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राजस्थानः चम्बल नदी में नाव डूबने से 13 लोगों की मौत, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने जताया दुख

राजस्थानः  चम्बल नदी में नाव डूबने से 13 लोगों की मौत, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने जताया दुख

कोटा। कोटा जिले की सीमा के आखिरी क्षेत्र खातौली के गोठड़ा गांव में बुधवार सुबह चम्बल नदी पार कर कमलेश्वर धाम बूंदी एरिया में जा रही नाव चम्बल नदी में डूब गई। दुर्घटना में नाव में सवार करीब 13 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। नाव में करीब 40 लोग सवार थे और कुछ मोटरसाइकिलें भी रखी हुई थी। नाव में ज्यादा वजन होने से पानी भर गया और यह हादसा हुआ। नदी से करीब 13 लोगों के शव बाहर निकाले गए, जबकि एक लापता है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने बुधवार को राजस्थान में नाव डूबने की घटना पर दुख जताते हुए पीड़ितों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।


कोटा ग्रामीण पुलिस अधीक्षक शरद चौधरी ने बताया कि मरने वालों में दिनेश (35) पुत्र शंकरलाल राठौर, राधिका (8) पुत्री दिनेश राठौर, मधुसुधन (22) पुत्र बद्री धाकड़, गोलमा (15), सियराम (55) पुत्र नारायण, ज्योति (13) पुत्री ओमप्रकाश, कैलाश पुत्र रघुनाथ (35), प्रेमबाई (45) पत्नी रामरतन, उर्मिला (30) पत्नी कैलाश, हेमाराम (40) पुत्र कृष्णमुरारी, मंशाराम (30) पुत्र रघुनाथ, उमाबाई (28) पत्नी मंशाराम और गोमती (25) पत्नी राधेश्याम की मौत हो गई है। इनके अलावा कुछ और एक व्यक्ति और डूबा जिसकी तलाश जारी है लेकिन अंधेरा होने के कारण अब गुरुवार सुबह उसकी तलाश की जाएगी। सभी मृतकों के शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया है।


कोटा ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ने बताया कि खातोली थाना क्षेत्र में गोठड़ा कलां और चाणदा गांव के नजदीक लकड़ी की नाव में करीब 40 से लोग सवार होकर बूंदी जिले के कमलेश्वर धाम की ओर जा रहे थे। इनमें महिलाएं और छोटे बच्चे सवार थे। ग्रामीणों की मोटरसाइकिलें भी नाव में रखी थी। चंबल नदी पार करते समय किनारे से थोड़ी अंदर जाते ही नाव का संतुलन बिगड़ने से नाव में पानी भरना शुरू हो गया। नाव डूबने की घटना का आभास होते ही उसमें सवार लोगों ने नदी में कूदकर अपनी जान बचाने का प्रयास किया। चारों ओर चीख-पुकार व लोगों के हाहाकार मचाने से मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।


ग्रामीणों ने रस्सियों की मदद से नदी में डूबे लोगों को बचाने का प्रयास किया। सूचना मिलने पर प्रशासन के आला अधिकारी और एनडीआरएफ की टीम नगर निगम की रेस्क्यू टीम आदि मौके पर पहुंची और नदी में डूबे लोगों को निकालने के कार्य में जुट गई। देर शाम तक नदी में डूबे लोगों की तलाश जारी रही। शाम करीब 5 बजे तक नदी में डूबे 13 लोगों के शव बाहर निकाले गए।


एक ही घर से उठी 4 अर्थियां, दो सगे भाई:


खातोली एरिया के गरोठ कला गांव के नजदीक चंबल नाव दुर्घटना में बरनाहाली गांव के रहने वाले दो सगे भाई कैलाश और मंशाराम (30) की डूबने से मौत हो गई। दोनों भाइयों नाव में सवार थे सात ही उनकी पत्नियां भी उनके साथ नाव में सवार थी जिनको तैरना नही आने के कारण नदी में डूब कर मोत हो गई। गमगीन माहौल में चारों का अंतिम संस्कार किया गया।


राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट संदेश में कहा, राजस्थान के कोटा में श्रद्धालुओं को ले जा रही नाव के डूब जाने का समाचार हृदय-विदारक है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदना पीड़ित परिवारों के साथ है।


उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा, राजस्थान के कोटा जनपद में चम्बल नदी में हुई नाव दुर्घटना में हताहत लोगों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं, आशा करता हूं स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों और उनके परिजनों को यथा सम्भव राहत और सहायता पहुंचा रहे हैं।


लोकसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री ने जताई संवेदना :


जिले के खातौली थाने के गोठड़ा गांव में चंबल नदी में नाव डूबने से करीब 14 लोगों की मौत हो गई। दर्दनाक हादसे पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने चिंता व्यक्त की है। मामले को लेकर लोकसभा सचिवालय लगातार जिला प्रशासन से संपर्क साधे हुए है। मेरे संसदीय क्षेत्र में घटित इस हादसे से पीड़ा पहुंची है। पीड़ित परिवारों से मैंने स्वयं बात की है। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से भी पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे।


मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोटा में थाना खातोली क्षेत्र में चम्बल ढिबरी के पास नाव पलट जाने की घटना बेहद दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। हादसे का शिकार हुए लोगों के परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। कोटा प्रशासन से बात कर घटना की जानकारी ली है। तत्परता से राहत एवं बचाव के साथ ही लापता लोगों को शीघ्र ढूंढने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन घटनास्थल पर मौजूद है। प्रभावित परिवारों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से मदद के लिए निर्देश दिए हैं।




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