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सीएबी के खिलाफ त्रिपुरा में हिंसा, इंटरनेट सेवा बंद...तनावग्रस्त क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात, हिंसा की घटनाओं में कई लोग घायल

सीएबी के खिलाफ त्रिपुरा में हिंसा, इंटरनेट सेवा बंद...तनावग्रस्त क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात, हिंसा की घटनाओं में कई लोग घायल

अगरतला। नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएबी) के खिलाफ त्रिपुरा में सभी जनजातीय आधारित क्षेत्रीय दलों, गैर-सरकारी संगठनों और छात्र संगठनों के महासंघ ज्वाइंट मूवमेंट अगेंस्ट सिटीजनशिप अमेंडेंट बिल (जेएमएसीएबी) के आह्वान पर अनिश्चितकालीन आंदोलन के दूसरे दिन का प्रदर्शन हिंसा में तब्दील हो गया। इस बीच हिंसा की बढ़ती घटनाओं के कारण तनाव की स्थिति के मद्देनजर राज्य सरकार ने अगले 48 घंटों के लिए इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को मोबाइल डाटा और एसएमएस सेवा बंद करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा तनावग्रस्त इलाकों में प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू कर दी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक उत्तरी त्रिपुरा और धलाई जिलों के विभिन्न बाजारों में प्रदर्शनकारियों के हमले में एक पुलिसकर्मी समेत कम से कम सात लोग घायल हो गये। राष्ट्रीय राजमार्ग पर मानुघाट में एक फल विक्रेता उस समय गंभीर रूप से घायल हो गया, जब उसका दुकान खुला पाये जाने पर प्रदर्शनकारियों ने नुकीले हथियार से उसके सिर पर वार कर दिया। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने बहुत सी दुकानों को बंद के विपरीत खुला पाये जाने पर नुकसान पहुंचाया तथा आठ मोटरसाइकिलों को आग लगा दी। प्रदर्शनकारियों पर बाजार में क्रूड बम फेंके जाने का भी आरोप है। पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण के लिए चार हवाई फायर किए। सेपाहिजला जिले के विश्रामगंज इलाके में बाजार, स्कूल और सार्वजनिक संस्थान दोपहर में बंद कर दिये गये, जब प्रदर्शनकारियों ने वहां पहुंचना शुरू किया। दूसरी तरफ राज्य सरकार ने प्रदर्शनकारियों को तत्काल अपनी सभी गतिविधियों पर विराम लगाने की चेतावनी दी है। राज्य के विधि मंत्री रतनलाल नाथ के प्रवक्ता ने कहा कि स्थिति को गंभीरता से लिया जा रहा है। त्रिपुरा स्टेट राइफल्स, पुलिस, केंद्रीय रिजव पुलिस बल और असम राइफल्स जैसे अद्र्धसैनिक बलों को संवेदनशील इलाकों में तैनात करने के अलावा सीमा सुरक्षा बल को भी अलर्ट किया गया है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर निर्बाध यातायात के लिए सुरक्षा बढ़ा दी गयी है। सीएबी के विरोध में असम में नार्थ ईस्ट छात्र संघ (एनईएसओ) के आह्वान पर बंद से जनजीवन खासा प्रभावित हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए टायरों को आग के हवाले कर राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद कर दिया है। प्रदर्शनकारी रेल पटरी पर भी प्रदर्शन कर रहे हैं जिसकी वजह से रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने बंद के दौरान कई वाहनों को नुकसान भी पहुंचाया है तथा कई जगहों पर पुलिस एवं सुरक्षा बलों के साथ झड़पों की भी रिपोर्टें हैं। राज्य में कई राजनीतिक दलों तथा संगठनों ने बंद का समर्थन किया है।

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