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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लद्दाख को दी बर्फीली सर्दियों में भी नहीं जमने वाले डीजल की सौगात


सर्दियों में भी प्रभावित नहीं होगी लद्दाख में यात्रा : अमित शाह

नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लद्दाख में अत्यधिक सर्दियों में पेट्रोलियम पदार्थों की निर्बाध उपलब्धता के लिए बनाए गए विशेष विंटर-ग्रेड डीजल की आपूर्ति का रविवार को नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शुभारंभ किया। लद्दाख क्षेत्र के लिए इंडियन ऑयल रिफाइनरी द्वारा विकसित यह शीतकालीन ग्रेड डीजल माइनस 33 डिग्री सेल्सियस के तापमान में भी तरल अवस्था में ही रहेगा।

इस मौके पर अमित शाह ने लेह लद्दाख की जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिर्फ केंद्र शासित प्रदेश ही नहीं बनाया है बल्कि जिस प्रकार विकास भारत के हर नागरिक का हुआ है, उसी प्रकार का वातावरण और विकास लेह लद्दाख और करगिल के निवासियों का होना सुनिश्चित है।

उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम मंत्रालय और इंडियन ऑयल ने माइनस 33 डिग्री में भी अपनी तरलता बनाए रखे, ऐसे स्पेशल ग्रेड डीजल को लद्दाख पहुंचाने में सफलता प्राप्त की है। इससे लेह लद्दाख के लोगों के जीवन में नई शुरुआत होगी और जब सबसे ज्यादा पर्यटक आने का समय होता है, तब वहां अब यातायात की सुविधा उपलब्ध होगी, जो पहले नहीं होती थी। इससे वहां के पर्यटन और अर्थव्यवस्था को बहुत मजबूती मिलेगी।

शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार ने जो कार्य किया है, इससे हजारों साल से लद्दाख को जो अन्याय झेलना पड़ता था, अब उसको इतिहास बनाकर लेह लद्दाख को विकास की एक नई सुबह की ओर ले जाने का काम हुआ है। 2014 से ही नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार ने 70 साल से उपेक्षित इस हिस्से को भारत के बाकी हिस्सों के साथ समानता के स्तर पर लाने का प्रयास किया।

उन्होंने कहा कि लद्दाख एक्ट में संशोधन करके स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद को सर्वाधिक स्वायत्तता दी गई। एक प्रकार से लद्दाख के नागरिकों को स्वयं अपने विकास का नक्शा खींचने की स्वायत्तता प्रदान की गई। लेह-लद्दाख के दूर-दराज के क्षेत्रों में बिजली पहुंचाने के लिए श्रीनगर-लेह ट्रांसमिशन का काम भी 2014 से 2019 के बीच ही पूरा किया गया है।

शाह ने कहा कि लेह और करगिल जिलों में 14 सौर ऊर्जा योजनाओं पर काम चल रहा है। मुझे विश्वास है कि जिस प्रकार से प्रधानमंत्री ने यहां के विकास के विषय में ठान लिया है, उससे मुझे लगता है कि आने वाले समय में लेह लद्दाख सौर ऊर्जा उत्पन्न करने वाला सबसे बड़ा केंद्र शासित प्रदेश बन जाएगा। टूरिज्म एक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए 5 नए पर्यटक सर्किट और नए ट्रैकिंग रूट भी खोले गए हैं, जिन्हें अभी गृह मंत्रालय ने मंजूरी दी है। यहां के दूर दराज के इलाकों में सब्सिडाइज हेलीकाप्टर सेवा भारत सरकार की 75 प्रतिशत ग्रांट के साथ हमने शुरू कर दी है।

उन्होंने कहा कि लद्दाख में 9 मेगावाट क्षमता की पन बिजली परियोजना शुरू हो गई है। लद्दाख में भारत का सबसे बड़ा सौर ऊर्जा प्लांट, जिसकी क्षमता 7500 मेगावॉट है, वो भी 50 हजार करोड़ की लागत के साथ 4 साल की निश्चित अवधि में बनकर तैयार हो जाएगा।

इस मौके पर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धमेन्द्र प्रधान और लद्दाख के भाजपा सांसद जम्यांग त्सेरिंग नामग्याल भी मौजूद थे।


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