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कर्फ्यू तोड़ सडकों पर उमड़ा सैलाब.... गुस्साई भीड ने रेलवे स्टेशन को किया आग के हवाले, ट्रेनों में जमकर तोडफ़ोड़

कर्फ्यू   तोड़ सडकों पर उमड़ा सैलाब.... गुस्साई भीड ने रेलवे स्टेशन को किया आग के हवाले, ट्रेनों में जमकर तोडफ़ोड़

नई दिल्ली/गुवाहाटी। नागरिकता (संशोधन) विधेयक (कैब) के विरोध में असम में हो रहे प्रदर्शनों और हिंसा के कारण कई इलाकों में कर्फ्यू एवं निषेधाज्ञा लागू है, लेकिन इसके बावजूद सडकों पर उतरकर लोगों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां भी चलाई। राजधानी गुवाहाटी समेत कुछ इलाकों में स्थिति तनावपूर्ण, लेकिन नियंत्रण में है। इन इलाकों में अनिश्चितकालीन कफ्र्यू जारी है। वहीं मेघालय और असम में अगले 48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। असम में 31 ट्रेनें या तो रद्द करनी पड़ीं या उनका रूट बदल दिया गया। दूसरी ओर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में नागरिकता कानून का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने बेलडांगा रेलवे स्टेशन को फूंक दिया। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में उलुबेरिया रेलवे स्टेशन पर पटरी को अवरूद्ध करते हुए परिसर और कुछ ट्रेनों में तोडफोड़ की। दक्षिण पूर्वी रेलवे के प्रवक्ता संजय घोष ने बताया कि दोपहर तीन बजकर 22 मिनट पर पटरी को अवरूद्ध कर दिया गया, जिससे अप और डाउन दोनों मार्गों पर ट्रेनों की आवाजाही बाधित हुई। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों द्वारा ट्रेन पर पथराव करने के कारण हावड़ा-चेन्नई कोरोमंडल एक्सप्रेस का ड्राइवर घायल हो गया। स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर तोडफोड़ की गई और हमसफर एक्सप्रेस के एक खाली रैक को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। मुस्लिम समुदाय के हजारों लोगों ने क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग छह को भी अवरूद्ध कर दिया, एक ओर जहां नागरिकता संशोधन कानून को लेकर पूर्वोत्तर में हिंसक प्रदर्शन जारी है, वहीं कुछ राज्य सरकारों ने इसे अपने सूबे में लागू करने से ही इनकार किया है। पश्चिम बंगाल, केरल और पंजाब के बाद अब महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश सरकार ने संकेत दिया है कि वह इस कानून को लागू नहीं करने का फैसला कर सकते हैं। महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष और उद्धव सरकार में मंत्री बाला साहेब थोराट के साथ एमपी के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस बात के संकेत दिए हैं। असम से प्राप्त समाचार के अनुसार पिछले दो दिनों से राजधानी गुवाहाटी में कफ्र्यू के बीच संवेदनशील इलाकों में स्थानीय प्रशासन की मदद के लिए सेना के जवान भी तैनात हैं। इंटरनेट सेवाएं लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को भी बाधित रहीं। कैब के विरोध में हिंसक आंदोलन के कारण पूर्वाेत्तर सीमांत रेलवे ने गुवाहाटी-डिब्रूगढ़ के बीच चलने वाली सभी ट्रेनों को रद्द कर दिया है। सभी इंटरसिटी ट्रेन, लंबी दूरी की कई ट्रेन तथा कम दूरी की भी कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। गुवाहाटी मेें हिंसक विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में तीन लोग मारे गये थे। गुवाहाटी में हिंसक विरोध प्रदर्शनों, तोड़-फोड़ एवं आगजनी की घटनाओं के बाद 11 दिसंबर की शाम से ही कफ्र्यू लागू है। कफ्र्यू के बावजूद शुक्रवार की सुबह लोग आवश्यक चीजों को खरीदने अपने-अपने घरों से बाहर निकले। इस दौरान कई दुकानें एवं पेट्रॉल पम्प खुले हुए थे, जहां लोगों की लंबी कतारें लगी हुयीं थी। शुक्रवार की सुबह कुछ स्थानों पर लोगों ने सड़कों पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया लेकिन इस दौरान अब तक कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है।

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