Top

राजस्थान में गहलौत सरकार गिराने के आरोप में बीजेपी के दो नेता गिरफ्तार

राजस्थान में गहलौत सरकार गिराने के आरोप में बीजेपी के दो नेता गिरफ्तार

जयपुर, 11 जुलाई-राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज सनसनीखेज खुलासा करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तीन वरिष्ठ नेताओं गुुलाब चंद कटारिया, प्रदेश अध्यक्ष डा सतीश पूनिया और विधानसभा में विपक्ष के उप नेता राजेंद्र राठौड़ पर राज्य सरकार को गिराने का प्रयास करने का आरोप लगाया ,इसी बीच भाजपा के दो नेताओं को सरकार गिराने की कोशिश के आरोप में हिरासत में ले लिया गया है।

श्री गहलोत ने आज यहां भाजपा के केंद्रीय नेताओं पर भी निधाना साधते हुए कहा कि वह राज्यों में कांग्रेस सरकारें गिराने का काम कर रहे हैं। इससे पहले महाराष्ट्र में बहुमत नहीं था, इसके बाजवूद सरकार बनाने का प्रयास किया। इसी तरह कांग्रेस की बहुमत वाले अरुणाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार नहीं बनने दी और अपनी पार्टी की सरकार बना ली।

उन्होंने कहा कि इसी तरह मध्यप्रदेश मेें कांगेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का दलबदल करवाकर सरकार गिरा दी। भाजपा जाति और धर्म की राजनीति करके लोकतंत्र की हत्या कर रही है।

विधायकों को प्रलोभन देने के मामले में एसओजी की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए श्री गहलोत ने कहा कि इस प्रकरण के उजागर होने से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का बेशर्म चेहरा जनता के सामने आ गया है। भाजपा ने मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में यह खेल खेला, लेकिन राजस्थान में ऐसी परम्परा नहीं है। यह बेशर्माई की हद है। उन्होंने कहा कि राज्य में जो कुछ घटित हुआ है उसमें कानून अपना काम करेगा।

गहलोत ने शनिवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए भाजपा पर एक के बाद एक कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग तिकड़मी है, बकरामंडी में जिस तरह लोग बकरा खरीदते हैं वैसे भाजपा के लोग विधायकों को खरीद रहे हैं। राज्यसभा चुनाव के दौरान गुजरात में सात विधायकों को खरीद कर दो सीटें जीत गए। लेकिन राजस्थान में हमने इनकों सबक सिखाया, लेकिन ये लोग मानने वाले नहीं है। वापस अपना असली चेहरे पर आ रहे हैं और विधायकों को प्रलोभन दे रहे हैं। इससे पहले

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने देश और लोकतंत्र को बचाए रखा। अटल बिहारी वाजपेयी जब प्रधानमंत्री थे तब ऐसी बात नहीं थी, लेकिन नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भाजपा के लोग खुलकर जाति और धर्म के नाम राजनीति कर लोकतंत्र की हत्या करने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता गुलाबचंद कटारिया की यह सोच नहीं होगी, वे आरएसएस के खांटी नेता है लेकिन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां और राजेन्द्र राठौड़ दिल्ली में बैठे अपने नेताओं के इशारे पर जिस तरह का खेल खेल रहें हैं, यह सारी बातें जनता के सामने आ गई है। आने वाले समय में जनता इन्हें सबक सिखाएगी। हॉर्स ट्रेडिंग राजस्थान में कभी नहीं हुई। बसपा कानून के अनुसार कांग्रेस में मर्ज हुई है।

मुख्यमंत्री ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि हम सभी को साथ लेकर कोरोना महामारी से लड़ने में जुटे हैं। जीवन व आजीविका बचाने में जुटे हैं। प्रदेश की जनता से हमारा सम्पर्क है। राजस्थान के मैनेजमेंट की चर्चा पूरे देश में हो रही है। वहीं भाजपा सरकार गिराने में लगी है। कांग्रेस के मंत्रियों, विधायकों और नेताओं को सरकार बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

गहलोत ने केन्द्र सरकार पर सीबीआई, ईडी और इंकमटैक्स जैसी एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि देश में डर का माहौल है। लोग टेलिफोन पर बात नहीं कर पाते वाट्सएप पर बात करते हैं। ये हालात पहले कभी नहीं थे लोग खुलकर बोलते थे।

गौरतलब है कि राजस्थान में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने शुक्रवार को राजस्थान में विधायकों की खरीद फरोख्त को लेकर एफआईआर दर्ज कर दो लोगों को फोन टेपिंग के आधार पर पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इसके बाद से ही प्रदेश में राजनीतिक घटनाक्रम तेज हो गया है।

इसी बीच राजस्थान के पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने राज्यसभा चुनाव में विधायकों की खरीद फरोख्त प्रकरण में एस.ओ.जी. द्वारा दो व्यक्तियों की गिरफ्तारी के बाद दिए गए बयान में पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है।

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री देवनानी ने आज यहां कहा कि मामला अति गंभीर है और ये कांग्रेस के अंदर के. शक्ति केंद्र की लड़ाई है जिसमें भाजपा को बदनाम किए जाने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और न्यायिक जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि इससे प्रकरण की सच्ची तसवीर सामने आ सकेगी।

स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एस.ओ.जी.) द्वारा अजमेर जिले कै ब्यावर से भरत मालानी की गिरफ्तारी के बाद अजमेर देहात भाजपा ने भरत मालानी से किनारा कर लिया है।

अजमेर जिला देहात अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक देवीशंकर भूतड़ा ने एक न्यूज चैनल के साथ बातचीत में कहा कि भरत मालानी वर्तमान में भाजपा में सक्रिय नहीं है। श्री भूतड़ा का यह बयान स्पष्ट रूप से रक्षात्मक बयान है क्योंकि बताया जा रहा है कि भरत मालानी भाजपा उद्योग प्रकोष्ठ के संयोजक रह चुके हैं इसे संयोग ही कहा जाएगा कि देवीशंकर भूतड़ा भी पूर्व में भाजपा प्रदेश उद्योग प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि एस.ओ.जी. की टीम ने भरत मालानी की गिरफ्तारी ब्यावर स्थित उनके आवास से की और जयपुर ले गई। अजमेर जिले के राजनैतिक हलकों में भरत मालानी की गिरफ्तारी से हड़कंप मचा हुआ है। मालानी खान व्यवसाय से जुड़े हुए सुदृढ़ आर्थिक स्थिति वाले हैं और उनके अनेक राजनेताओं के साथ सीधे संपर्क बताए जा रहे हैं।

Share it