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त्वचा में निखार लाती है विटामिन थेरेपी

त्वचा में निखार लाती है विटामिन थेरेपी

निखरी त्वचा का सपना हर औरत का होता है। वे त्वचा निखारने के लिए कुछ भी करने को तैयार रहती हैं

चाहे इसके लिए क्रीम, फेस पैक या बोटॉक्स थेरेपी ही का क्यों न प्रयोग करना पड़े।

वैसे तो सुंदर त्वचा के लिए कई ब्यूटी प्राडक्ट्स बाजार में मिल जाएंगे पर उन सब ब्यूटी प्रॉडक्ट्स में कैमिकल्स होते हैं जो आगे चलकर कोई न कोई साइड इफेक्ट दिखा सकते हैं।

विटामिन थेेरेपी एक ऐसी प्रक्रि या है जो बिना किसी साइड इफेक्ट के त्वचा में लंबे समय तक निखार लाती है। इसके लिए आप स्वयं के डाक्टर नहीं बन सकते। यह आपको स्पेशलिस्ट से राय लेकर करवानी होगी। वे आपकी त्वचा के अनुरूप विटामिन थेरेपी के बारे में जानकारी देते हैं। विटामिंस के बारे में सभी जानते हैं कि ने हमारी सेहत के लिए बहुत ही लाभप्रद होते हैं। हमारी त्वचा को सॉफ्ट, फेयर और चमकदार बनाते हैं।

विटामिंस हम फलों से प्राप्त तो कर सकते हैं पर एक सीमित मात्रा में। इसके साथ हम यह नहीं जानते कि हमें कौन-सा विटामिन कितनी मात्रा में नियमित कब तक लेना चाहिए। विशेषज्ञों की देखरेख में हम उनकी सही मात्रा कैप्सूल के रूप में ले सकते हैं। अब तो कई विटामिंस के सीरम भी उपलब्ध हैं, जिन्हें हम त्वचा पर लगा कर अपनी त्वचा में मनचाहा निखार पा सकते हैं। सही क्वालिटी में सही तरीके से विटामिंस के इस्तेमाल से हम अपनी त्वचा को झुरियों, पिंपल्स, एक्ने और दाग धब्बों से छुटकारा दिला सकते हैं।

किसी भी आयु वर्ग के लोग इस थेरेपी को अपना सकते हैं और बढ़ती उम्र संबंधी समस्याओं से दूरी बना कर रख सकते हैं। विकसित देशों में अब इस थेरेपी को प्रोत्साहित किया जा रहा है। भारत में भी बड़े शहरों में अमीर महिलाएं, मॉडल्स, सिलेब्रिटीज इसे तेजी से अपना रही हैं।

साफ्ट त्वचा के लिए विटामिन 'ई'

विटामिन ई त्वचा के टिश्यूज की तोडफ़ोड़ को ठीक रखता है। खुश्क त्वचा के लिए भी विटामिन ई दिया जाता है। विटामिन ई एंटी एजिंग है और त्वचा की नर्मी और दाग धब्बों के लिए कारगर है। खुश्क त्वचा निस्तेज लगती है। विटामिन ई के सेवन से और त्वचा पर लगाने से खुश्क त्वचा में बदलाव दिखाई देता है। विटामिन ई त्वचा की ऊपरी परत को चमकदार बनाता है और सूर्य की अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से हुए नुकसान की भरपाई भी करती है।

स्मूद त्वचा के लिए विटामिन 'ए'

विटामिन 'ए' त्वचा में कसाव लाता है, त्वचा को क्रक्स से बचाता है और झुर्रियों से दूरी बनाकर रखता है। विटामिन 'ए' के सेवन से त्वचा स्मूद रहती है। अगर झुर्रियां खाली चेहरे पर हैं तो विटामिन 'ए' का कैप्सूल या सीरम चेहरे पर लगा सकते हैं।

त्वचा की रंगत संवारता है विटामिन सी

गोरी त्वचा के लिए विटामिन सी बहुत ही लाभदायक होता है। विटामिन 'सी' की उचित मात्र का अगर प्रयोग किया जाए तो रंग में काफी फर्क आता है पर उसके प्रयोग करने के बाद हमें सूर्य की किरणों से अपनी त्वचा को बचा कर रखना होता है। विटामिन सी हमें रसेदार फलों के जूस से प्रचुर मात्रा में प्राप्त हो जाता है। चेहरे पर एप्लाई करने के लिए विशेष तरह के कैप्सूल होते हैं जिन्हें खोलते ही चेहरे पर लगाया जाता है। अगर पहले का खुला कैप्सूल हो तो वो बेकार हो जाता है।

विटामिन थेरेपी को नैनो टेक्नॉलजी भी कहा जाता है। इनके कैप्सूल विशेष होते हैं जिन्हें ट्विस्ट कर चेहरे पर लगाया जाता है और उनमें सीमित मात्रा में विटामिंस के बहुत छोटे पार्टिकल्स (कण) होते हैं जिन्हें त्वचा आसानी से अपने भीतर अब्जार्ब कर लेती है। यह टेक्नॉलजी उन लोगों के लिए बहुत कारगर है जो किसी भी प्रकार की दवा न लेना चाहते हों या कोई सर्जरी न कराना चाहते हों। इनमें विटामिंस होने के कारण कोई साइड इफैक्ट भी नहीं होते। बस इसे सही मात्रा में प्रयोग करना होता है जो आप किसी विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में ही करें तो बेहतर होगा।

इन्हें इंजेक्ट भी किया जा सकता है

कभी आपको किसी विशेष समारोह या पार्टी में जाना हो और त्वचा निस्तेज लग रही हो तो उसमें ग्लो लाने के लिए विटामिंस को आपकी स्किन में इंजेक्ट भी किया जा सकता है। इंजेक्शन देने में ध्यान रखा जाता है कि विटामिन सीधा खून में ही जाए। इसे किसी भी आयु वर्ग के लोग लगवा सकते हैं। विटामिन ई को इंजेक्ट नहीं किया जा सकता।

विटामिन थेरेपी का प्रभाव आप कम से कम एक डेढ़ महीने बाद महसूस कर सकते हैं। विटामिन थेरेपी बोटॉक्स के मुकाबलों में सस्ती भी है।

-नीतू गुप्ता

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