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उन्नाव: मुख्यमंत्री योगी को बुलाने की मांग पर अड़े परिजनों ने किया अंतिम संस्कार से इंकार..SP ने पीड़िता की बहन से कहा- यहां फिल्‍म बनवा रही हो



उन्नाव - उत्तर प्रदेश के उन्नाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बुलाने की मांग पर अड़े बलात्कार पीड़िता के परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया है।

पीड़िता की बड़ी बहन ने कहा " मेरी बहन न्याय के लिये लड़ते लड़ते जिंदगी की जंग हार गई। उसका ये हश्र करने वाले राक्षसों की लंका का भी सर्वनाश होगा। मुख्यमंत्री गांव आकर हमारी बात सुने। हमारे परिवार के सदस्यों काे सरकारी नौकरी दी जाये और सभी आरोपियों की फांसी की सजा मिले। मांगे पूरी होने के बाद ही अंतिम संस्कार किया जायेगा। इस दौरान अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की. एसपी ने कहा कि घर के अंदर चलकर बात करेंगे. इसके बाद भी जब वह नहीं मानी तो एसपी विक्रांत वीर ने पीड़िता की बहन से गुस्से में कहा कि 'यहां खड़े होकर फिल्म बनवा रही हो'।

पीड़िता के चाचा ने कहा कि पुलिस ने न्याय मांगने बिहार थाने गए थे तो पीड़िता के पिता और उन्हे पुलिस ने मारपीट कर भगा दिया। यहां तक कि पीड़िता और उसकी बहन के साथ भी अभद्रता की गयी। उन्होने कहा कि स्थानीय पुलिस आरोपी ग्राम प्रधान पति के इशारे पर नाचती थी।

पीडिता का शव शनिवार देर रात दिल्ली से यहां लाया गया था। जिला प्रशासन ने परिजनों की सहमति से अंतिम संस्कार की तैयारी भी शुरू कर दी थी। रात में तहसील और बिहार थाने में रूके जिले के आला अधिकारी सुबह के पांच बजने तक गांव पहुंच गए थे। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया था कि परिजन किसी रिश्तेदार का इंतजार कर रहे है। उनके आने के बाद परिजनों की इच्छानुसार पीड़िता के शव को दफनाया जायेगा। जिस स्थान पर शव को दफनाया जाना है वहां पहले से ही पीड़िता के परिजनों की समाधियां बनी हुई है।

अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिये सपा नेताओं में एमएलसी सुनील साजन और जिलाध्यक्ष के साथ पार्टी कार्यकर्ता गांव में मौजूद है। सुबह से ही ग्रामीणों की भीड़ पीड़िता के दरवाजे पहुंचने लगी है। अनहोनी से निपटने के लिये गांव में सुबह पुलिस की गारद बढ़ा दी गई है। मौके पर भारी पुलिस फोर्स होने से शांति बनी हुई है। जिले के पुलिस प्रशासनिक अधिकारी चप्पे चप्पे पर नजर बनाए हुये हैं।


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