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परेशान हैं आयरन की कमी से

परेशान हैं आयरन की कमी से

अक्सर हमारे देश में महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति सतर्क नहीं रहती क्योंकि वे काम के अधिक बोझ से परेशान रहती हैं। परिणाम, अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही का शिकार बन जाती हैं। नौकरी करने वाली महिलाओं पर काम का दोगुना बोझ रहता है। घर संभालने वाली महिलाओं पर घर संभालने के अतिरिक्त बाहर का मोर्चा भी संभालना होता है इस चक्कर में वे अपना ध्यान रखना भूल जाती हैं। कभी नाश्ता, कभी लंच स्किप कर देती हैं।

लंबे समय तक इसी रूटीन में रहने से उन्हें थकान महसूस होने लगती है। अगर इस थकान को दूर करने के लिए कुछ करती हैं तो सेहत ठीक बनी रहती है। अगर थकान के प्रति भी लापरवाह बनी रहती हैं तो थकान कमजोरी का रूप ले लेती है। बहुत समय तक वे सोचती हैं कि काम के बोझ के कारण ऐसा हो रहा है पर यह सब आयरन की कमी के कारण होता है। आयरन की कमी से शरीर में खून की कमी हो जाती है जो छोटी छोटी कई बीमारियों का रूप धारण कर लेती हैं।

लक्षण आयरन की कमी से

- थकान महसूस होना।

- नाखूनों का टूटना।

- बालों का झडऩा।

- मन का उदास रहना।

- आलस्य बना रहना।

- काम करने का मन न करना।

- त्वचा का बेजान होना।

- गुस्सा ज्यादा आना।

- स्वभाव में चिड़चिड़ापन होना।

- माहवारी में अधिक रक्तन्नव होना।

- भूख न लगना।

शोध के अनुसार भारत में प्रति तीन महिलाओं में से एक महिला अनीमिया की शिकार होती है। लगातार अनीमिक रहने से बच्चा भी अनीमिक हो सकता है। इससे निपटने के लिए महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना चाहिए। गर्भावस्था या बच्चा होने के बाद भी उन्हें अपने आहार पर विशेष ध्यान देना चाहिए। गर्भकाल और बच्चा होने के बाद उन्हें आयरन की दवा नियमित लेनी चाहिए। अगर थकान फिर भी बनी रहे तो डाक्टर से संपर्क कर उचित इलाज करवाना चाहिए।

आयरन की कमी को दूर करने के लिए उन्हें नियमित हरी पत्तेदार सब्जियां, बींस, मटर, इमली, चुकंदर, टमाटर, ब्रोकली, मशरूम का सेवन करना चाहिए। इसके अतिरिक्त तरबूज, केला, बादाम, काजू, खजूर, किशमिश व अंगूर का सेवन करना चाहिए ताकि शरीर में आयरन की कमी न हो।

- नीतू गुप्ता

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