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उन्नाव में दरिंदगी की इंतहा.. .बलात्कार पीडिता को जिंदा जलाया, घटना ने सभी को झकझोरा, विपक्षी दलों ने योगी सरकार को घेरा

उन्नाव/लखनऊ। तेलंगाना में महिला चिकित्सक के साथ हुई दंरिदगी से देश भर में उपजा जनाक्रोश अभी शांत भी नहीं हुआ था कि उत्तर प्रदेश के उन्नाव में दुष्कर्म की शिकार एक युवती को जिंदा जलाये जाने की घटना ने सभ्य समाज को झकझोर कर रख दिया है।

उन्नाव के बिहार क्षेत्र के हिन्दू भाटन खेड़ा गांव निवासी युवती को दुष्कर्म के आरोपियों ने गुरूवार तड़के उस समय केरोसिन डाल कर आग के हवाले कर दिया, जब वह रायबरेली में अपने वकील से मिलने के लिये बैसवारा रेलवे स्टेशन को निकली थी। लखनऊ के सिविल अस्पताल की आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ रही युवती को देर शाम तक एयर एंबुलेन्स से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाने की तैयारी हो रही है। सिविल अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार युवती 9० फीसदी तक जल चुकी है और उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुयी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना की तीव्र भत्र्सना करते हुए पीडिता के मुफ्त इलाज के बंदोबस्त करने के साथ आरोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी सजा सुनिश्चित करने के यथासंभव उपाय करने के निर्देश दिये हैं। पुलिस के अनुसार आग लगाने की घटना में शामिल सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार दुष्कर्म के दो आरोपी जमानत पर रिहा होने के बाद पीडिता से मामला वापस लेने का दवाब बना रहे थे, जिसे नहीं मानने पर उन्होंने अपने तीन साथियों के घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। पीडिता की तहरीर पर पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

गौरतलब है कि 11 जून 2०17 को उन्नाव सामूहिक बलात्कार के मामले को लेकर देश भर में चर्चा का विषय बना था। दुष्कर्म पीडित युवती ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता और विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उनके साथियों पर बलात्कार का आरोप लगाया था। बाद में रायबरेली में एक सड़क हादसे में बलात्कार पीडिता गंभीर रूप से घायल हो गयी थी जिसे इलाज के लिये एयर एंबुलेंस से दिल्ली भेजा गया था। इस हादसे में पीडिता के दो रिश्तेदारों की मृत्यु हो गई थी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पीडित युवती और आरोपियों में एक ने पिछले साल परिजनों की मर्जी के बगैर विवाह किया था, लेकिन कुछ समय बाद दोनों ने संबंध तोड़ लिये थे। उन्नाव के पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीन ने बताया कि पिछली मार्च को लालगंज पुलिस स्टेशन पर युवती ने शिवम और शुभम के खिलाफ सामूहिक बलात्कार की रिपोर्ट दर्ज करायी थी। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। कुछ समय पहले दोनों जमानत पर रिहा होकर जेल से बाहर आये थे। सूत्रों ने बताया कि आज तड़के वारदात के समय पीडिता अकेली थी। घर से करीब डेढ़ किमी की दूरी पर सुबह चार बजे आरोपियों ने उस पर केरोसिन डालकर आग लगा दी। आग से बचने के लिये युवती दौड़ी और एक गैस एजेंसी के गोदाम के बाहर गिर गयी। चीख पुकार सुन कर वहां मौजूद सुरक्षा गार्ड ने आग बुझाकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह ने कहा कि बलात्कार के आरोपी दोनों आरोपियों को पुलिस ने मार्च में गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन अदालत ने उन्हें जमानत दे दी थी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने अपना दायित्व पूरा किया और अब यह अदालत का मामला था। श्री सिंह का यह बयान वारदात में शामिल सभी पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद आया है। सूत्रों ने बताया कि वारदात के बाद युवती को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया, जहां से उसे उन्नाव जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। पुलिस और जिला प्रशासन के आला अधिकारियों ने डाक्टरों के परामर्श पर पीडिता को लखनऊ ट्रामा सेंटर भेज दिया जहां से युवती को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस बीच विपक्षी दलों ने एक सुर में घटना की तीखी भत्र्सना करते हुये राज्य की योगी सरकार को निशाने पर लिया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट््वीट किया 'कल देश के गृह मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने साफ-साफ झूठ बोला कि यूपी की क़ानून व्यवस्था अच्छी हो चुकी है। हर रोज ऐसी घटनाओं को देखकर मन में रोष होता है। भाजपा नेताओं को भी अब फर्जी प्रचार से बाहर निकलना चाहिए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि महिला सुरक्षा में बुरी तरह विफल राज्य की योगी सरकार को सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है। सरकार को घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुये इस्तीफा दे देना चाहिये। दूसरी ओर उप्र महिला आयोग की अध्यक्ष विमला बाथम ने घटना पर गंभीर रूख अख्तियार करते हुये उन्नाव जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। श्रीमती बाथम ने कहा 'हम इस मामले को लेकर बेहद गंभीर है और सरकार से आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की अनुशंसा करते हैं।Ó समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में बहू बेटियां दहशतभरी जिंदगी जी रही हैं। उनके साथ जिस प्रकार दुष्कर्म, अत्याचार और हत्याओं की खबरें आ रही है, वे दिल दहलाने वाली हैं। सुरक्षा की दृष्टि से प्रदेश की लड़कियों और महिलाओं के लिए यह आज तक का सबसे खराब दौर है। भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश को जघन्य हत्या प्रदेश बना दिया है। कानून व्यवस्था उसके सम्हाले नहीं संभल रही हैं।

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