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सोशल चौपाल

  • भारत का मैडम तुसाद संग्रहालय: मोम से बनी मूर्तियों का एक आकर्षक संग्रहालय है सेलेब्रिटी वेक्स म्यूजिय़म

    विश्व में बड़े-बड़े शहरों से लेकर छोटे-छोटे क़स्बों तक में विभिन्न प्रकार के संग्रहालय देखने को मिल जाएँगे। किसी संग्रहालय का संबंध ललित कलाओं से है तो किसी का संबंध लोक-कलाओं से। किसी संग्रहालय का विषय पारंपरिक शिल्प और कलाएँ हैं तो कहीं अत्याधुनिक तकनीक का प्रदर्शन किया जा रहा है। कई संग्रहालय...

  • होली जगत: आज न छोड़ेंगे हमजोली

    मस्ती का दूसरा नाम है होली। 'होली' यानी मस्ती, मस्ती और मस्ती। यूं तो देह कंपकंपाती सर्दी से निजात दिलाता वसंत आता है मस्ती का संदेश लेकर। वसंतपंचमी से शुरू हुआ मस्ती का यह ज्वर होली-धुलहंडी तक अपने चरम पर पहुंच जाता है। धीरे-धीरे आई मादकता आज यानी होली-धुलंडी तक मस्ती और मदमस्ती के रूप में फट पड़ती ...

  • होली विशेष: होली के रंग : मस्ती और मर्यादा संग

    खुशी व अपनेपन के रंगों से सराबोर करने की परम्परा का दूसरा नाम है होली। सही मायनों में समझें तो होली केवल रंग बिखेरने या गुलाल लगा देने भर का त्यौहार नहीं वरन् वह मन में कितने भी गहरे में पल रहे वैर भाव को धो डालने वाला पर्व है, ऐसा पर्व जो ऊंच नीच बड़े - छोटे, अपने- पराए, शूद्र या ब्राह्मण सबके...

  • करियर: वेडिंग मैनेजमेंट: बैठे-बिठाए धंधा

    शादी में होने वाली विभिन्न व्यवस्थाओं के बारे में ज्यादातर सभी को पता होता है। शादियों के समय इतने काम होते हैं कि यदि हर व्यक्ति को अलग-अलग काम सौंपे जाएं तो भी कोई न कोई काम रह ही जाता है। इसलिए अब शादी की व्यवस्था के लिए वेडिंग प्लानरों को काम सौंपकर घरवाले शादी एंज्वाय करते हैं और वेडिंग प्लानर...

  • राष्ट्ररंग: देश और समाज बदलने की चाह रखते हैं आज के युवा

    नए सपने, नई चाह और नया रास्ता। यही जज्बा युवा पीढ़ी की पहचान है। आज युवा अपने सपने ही पूरे नहीं कर रहे हैं बल्कि उनमें देश और समाज को बदलने की गहरी इच्छा है। यह पीढ़ी अपने संकल्पों से देश में नई क्र ांति और आजादी ला रही है। वर्ष 2018 में वल्र्ड इकॉनॉमिक रिसर्च फाउंडेशन ने युवाओं की आकांक्षाओं और...

  • मुद्दा: शांति के लिए भ्रम निवारण जरूरी

    हमारे संविधान निर्माताओं ने जनता द्वारा चुनी हुई संसद को नया कानून बनाने, कानून में फेरबदल करने से संविधान संशोधन का अधिकार दिया है। इसीलिए 26 जनवरी 1950 से आज तक की सभी सरकारों के कार्यकाल में समय-समय पर अनेक कानून बने। अब तक 126 संविधान संशोधन हो चुके हैं। संसद द्वारा पारित कुछ कानूनों की न्यायिक...

  • बढ़ता ही जा रहा है दहेज का जाल

    वर्तमान समय में दहेज नाम की कुप्रथा समाज में महामारी के रूप में फैल रही है। यह प्रथा समाज का कोढ़ बन गयी है जो दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। इस कुप्रथा की वजह से न जाने कितने घर तबाह होते हैं और कितने ही पिता अपनी बेटियों की शादी में दहेज देने के कारण कर्ज के नीचे दब जाते हैं जिससे वह आजीवन कर्ज...

  • राजनीति: कल्कि भगवान आयकर रेड के दायरे में

    आंध्र प्रदेश का रायलसीमा क्षेत्र बहुत सुंदर दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है पर इस धरती ने देश को कई साधुसंत भी दिए हैं। अनंतपुर जिले का पुट्टापर्थी क्षेत्र सत्यसाईं बाबा के लिए प्रसिद्ध रहा है और बहुत से वीआईपी उनके दर्शन करने के लिए और इनका आशीर्वाद लेने के लिए जाते रहे हैं। सत्य सांईं बाबा के अतिरिक्त...

  • मुद्दा: पक्षियों का अस्तित्व बचाना होगा

    कहते हैं इस जीव-जगत में किसी का अस्तित्व खत्म करना हो तो उसके आवास और भोजन को नष्ट कर दो। वह जाति और प्रजाति स्वयं नष्ट हो जाएगी। वही स्थिति पक्षियों के साथ हुई। पक्षियों की कई प्रजातियां विलुप्ति की कगार पर हैं। कई पक्षियों की आबादी तेजी से घट रही है। कहीं-कहीं तो वे अब ढूंढ़े भी नहीं मिल पा रहे।...

  • मुद्दा: भारत का समूचा विपक्ष नपुंसक

    भारत का समूचा विपक्ष नपुंसक हो कर एक साथ चार काम कर रहा है। एक तो हवाई फायर बेहिसाब कर रहा है। इस लिए भी कि जमीनी फायर की क्षमता खो चुका है। दूसरे , एन जी ओ चला रहा है। तीसरे , पाकिस्तान के साथ कंधे से कंधा मिला कर छोटे भाई की तरह पूरी तरह बरबाद होने पर उतारू है। जैसे पाकिस्तान अपनी साख पूरी दुनिया...

  • प्रश्न चिन्ह: वेश्यावृत्ति संशोधन कानून से क्या लाभ हुआ?

    वेश्यावृत्ति संशोधन कानून भ्रष्ट अफसरशाही हेतु कानून की आड़ में पैसा बनाने का एक और जरिया है। वेश्यावृत्ति संशोधन कानून की सिफारिशों के मुताबिक अब अगर कोई व्यक्ति वेश्यालय जाएगा तो उसे पचास हजार रूपए तक जुर्माना और सजा हो सकती है। मंत्रियों के समूह ने 2008 में हुई बैठक में अनैतिक मानव तस्करी...

  • अपसंस्कृति की संड़ांध का परिणाम

    वैश्वीकरण व खुली अर्थव्यवस्था के नाम पर पश्चिमी देशों ने अपने आर्थिक हितों की पूर्ति के लिए जो हथकंडे अपनाये, उसके साथ पश्चिमी देशों की गंदगी भी हमारे समाज में घुल रही है। सूचना प्रौद्योगिकी की क्र ांति के साथ उनकी अपसंस्कृति के वायरस हमारे तंत्र में घुल रहे हैं। इंटरनेट पर लाखों अश्लील साइटें देश...

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