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कृत्रिम नहीं, प्राकृतिक सौंदर्य जरूरी है

कृत्रिम नहीं, प्राकृतिक सौंदर्य जरूरी है

सिर्फ साधारण रंग-रूप वाली ही नहीं बल्कि खूबसूरत लड़कियां भी अपनी सौंदर्य बढ़ाने के लिए आतुर होती हैं। वे ज्यादा से ज्यादा खूबसूरत दिखना चाहती है परंतु इससे ज्यादा जरूरी है अपने वास्तविक सौंदर्य की रक्षा करना। आप की अपनी खूबसूरती में निखार तभी ला सकती हैं अपने प्राकृतिक सौंदर्य की रक्षा करके।

आइए, कुछ ऐसी बातों पर गौर करें जो बिना कृत्रिम सौंदर्य प्रसाधनों के प्रयोग के ही सौंदर्य बढ़ाने में सहायक हैं परंतु आप इसकी तरफ ध्यान नहीं देती -

- शरीर को सुंदर दिखने के लिए महंगे साबुन या उबटन लगाती हैं पर नहाते वक्त ठीक तरह से शरीर की सफाई नहीं करती हैं।

- बाल काले और आकर्षक बनाने के लिए हजारों नुस्खे अपनाने को तैयार रहती हैं परंतु उन्हें ठीक तरह से धोकर कंघी नहीं करती हैं।

- नाखून खूबसूरत दिखाने के लिए पॉलिश करती हैं पर उन्हें समय पर काटती नहीं।

- कई बार मुंह में उंगली डालकर चबाते रहने से भी नाखून खराब होते हैं।

- लड़कियां अक्सर गहने पहनने की काफी शौकीन होती हैं जो वास्तव में उनकी खूबसूरती पर चार चांद लगा देते हैं लेकिन ध्यान रहे वही गहने पहनें जो आप पर जंचते हों।

- यदि आप हल्के या छोटे कपड़े पहनकर आकर्षक दिखना चाहती हैं तो ध्यान रहे कि बेवजह बाल या दाग वगैरह न दिखें।

- अंगप्रदर्शन हद तक हो तो यह न सिर्फ सौंदर्य बढ़ाता है बल्कि जायज भी होता है परंतु हद से ज्यादा होने पर अश्लीलता प्रदर्शित करता है।

- आकर्षक दिखने के लिए महंगे कपड़े पहनना जरूरी है जो आपकी उम्र, रंग-रूप और शारीरिक बनावट के अनुसार हों। इस बात का ध्यान उस समय अवश्य रखें जब आप रेडीमेड कपड़े खरीदती हैं।

- आपने महसूस किया होगा कि कोई आपसे कम सुंदर (गोरी) है, फिर भी लोगों को ज्यादा आकर्षित करती है। इसका कारण है कि उसने अपनी प्राकृतिक सौंदर्य की रक्षा की है। यदि आपका खान-पान और पहनावा ठीक है एवं साफ सफाई पर ध्यान देती हैं तो यकीन मानिए आप ज्यादा कृत्रिम सौंदर्य प्रसाधनों का इस्तेमाल करें या न करें, गहने पहनें या न पहनें, आपकी खूबसूरती की तारीफ में कोई भी कह सकता है - न कजरे की धार, न मोतियों का हार, फिर भी कितनी सुंदर हो या फिर बिना गहने-श्रृंगार के तुम लगती हो दुल्हन।

- चन्द्रशेखर आजाद

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