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विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं करने पर थाने के बाहर धरने पर बैठीं साध्वी प्रज्ञा

विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं करने पर थाने के बाहर धरने पर बैठीं साध्वी प्रज्ञा


भोपाल| सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के नाथूराम गोडसे को देशभक्त कहे जाने के बाद मचा सियासी घमासान अभी पूरी तरह से थमा नहीं है। साध्वी के इस बयान के बाद देशभर में उनका जमकर विरोध हुआ था। ब्यावरा से कांग्रेस विधायक गोवर्धन दांगी ने तो प्रज्ञा ठाकुर को जिंदा जला देने की धमकी तक दे डाली थी। जिसके बाद साध्वी प्रज्ञा ने कांग्रेस विधायक को चुनौती देते हुए कहा था कि मैं ब्यावरा आ रही हूं और आप मुझे जला लीजिये। लेकिन शनिवार को इस मामले ने दूसरा ही राजनीतिक मोड़ ले लिया जब साध्वी प्रज्ञा ठाकुर अपने समर्थकों के साथ राजधानी भोपाल के कमला नगर पुलिस थाने पहुंची और कांग्रेस विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की बात कही, लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से इंकार कर दिया जिसके बाद साध्वी प्रज्ञा थाने के बाहर धरने पर बैठ गईं।

सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह शनिवार रात 8 बजे राजधानी भोपाल के कमला नगर पुलिस स्टेशन पहुंचीं और कांग्रेस विधायक गोवर्धन दांगी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की बात कही, लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया। इसके बाद वो तीन घंटे तक थाने में मौजूद रहीं, इस दौरान वहां जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान साध्वी से पुलिस के आला अधिकारी लगातार लिखित शिकायत देने की मांग करते रहे लेकिन उन्होंने कहा कि बिना लिखित आवेदन के एफआईआर दर्ज कीजिए। इसे लेकर काफी देर तक प्रज्ञा ठाकुर और पुलिस अधिकारियों के बीच बहस होती रही। आखिरकार तीन घंटे बाद तक जब उनकी शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की तब तक साध्वी प्रज्ञा पुलिस थाने के बाहर ही धरने पर बैठी रहीं। हालांकि देर रात साध्वी प्रज्ञा ने अपना धरना खत्म भी कर दिया। बताया जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह का फोन आने के बाद उन्होंने अपना ये धरना खत्म किया। साध्वी प्रज्ञा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आज धरना यहीं खत्म किया है, लेकिन आगे लड़ाई जारी रहेगी। इस मामले में पुलिस का कहना था कि मामला उनके थाना क्षेत्र का नहीं है लिहाजा एफआईआर नहीं लिखी जा सकती।

ट्वीट कर लगाए आरोप

साध्वी प्रज्ञा ने ट्वीट करके भी पुलिस पर सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने ट्वीट कर लिखा 'आज मैं कमला नगर थाने में कांग्रेस का विधायक जिसमें मुझे जिंदा जलाने की धमकी दी उसके विरुद्ध प्राथमकिी दर्ज कराने आई हूं, परंतु कांग्रेस सरकार के दबाव में पुलिस ने हमारी प्राथमिकी दर्ज नहीं की। इसलिए मैं थाने के बाहर सत्याग्रह पर बैठी हूं। कमलनाथ सरकार में कोई भी बालिका महिला नारी सुरक्षित नहीं है' |

उल्लेखनीय है की कांग्रेस विधायक दांगी ने साध्वी को जिंदा जलाने की बात कही थी। हालांकि बाद में उन्होंने अपने बयान के लिए माफी भी मांग ली थी लेकिन अब साध्वी प्रज्ञा उनके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी में हैं।


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