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डीयू के ओपन बुक एग्जाम स्थगित करने पर हाई कोर्ट ने जताया एतराज

डीयू के ओपन बुक एग्जाम स्थगित करने पर हाई कोर्ट ने जताया एतराज

नई दिल्ली, 30 जून- दिल्ली हाई कोर्ट ने ओपन बुक एग्जाम को स्थगित करने के आदेश पर एतराज जताते हुए दिल्ली यूनिवर्सिटी से पूछा है कि उनके खिलाफ अवमानना की प्रक्रिया क्यों नहीं शुरू की जाए। ओपन बुक एग्जाम 1 जुलाई से शुरू होने वाले थे लेकिन दिल्ली यूनिवर्सिटी ने इसे दस दिनों के लिए टाल दिया है।

जस्टिस हीमा कोहली की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि जब कोर्ट ने पिछले 26 जून को मामले की सुनवाई की थी तो दिल्ली यूनिवर्सिटी ने ऐसा कुछ नहीं बताया, जबकि कोर्ट को इस बारे में 27 जून को खबरों के जरिये तब पता चला जब वो आदेश लिखवा रही थी। कोर्ट ने कहा कि जब दिल्ली यूनिवर्सिटी ने कोर्ट में जब कहा कि वो 1 जुलाई से परीक्षा लेने के लिए पूरे तरीके से तैयार है तब उसे किसी भी शेड्यूल में बदलाव करते समय कोर्ट को सूचित करना चाहिए था।

सुनवाई के दौरान दिल्ली यूनिवर्सिटी ने कहा कि उसने परीक्षा टालने का फैसला 26 जून की दोपहर दो बजे के बाद तब किया जब पता चला कि यूनिवर्सिटी के डिप्टी रजिस्ट्रार की मां को कोरोना हो गया है और पूरे परिवार को क्वारेंटाईन करना था। दिल्ली यूनिवर्सिटी की इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि हाई कोर्ट शाम साढ़े चार बजे तक चलती है और परीक्षा स्थगित करने के बारे में वो उसी दिन सूचना दे सकती थी। दिल्ली यूनिवर्सिटी इस बारे में अगले दिन सुबह भी कोर्ट को बता सकती थी लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। उसके बाद कोर्ट ने कहा कि तथ्यात्मक सूचना छिपाने के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की जानी चाहिए। कोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी को 6 जुलाई तक इस मामले पर जवाब देने का समय दिया।

यह याचिका लॉ स्टूडेंट प्रतीक शर्मा और दीक्षा सिंह ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि लॉकडाउन के दौरान सभी स्कूल और कॉलेज ऑनलाइन क्लास करा रहे हैं लेकिन दिव्यांग जनों खासकर दृष्टिबाधितों को उसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन क्लासेज के लिए दिव्यांगों की जरूरतों का ध्यान नहीं दिया गया है। इससे उनका शिक्षण कार्य पूरे तरीके से प्रभावित हो गया है।

याचिका में कहा गया है कि दिव्यांग छात्रों को क्लास से वंचित रखना शिक्षा के उनके अधिकार का उल्लंघन है। याचिका में ओपन बुक एग्जाम के अलावा लॉकडाउन के दौरान दिव्यांग छात्रों को शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की गई है। सुनवाई के दौरान दिल्ली यूनिवर्सिटी ने कहा था कि एक सेमेस्टर से दूसरे सेमेस्टर में प्रमोशन के लिए छात्रों को परीक्षा में बैठने पर जोर नहीं दिया जाएगा। ये परीक्षाएं तब आयोजित की जाएंगी जब स्थिति सामान्य हो जाएगी।


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