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राजनीति: कल्कि भगवान आयकर रेड के दायरे में

राजनीति: कल्कि भगवान आयकर रेड के दायरे में

आंध्र प्रदेश का रायलसीमा क्षेत्र बहुत सुंदर दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है पर इस धरती ने देश को कई साधुसंत भी दिए हैं। अनंतपुर जिले का पुट्टापर्थी क्षेत्र सत्यसाईं बाबा के लिए प्रसिद्ध रहा है और बहुत से वीआईपी उनके दर्शन करने के लिए और इनका आशीर्वाद लेने के लिए जाते रहे हैं। सत्य सांईं बाबा के अतिरिक्त पड़ोसी जिले कुरनूल में भी बाला साई बाबा रहे हैं जिनके काफी संख्या में अनुयायी रहे हैं। बाला साईं बाबा भी सत्य साई बाबा की तरह लंबे बाल रखते थे और उनके काफी शानदार आश्रम थे। उनके अनुयायी उन्हें मैजिक बाबा भी कहते थे। पिछले वर्ष 58 साल की आयु में कार्डियक एरेस्ट के कारण उनकी मृत्यु हो गई। वे भी सत्य साई बाबा की तरह अपने मुंह से शिवलिंग और छोटे-छोटे आभूषण निकाल की दिखाया करते थे। उनके आश्रम हैदराबाद और कुरनूल में थे और विदेशों में भी उनके काफी अनुयायी रहे हैं।

उनके अतिरिक्त इस क्षेत्र में एक और प्रसिद्ध बाबा देश को दिए हैं जो अपने को श्री भगवान और विष्णु का कल्कि अवतार घोषित करते हैं। पिछले दिनों उनके चैन्नई,हैदराबाद, बैंगलूरू और चित्तूर स्थित आश्रमों ने पड़े छापों में श्री भगवान की 500 करोड़ रू. की अघोषित आय का पता चला। इनमें से 93 करोड़ रू. तो नगद के रूप में थे जबकि 409 करोड़ रू. अन्य संपत्तियों के रूप में पाए गए। इसमें 18 करोड़ रू. के डालर, 26 करोड़ रू. के 88 किलो स्वर्ण आभूषण और 5 करोड़ रू. के हीरे-जवाहरात भी शामिल हैं।

श्री भगवान का जन्म 1949 में तमिलनाडु के नाथम क्षेत्र में हुआ और पढ़ाई पूरी कर उन्होंने एलआईसी में क्लर्क के रूप में कार्य प्रारंभ किया। 1984 में उन्होंने अपने एक मित्र शंकर के साथ मिलरि आंध्र प्रदेश के राजूपेट्टा में जीवाश्रम नाम का स्कूल प्रारंभ किया जहां आध्यात्मिकता की शिक्षा दी जाती थी। 1989 तक उन्होंने अपने को विष्णु भगवान का कल्कि अवतार घोषित कर दिया। उन्होंने एकता और इंस्टेंट निर्वाण का विचार दिया जिससे वह बहुत लोकप्रिय हो गए और उन्होंने तमिलनाडू, आंध्रप्रदेश,कर्नाटक और महाराष्ट्र में आश्रम खोल दिए और अपनी पत्नी पदमावती को अम्मा भगवान के रूप में प्रचारित करना प्रारंभ कर दिया।

श्री भगवान के दर्शन के लिए 5000रू. प्रति श्रद्धालु शुल्क था जबकि विशेष दर्शन के लिए 50,000 रू का शुल्क था। उन्होंने तमिलनाडू आंध्र,सीमा पर स्थित गांव टाडा में 400 एकड़ का आश्रम बनवाया है जहां शानदार भवन बनवाए गए हैं। जांच एजेंसियों ने उनके पुत्र एन.के.वी कृष्णा और उनकी पत्नी प्रीति से भी पूछताछ की। एन.के.वी.कृष्णा आश्रम के संचालक हैं और कई कंपनियां चलाते हैं जो रियल एस्टेट,कंस्ट्रक्शन माइक्र ोफाइनेंस और प्रकाशन के व्यवसाय करती हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि श्री भगवान ने विदेशों में हवाला से पैसा भेजकर कई संपत्तियां खरीदी हैं। उनके विरूद्ध फॉरेन एक्सचेंज एक्ट में भी मामले दायर किए गए हैं।

इससे पहले सितंबर 2013 में भी एन.के.वी. कृष्णा को टैक्स चोरी और कृषि भूमि के अवैध अधिग्रहण का दोषी पाया जा चुका है। ईडी और इनकम टैक्स विभाग ने कल्कि आश्रम ट्रस्ट के मैनेजर लोकेश दासा जी से पूछताछ की है। चर्चा है कि श्री भगवान के तेलुगू देशम पार्टी से नजदीकी संबंधों के कारण से रेड हुई है किंतु आयकर विभाग का कहना है कि हमें कई सूत्रों से जानकारी मिली थी कि आश्रम द्वारा एकत्र की गई अघोषित आय को विदेश भेजा जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार श्री भगवान और पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रा बाबू नायडू आंध्र की प्रभावशाली कम्मा जाति से संबंध रखते हैं। नायडू के कार्यकाल में 3 मंत्री नियमित रूप से भगवान के आश्रम आया करते थे। कृष्णा के तेलुगू देशम से संबंध और भी नजदीकी हैं। कृष्णा टीडीपी के नजदीकियों द्वारा संचालित न्यूज चैनल स्टूडियो एन के पार्टनर बताए जाते हैं। हाल में स्टूडियो एन के कार्यालयों में भी आयकर विभाग की रेड हुई थी। कृष्णा ही आश्रम की व्यापारिक गतिविधियों का संचालन करते हैं क्योंकि श्री भगवान कई स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त हैं।

आश्रम के नजदीकी रहे एक कार्यकर्ता का कहना है कि भगवान के अनुयायिओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। इसके अतिरिक्त आश्रम के पास 5000 रू से 10,000 रू. प्रति एकड़ की दर से खरीदी गई बहुत अधिक भूमि है जिसका मूल्य अब 1 करोड़ रू. प्रति एकड़ है। उनके पास इतनी संपत्ति है कि उसका आकलन करना भी बहुत कठिन है। अत: श्री भगवान जैसे पहले ऐसी समस्याओं से निकलते रहे हैं, वैसे ही इससे भी निकल जाएंगें, इसमें संदेह नहीं।

- अशोक गुप्त

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