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निर्भया गैंगरेप एवं मर्डर के एकमात्र चश्मदीद पर एफआईआर दर्ज कराने के लिए कोर्ट में याचिका

निर्भया गैंगरेप एवं मर्डर के एकमात्र चश्मदीद पर एफआईआर दर्ज कराने के लिए कोर्ट में याचिका


नई दिल्ली। वर्ष 2012 के निर्भया गैंगरेप और मर्डर केस के एक दोषी पवन कुमार के पिता ने इस मामले के एक मात्र चश्मदीद गवाह के खिलाफ पैसे लेकर मीडिया में इंटरव्यू देने पर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि पैसे देकर मीडिया इंटरव्यू देने की वजह से इस मामले का मीडिया ट्रायल किया गया, जिससे केस पर असर पड़ा।

याचिका में कहा गया है कि इस मामले के एकमात्र चश्मदीद गवाह और पीड़ित का दोस्त घटना वाले दिन पीड़ित के साथ बस में सवार था। उसकी गवाही के बाद ही चारों दोषियों को फांसी की सजा मुकर्रर की गई। याचिका में कहा गया है कि उसने कोर्ट में झूठी गवाही दी। याचिका में उन खबरों को आधार बनाया गया है, जिसके मुताबिक उसने कई न्यूज़ चैनल्स को इंटरव्यू देकर लाखों रुपये कमाए। न्यूज चैनल्स में खबरों की वजह से इस मामले का मीडिया ट्रायल हुआ और कोर्ट में ट्रायल पर असर पड़ा।

याचिका में इसकी स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। पवन के पिता ने इसकी शिकायत पुलिस से की थी लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। इसके बाद उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। गैंगरेप के चारो दोषियों- मुकेश, अक्षय, पवन और विनय को साकेत की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी, जिस पर 14 मार्च, 2014 को दिल्ली हाईकोर्ट ने भी मुहर लगा दी थी। हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दोषियों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी जिस पर सुनवाई करते हुए फांसी की सजा पर रोक लगाई थी। नौ जुलाई 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने मुकेश, पवन और विनय के रिव्यू पिटीशन को खारिज करते हुए उनकी फांसी की सजा पर मुहर लगाई थी।

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