे देशों को इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर लोन देता है, उन्हें अपना कर्जदार बनाता है और फिर बाद में उनकी संपत्ति पर अपना अधिकार स्थापित कर लेता है। इसी तरह से वह दुनिया के देशों को कर्ज के जाल में फंसाता जा रहा है। चीन द्वारा स्थापित किए गए एआईआई बैंक की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग की बहुत समय पहले से यह मंशा थी। 2013 में चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग ने 2013 में इस प्रकार का एक बैंक स्थापित करने की मंशा जताई थी, जिसमें चीन का शेयर सबसे अधिक होगा। उन्होंने बताया कि भारत ने 2016 में चीन के इस प्रस्ताव पर सहमति जतायी और उसी वर्ष में इस बैंक की स्थापना की गई।

श्री भारद्वाज ने बताया कि चीन एआईआई बैंक तथा अन्य कई चीनी बैंकों के माध्यम से इस साल भारत में तीन खरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करना चाहता है। श्रीलंका का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि ऐसे कई देश है, जहां पर चीन ने पहले बड़ी बड़ी परियोजनाओं में निवेश किया और बाद में उन की परियोजनाओं को, उनकी जमीन को कब्जा लिया। चीन ने श्रीलंका को बंदरगाह और हवाई अड्डा बनाने के लिए पैसा उधार दिया था। निवेश की शर्तें बेहद ही टेढ़ी होने के कारण श्रीलंका ऋण का भुगतान नहीं कर पाया और आज श्रीलंका के बंदरगाह और हवाई अड्डे पर चीन का कब्जा है। उन्होंने कहा कि भारत, जापान और अमेरिका को यह भय है कि चीन युद्ध के लिए श्रीलंका के हवाई अड्डे का इस्तेमाल कर सकता है। उन्होंने बताया कि केवल श्रीलंका ही नहीं, चीन ने पाकिस्तान, मालद्वीप, मलेशिया, तजाकिस्तान, मंगोलिया और कुछ ही दिनों पहले लाओस को इसी प्रकार से उधार पैसा देकर घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।

उन्होंने कहा कि चीन द्वारा दिए गए कर्जे में डूब कर आज यह सभी देश चीन की बात मानने के लिए विवश हो गए हैं। यह बेहद ही चिंता की बात है कि हमारे प्रधानमंत्री देश को उसी गड्ढे में धकेल रहे हैं।

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