Top

स्मृति ईरानी के साथ लोकसभा में अभद्रता, कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित

स्मृति ईरानी के साथ लोकसभा में अभद्रता, कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित


नयी दिल्ली 06 दिसंबर -ईरानी के साथ अभद्रता के मुद्दे पर लोकसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी के साथ लोकसभा में शून्यकाल के दौरान कांग्रेस के दो सदस्यों की कथित अभद्रता को लेकर कई सदस्यों ने उन पर कड़ी कार्रवाई की माँग की तथा उनके माफी माँगने के लिए निर्धारित समय तक नहीं आने के कारण सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गयी।

इसी मुद्दे पर दो बार के स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही दोपहर बाद 2.30 बजे जैसे ही शुरू हुई संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने आरोप लगाया कि श्रीमती ईरानी के साथ अभद्रता करने वाले कांग्रेस के टी.एन. प्रतापन और डीन कोरयाकोस जानबूझ कर सदन में नहीं आये हैं। उन्होंने कहा "सुबह जो घटना हुई उसे लेकर सभी सदस्य और विशेषकर महिला सदस्यों में आक्रोश है। कांग्रेस दोनों सदस्यों को सदन में बुलाया जाना चाहिये या उन्हें निलंबित करना चाहिये।"

इसके बाद भारतीय जनता पार्टी, बीजू जनता दल और आम आदमी पार्टी के कई सदस्यों ने एक-एक कर अपनी राय रखी तथा श्री प्रतापन और श्री कोरियाकोस के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की माँग करते हुये कहा कि सिर्फ माफी माँगना ही पर्याप्त नहीं है। उन पर ऐसी कार्रवाई होनी चाहिये जिससे यह संदेश जाये कि यह सदन महिलाओं का सम्मान करता है उनके प्रति अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जायेगी।

सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी जब अपनी बात रखने के लिए खड़े हुये तो सत्ता पक्ष के सदस्य अपने-अपने स्थानों पर खड़े होकर जोर-जोर से यह कहने लगे कि कांग्रेस ने श्रीमती ईरानी के साथ अभद्रता करने वाले सदस्यों को जानबूझकर भगा दिया है। पीठासीन सभापति रिपीट सभापति मीनाक्षी लेखी ने यह कहते हुये श्री चौधरी को बोलने का मौका नहीं दिया कि पार्टी के दोनों सदस्यों को सदन में बुलाने के लिए उन्हें एक घंटे का समय दिया गया था। यदि वे आज चले गये हैं तो वे सोमवार को आकर माफी माँग सकते हैं। इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी

बीजद के अनुभव मोहंती ने कहा कि सदन में गंभीर मुद्दे पर चर्चा चल रही थी और ऐसे समय में एक महिला सांसद के साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया गया वह निंदनीय है। दुर्व्यहार करने वाले सदस्यों को माफी माँगनी चाहिये।

भाजपा के एस.एस. अहलुवालिया ने कहा कि जब एक महिला अपने अधिकारों की बात कर रही हो ऐसे समय में एक सदस्य द्वारा गुस्से में आकर बाहें चढ़ाना सरासर गलत है। इसके लिए सदस्य को माफी मांगनी चाहिए। अगर सदस्य माफी नहीं मांगते हैं तो व्यवस्था के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

भाजपा के बिष्णु दत्त शर्मा ने भी घटना को निंदनीय बताते हुये दोनों सदस्यों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की। उन्होंने कहा कि जिस सदस्य ने सदन में एक महिला सदस्य के साथ दुर्व्यवहार किया है वह पहले भी मार्शलों के साथ हाथापाई कर चुके हैं इसलिए उनको कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।

भाजपा के देवेन्द्र भोले ने कहा कि सदन में बैठकर रोज महिलाओं की रक्षा-सुरक्षा की बात की जाती है। इसलिए हमें महिलाओं के सम्मान के लिए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर उन्हें माफी माँगने के लिए बाध्य करना चाहिये।

भाजपा के गजेन्द्र पटेल ने कहा कि आजकल देश में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। यहाँ तक कि वे सदन के अंदर भी सुरक्षित नहीं हैं। महिला सदस्य के साथ दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाये और यह संदेश दिया जाये ताकि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो। हम लोग मां-बहनों की पूजा करते हैं। सदन में एक महिला मंत्री के साथ ऐसा व्यवहार होगा तो हम देशवासियों को क्या जवाब देंगे।

भाजपा के मनोज कोटक ने कांग्रेस पर दोनों सदस्यों को भगाने का आरोप लगाते हुये पूछा कि उनके दल के नेता ने उन्हें माफी माँगे बिना कैसे जाने दिया। पिछली बार भी उस सदस्य ने मार्शलों के साथ हाथापाई की थी। उस समय ही अगर उनकी पार्टी के नेता उन्हें समझा देते तो दोबारा ऐसी घटना नहीं होती।

