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देश में ऐसी व्यवस्था जहां कोई प्रश्न नहीं पूछ सकता, किसी बहस की अनुमति नहीं : चिदंबरम

देश में ऐसी व्यवस्था जहां कोई प्रश्न नहीं पूछ सकता, किसी बहस की अनुमति नहीं : चिदंबरम

नई दिल्ली। वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने संसद के मानसून सत्र में विपक्ष के चर्चा कराने की मांग को नकारने तथा कांग्रेस नेताओं को सेना के समर्थन में बोलने की अनुमति नहीं मिलने पर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश मे ऐसी लोकतांत्रिक व्यवस्था है जहां विपक्ष का कोई अधिकार नहीं है।


पूर्व वित्त मंत्री ने मंगलवार को ट्वीट कर मोदी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भारत आज एक अनूठा संसदीय लोकतंत्र बन गया है, जहां कोई प्रश्न नहीं पूछा जा सकता और जहां कोई बहस की अनुमति नहीं है। यब बात उन्होंने कांग्रेस को चीन मुद्दे पर चर्चा करने से रोकने पर कही।


वहीं, चिदंबरम ने प्रवासी मजदूरों को लेकर पूछे गए विपक्षी सांसदों के तारांकित सवालों पर सरकार की ओर से कोई डाटा नहीं होने का जवाब देने की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि आज भारत एक ऐसा अनोखा देश बन गया है, जहाँ ऐसे प्रवासियों का कोई डेटा नहीं है, जो घर वापस आने के बाद लंबे समय तक घर पर रहे या मर गए।


मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कांग्रेस नेता यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा कि भारत आज एक अनोखी अर्थव्यवस्था है जहाँ जीडीपी के 1.7 प्रतिशत तक नकद या अनाज हस्तांतरण को 'पर्याप्त राजकोषीय प्रोत्साहन' माना जाता है। साथ ही उन्होंने केंद्र की आर्थिक नीतियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि "भारत एक ऐसा चमत्कारिक राष्ट्र है, जहाँ 3 महीने में 'सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था' अचानक 'सबसे तेजी से डूबती विकास' वाली अर्थव्यवस्था में बदल गई। (एजेंसी, हि.स.)




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