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यूपी: हंगामे से लबरेज रहा बजट सत्र का पहला दिन...राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के दौरान नारेबाजी करते रहे विपक्षी दल

यूपी: हंगामे से लबरेज रहा बजट सत्र का पहला दिन...राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के दौरान नारेबाजी करते रहे विपक्षी दल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन गुरूवार को विपक्षी सदस्यों ने कानून व्यवस्था की बदहाल हालात, किसानों की समस्या और बेरोजगारी की समस्या का आरोप लगाते हुये जोरदार हंगामा किया। सदस्य नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) का भी विरोध कर रहे थे।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के दौरान समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस के सदस्य सरकार विरोधी नारे लगाते रहे और पोस्टर और प्लेकार्ड लहराते रहे। विपक्षी सदस्य सीएए, एनआरसी और एनपीआर को वापस लेने की मांग कर रहे थे। उन्होने रसोई गैस सिलेंडर के दामों में बढ़ोत्तरी की भी भत्र्सना की। 'कानून व्यवस्था त्रस्त है, योगी बाबा मस्त है, 'अभी दिल्ली हारी है, अब यूपी की बारी है, 'किसान विरोधी यह सरकार नहीं चलेगी नहीं चलेगी जैसे नारों के बीच श्रीमती पटेल ने अपना भाषण 55 मिनटों में पूरा किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ विपक्षी सदस्य प्लेकार्ड उलटे पकड़े हुए थे, जिसे राज्यपाल ने मुस्कराते हुए सीधा करने की नसीहत दी। विपक्षी सदस्य 2021 की जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की आबादी को शामिल करने की मांग कर रहे थे। राज्यपाल द्वारा सरकार की उपलब्धियों का बखान करते समय सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों ने विपक्ष की चुटकी लेते हुए उन्हें अपनी सीटें कस कर पकड़े रखने को कहा। बाद में विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने संयुक्त सत्र को संबोधित करने के लिये राज्यपाल के प्रति आभार व्यक्त किया। राज्यपाल के संबोधन के दौरान बसपा की महिला सदस्य प्लेकार्ड के साथ सेल्फी लेती नजर आयी, जिस पर सदन में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें ऐसा करने से मना किया। सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने से करीब एक घंटा पहले सपा और कांग्रेस के सदस्य विधानभवन में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने धरने पर बैठ गये और सरकार विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी। लाल टोपी पहने सपा सदस्यों के हाथों में तख्तियां थी जिस पर कानून व्यवस्था, महिला उत्पीडऩ, बेरोजगारी, नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और किसान संबंधी समस्यायों के स्लोगन लिखे हुये थे। धरना प्रदर्शन का नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी कर रहे थे। उनके साथ विधान परिषद सदस्य अहमद हसन और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल मौजूद थे। वहीं कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना के नेतृत्व में कांग्रेसी सदस्य हाथो में तख्तियों के साथ आलू, प्याज और खाद्य सामग्रियों की पोटलियां लिये हुये थे। वे सत्तारूढ दल को महंगाई, कानून व्यवस्था और बेरोजगारी के लिये कोस रहे थे। विधानसभा का बजट सत्र सात मार्च तक चलेगा। इस दौरान 18 फरवरी को दोपहर 12.20 पर उत्तर प्रदेश का बजट पेश किया जाएगा। गौरतलब है कि बुधवार को सर्वदलीय बैठक में सदन व्यवस्थित तरीके से चलाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न दलों के नेताओं से सहयोग करने का आग्रह किया था।

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