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डाक्टर बिटिया को मिला इंसाफ...जहां हुई थी हैवानियत, चारों दरिंदे वहीं किये ढेर, देशभर में मना जश्न, पुलिस पर बरसाये फूल

हैदराबाद। हैदराबाद की डाक्टर बेटी को मात्र नौ दिन में इंसाफ मिल गया है। पुलिस ने डाक्टर बेटी से दरिंदगी करने वाले चारों आरोपियों को उसी स्थान पर एनकाउंटर में मार गिराया, जहां पर उन्होंने डाक्टर बिटिया के साथ दरिंदगी की थी। हैदराबाद पुलिस की इस कार्यवाही से दिन निकलते ही लोगों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया तथा पुलिस के इस कार्य की जमकर प्रशंसा की। हालांकि कुछ लोगों ने पुलिस दरिंदगी करने वाले चारों आरोपियों को इस तरह मार गिराने पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच कराये जाने की मांग की।

तेलंगाना में महिला पशु-चिकित्सक के साथ दुष्कर्म एवं हत्या मामले के सभी चारों आरोपी शुक्रवार तड़के यहां शादनगर के चटनपल्ली में पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गये। इस दौरान दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए हैं। साइबराबाद पुलिस आयुक्त वी. सी. सी. सज्जानर ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए कहा कि यह घटना आज तड़के तीन और छह बजे के बीच हुई है। इस दौरान दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए हैं। उन्होंने बताया कि चारों आरोपियों ने उस समय भागने की कोशिश की, जब क्राइम सीन को रिक्रिएट करने के लिए उन्हें उस जगह ले जाया गया, जहां महिला चिकित्सक का शव मिला था। इस दौरान आरोपियों ने पुलिस पर पत्थर फेंके और उनसे हथियार छीनकर उन पर गोली चलानी शुरू कर दी। पुलिस ने आत्म-रक्षा के लिए चारों आरोपियों- मौहम्मद आरिफ, नवीन, जोल्लु शिव और चिंताकुंता चेन्नाकेशवुलु को गोली मार दी। मुठभेड़ उस स्थान से कुछ ही दूरी पर हुई, जहां महिला पशु-चिकित्सक को जलाया गया था। गौरतलब है कि राज्य के एक सरकारी अस्पताल में सहायक पशु-चिकित्सक के रूप में कार्यरत 26 वर्षीय महिला का शव 28 नवंबर की सुबह शादनगर में जली हुई हालत में मिला था। साइबराबाद पुलिस ने 29 नवंबर को इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया था और उन्हें 30 नवंबर को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। महिला चिकित्सक के पिता ने चारों आरोपियों को मारने के लिए हैदराबाद पुलिस का आभार व्यक्त किया है। महिला चिकिस्तक के पिता ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, 'नौ दिनों बाद आज मेरी बेटी की आत्मा को शांति मिली है।' तेलंगाना सरकार ने मामले की जल्द से जल्द सुनवाई के लिए बुधवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने के आदेश जारी किये थे। राज्य सरकार ने मामले की जल्द सुनवाई के लिए महबूबनगर जिले में प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत को विशेष अदालत के रूप में नामित किया था। दुष्कर्म एवं हत्या की इस घटना के बाद देश के लोगों ने आक्रोश था और जल्द से जल्द न्याय की मांग कर रहे थे। सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं और आम लोगों ने हैदराबाद दुष्कर्म एवं हत्या मामले के चारों आरोपियों को मुठभेड़ के दौरान मारने पर साइबराबाद पुलिस आयुक्त वी. सी. सज्जानर की प्रशंसा करते हुए उन्हें 'हीरोÓ करार दिया। गत 28 नवंबर को हुए इस दर्दनाक घटना के बाद आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने पीडिता के लिए जल्द से जल्द न्याय दिलाने की मांग की थी। इस दौरान दिसंबर 2008 के मामले का उदाहरण भी दिया गया, जब वारंगल की दो इंजीनियरिंग छात्राओं पर एसिड से हमला करने वाले तीन संदिग्धों को आंध्र प्रदेश में पुलिस ने मुठभेड़ में मारा था। संयोगवश उस समय वारंगल जिले के पुलिस अधीक्षक श्री सज्जानर ही थे। मुठभेड़ स्थल पर लोगों ने पुलिस के समर्थन में नारे लगाए और उन पर फूल भी बरसाए। हैदराबाद दुष्कर्म के चार आरोपियों को पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की घटना का गुजरात में व्यापक तौर पर स्वागत किया गया है जबकि राज्य के एक उद्योगपति ने इसके लिए वहां की पुलिस को एक लाख रूपये का इनाम देने की घोषणा भी की है। राज्य के भावनगर के महुवा के उद्योगपति और स्थानीय भाजपा नेता राजभा गोहिल ने कहा कि हैदराबाद की मुठभेड़ की घटना से उन्हें पुलिस पर गर्व का अनुभव हो रहा है। पुलिस ने देश की युवतियों और महिलाओं को सम्मान देने का काम किया है। वह इसके लिए हैदराबाद पुलिस को सलाम करते हैं और वहां जाकर उसे एक लाख रूपये का इनाम देंगे। उधर मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि उक्त घटना को लेकर पूरे देश में रोष था, जिसका एक तरह से जवाब मुठभेड़ की घटना से मिला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता परेश धानाणी ने कहा कि पूरा देश इसका स्वागत कर रहा है। इस घटना से आरोपियों को समय से कुछ पहले ही सजा मिल गयी है। गृहराज्य मंत्री प्रदीपसिंह जाडेजा ने कहा कि हैदराबाद पुलिस ने परिस्थिति के अनुरूप योग्य कदम उठाया है। इन चारों आरोपियों का मुठभेड स्थल पर ही पोस्टमार्टम किया जा रहा है और पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद उनके शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे

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