भाजपा के शंकर लालवानी ने कहा कि सदन में कांग्रेस के सदस्यों ने जैसा बर्ताव किया है उसे पूरा देश दिख रहा था। उनकी इस अभद्रता के लिए माफी से काम नहीं चलेगा। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। भाजपा की रमा देवी ने भी अभद्रता करने वालों सदस्यों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किये जाने की मांग की है। पार्टी के ढाल सिंह बिसेन ने दोनों सदस्यों को निलंबित किये जाने की माँग की।

आम आदमी पार्टी के भगवंत सिंह मान ने कहा कि सदन में बहुत ही गंभीर विषय पर चर्चा हो रही थी। ऐसे समय में एक महिला सदस्य के साथ कांग्रेस के सदस्यों ने जिस प्रकार का व्यवहार किया वह निंदनीय है। उन्होंने कहा कि ऐसे सदस्यों के खिलाफ सख्य कार्रवाई की जानी चाहिए। अगर कार्रवाई नहीं की जाएगी तो उनकी अदत बिगड़ जाएगी।

इससे पहले शून्यकाल के दौरान उन्नाव और हैदराबार की बलात्कार घटनाओं पर सदन में चर्चा के दौरान राजनीतिक पारा इतना चढ़ गया कि सत्तापक्ष एवं विपक्ष के बीच हाथापाई के इशारे किये गये जिससे अध्यक्ष ओम बिरला को महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी को बात पूरी करने से पहले ही रोककर दोनों पक्षों में बीच-बचाव करना पड़ा।

श्रीमती ईरानी ने कहा कि कांग्रेस के नेता कह रहे हैं कि इन मामलों का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिये लेकिन ऐसी घटनाओं को सांप्रदायिक रंग काैन दे रहा है? पश्चिम बंगाल के एक सांसद मंदिर की बात कर रहे हैं और मालदा की घटना का जिक्र भी नहीं कर रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि बलात्कार की घटना का उपयोग राजनीतिक हथियार के रूप में हो रहा है।

उनके बयान पर विरोध में टीका-टिप्पणी कर रहे विपक्षी सदस्याें के बीच वाद-प्रतिवाद शुरू हो गया। दोनों पक्षों के तीखे तेवर देखते हुए आसन की ओर से श्रीमती ईरानी का माइक बंद कर दिया गया जिससे उनके चेहरे पर रोष दिखने लगा। इस बीच कांग्रेस के टी.एन. प्रतापन उत्तेजना में कुछ आपत्तिजनक बात कह गये और उनकी भावभंगिमायें भी आक्रमक हो गयीं। इससे श्रीमती ईरानी भी भयंकर गुस्से में आ गयीं। दोनों एक-दूसरे काे बीचोंबीच आने की आक्रामक चुनौती देने लगे और श्रीमती ईरानी अपनी सीट से उठकर आगे बढ़ने लगीं। यह देखकर सत्ता पक्ष के सदस्य खड़े हो गये और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने श्रीमती ईरानी को सँभाला और सीट पर बैठाया लेकिन उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ।

बाद में अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद जैसे-तैसे माहौल नियंत्रण में आया। अभी दो तीन सदस्य बोले ही थे कि केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि कांग्रेस के सदस्य केन्द्रीय मंत्री से जिस प्रकार से पेश आये, उन्हें माफी माँगनी चाहिए। इस पर संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी एवं राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी माफी की माँग करने लगे।

इन सबके बीच श्रीमती ईरानी अपनी सीट पर गुस्से में बैठी रहीं और अन्य सदस्य उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे थे। तभी अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर बाद 1:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

जब सदन की कार्यवाही दुबारा शुरू हुई तो सत्ता पक्ष के सदस्यों ने अपने स्थान पर खड़े होकर यह मामला उठाया और आरोप लगाया कि शून्यकाल के दौरान श्री प्रतापन तथा श्री कोरियाकोस ने श्रीमती ईरानी की सीट के सामने आकर आस्तीन ऊपर कर उन्हें धमकाया। संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि यह धमकाने वाली स्थिति थी जबकि श्रीमती ईरानी एक सदस्य के रूप में अपनी बात कह रही थीं। कांग्रेस सदस्यों का धमकी भरे अंदाज में उनके सामने जाकर अपनी बात कहना गलत है इसलिए दोनों सदस्यों को सदन में आकर बिना शर्त माफी माँगनी चाहिए।

कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि जब यह मामला हुआ उस समय वह सदन में नहीं थे और उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है। वह सदस्यों से बात करेंगे और इस बारे में उनसे सारी स्थिति को लेकर जानकारी हासिल करेंगे।

श्रीमती ईरानी की पीछे वाली सीट पर बैठी भाजपा की संगीता देव ने कहा कि कांग्रेस के दोनों सदस्य आस्तीन चढ़ाकर मारने के अंदाज में महिला एवं बाल विकास मंत्री के पास आए। उन्होंने एक महिला सदस्य को अत्यंत गलत और धमकी भरे अंदाज में अपनी बात कही है। इस बीच सत्ता पक्ष के सदस्यों ने हँगामा शुरू कर दिया जिस पर पीठासीन सभापति मीनाक्षी लेखी ने सदन की कार्यवाही दोपहर बाद ढाई बजे तक स्थगित कर दी।

Share it
Top