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अमित शाह ने बुलाई उच्च स्तरीय बैठक, दंगाईयों से सख्ती के साथ निपटने के निर्देश...दिल्ली में हिंसा बेकाबू: 10 की मौत, 4 थाना क्षेत्रों में कफ्र्यू लागू, अर्द्धसैनिक बल तैनात

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ उत्तर पूर्वी दिल्ली में हिंसक प्रदर्शन लगातार जारी है। मंगलवार शाम को भी चांदबाग इलाके में एक बार फिर से हिंसा भड़क गई। उपद्रवियों ने आगजनी और तोडफ़ोड़ की है। चार इलाकों, जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर और करावलनगर में कफ्र्यू लगा दिया गया है। हिंसा में अब तक एक पुलिसकर्मी समेत कुल 10 लोगों की मौत हुई है। दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हिंसा में 56 पुलिसकर्मियों को चोट आई है। 130 नागरिक भी घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हिंसा और आगजनी की घटनाएं आज देर रात्रि तक भी जारी रही तथा अनेक स्थानों पर धुंआ ही धुआं दिखाई दिया।

हिंसा से सबसे ज्यादा प्रभावित उत्तर पूर्व दिल्ली में जरूरत के मुताबिक पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। इस बात की जानकारी दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता एमएस रंधावा ने दिया है। उन्होंने बताया कि कुछ जगह पर हिंसक घटनाएं हुई हैं। पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिसबल की कमी की बात सही नहीं है। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता एमएस रंधावा ने बताया कि अभी तक 11 एफआईआर दर्ज की गई है, कई को हिरासत में भी लिया गया है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय लगातार हमारी मदद कर रहा है और हमने पर्याप्त सुरक्षा बलों की तैनाती की है। असामाजिक तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा, सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, सीआरपीएफ और वरिष्ठ अधिकारी उत्तर पूर्वी दिल्ली में तैनात किए गए हैं। कुछ इलाकों में धारा 144 भी लगाई गई है। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता एमएस रंधावा ने जनता से अपील करते हुए कहा कि अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। हमने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), आरएएफ और एसएसबी को भी तैनात किया है। पुलिस टीम की ओर से लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है। उच्च अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ इलाकों में आज भी कई क्षेत्रों में हिंसक घटनाएं हुई हैं, जिनसे निपटने की कोशिश की गई है। उत्तर पूर्व दिल्ली के चांदबाग इलाके में मंगलवार शाम हिंसा फिर भड़क गई। उपद्रवियों ने दुकानों में आग लगा दी और पथराव किया। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे लेकिन यह प्रयास व्यर्थ रहा। स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। दंगाइयों ने बेकरी की एक दुकान और फलों के कई ठेलों को फूंक दिया। वहीं दिल्ली में सीएए को लेकर जारी बवाल को देखते हुए देर शाम साहिबाबाद के भोपुरा-तुलसी निकेतन बॉर्डर को सील कर दिया गया। इसके बाद दिल्ली की तरफ जाने और गाजियाबाद की तरफ आने वाले वाहनों की पूरी तरह से एंट्री रोक दी गई है। राजधानी में दो दिन से जारी हिंसा की घटनाओं के मद्देनजर केन्द्र सरकार ने मंगलवार को उच्च स्तरीय आपात बैठक बुलाई और स्थिति की गहन समीक्षा की तथा शांति बहाल करने के लिए कड़े कदम उठाने का फैसला किया। गृह मंत्री अमित शाह ने बैठक बुलाई थी, जिसमें दिल्ली के उप राज्यपाल अनिल बैजल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शामिल हुए। श्री केजरीवाल ने बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में इस बैठक को अच्छा कदम बताते हुए कहा कि हर कोई चाहता है कि राजधानी में हिंसा रुके। बैठक में यह फैसला किया गया कि सभी राजनीतिक दल दिल्ली में शांति व्यवस्था बहाल करने में सहयोग करें। इससे पहले श्री केजरीवाल ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली और अन्य प्रभावित क्षेत्रों के विधायकों के साथ बैठक की थी। बैठक के बाद उन्होंने पुलिस बल पर्याप्त संख्या में नहीं होने और हिंसा फैलाने के लिए सीमावर्ती राज्यों से उपद्रवियों के आने की बात कही थी। पूरे जिले में हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए है। इस बीच पिंजड़ा तोड़ आंदोलन ने जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के नीचे सड़क पर प्रदर्शन कर रहे लोगों के समर्थन में वहां पर महिलाओं की मानव श्रंखला बनाने का आह्वान किया है। इसमें सभी धर्मों समुदायों से जुड़ी महिलाओं को इस मानव श्रंखला में शामिल होने की अपील की गयी है। उल्लेखनीय है कि इस पिंजड़ा तोड़ आंदोलन में राजधानी के विभिन्न कालेजों की छात्राएं शामिल हैं।

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